दक्षता विकास केंद्र युवाओं के कौशल, आत्मविश्वास और उज्जवल भविष्य की आधारशिलाः मुख्यमंत्री नायब सैनी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल में क्षेत्रीय दक्षता विकास केंद्र का किया उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने युवाओं को तीन संकल्प लेने का किया आह्वान
चंडीगढ़, 13 अगस्त- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को सोनीपत स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल में क्षेत्रीय दक्षता विकास केंद्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह केंद्र प्रदेश के युवाओं के कौशल, आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है, इस कौशल प्रयोगशाला से सीखकर युवा सीधे उद्योगों तक पहुंचेगा। उनके सपनों को रोजगार, उद्यम तथा राष्ट्र-निर्माण की शक्ति मिलेगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विश्वविद्यालय के मेधावी स्कॉलर और शिक्षकों को एक्सीलेंस अवॉर्ड दिए। उन्होंने दक्षता विकास केंद्र लैब का स्वयं अवलोकन किया और विद्यार्थियों से बातचीत करके उन्हें बधाई भी दी।
उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय का नाम किसान मसीहा दीनबंधु सर छोटू राम जी के नाम पर है। जिन्होंने सपना देखा था कि भारत में परिश्रम करने वालों को सम्मान मिले। आज यह केंद्र सर छोटूराम के विचार का आधुनिक विस्तार है। आज हमारे युवाओं का कौशल विकसित भारत और विकसित हरियाणा की दिशा तय कर रहा है। सर छोटू राम जी का कृषि-विजन और आधुनिक तकनीक का यह संगम मुरथल से पूरे प्रदेश के लिए नई प्रेरणा बनेगा। उन्होंने वीई कमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड–वोल्वो समूह और आइशर मोटर्स के इस संयुक्त उद्यम की प्रशंसा की और उनके इस प्रयास को उद्योग और अकादमिक जगत के बीच विश्वास का सेतु बताया।
*युवाओं से तीन संकल्प का किया आह्वान*
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विद्यार्थियों से तीन संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि पहला संकल्प– जीवन भर सीखते रहें, क्योंकि तकनीक बदलती है और सीखना ही हमें प्रासंगिक रखता है। दूसरा संकल्प– कौशल के साथ चरित्र निर्माण करें, क्योंकि ज्ञान शक्ति देता है, पर ईमानदारी उस शक्ति को सही दिशा देती है। तीसरा संकल्प– जो सीखें, उसका कुछ अंश समाज को लौटाएं, क्योंकि सफलता का सर्वोच्च रूप सेवा है। उन्होंने कहा कि याद रखिए, डिग्री आपको पहला अवसर दे सकती है, लेकिन अनुशासन, परिश्रम और संवेदनशीलता ही आपको दूर तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने हमारे सामने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प रखा है। आज रखी जा रही इस आधारशिला और हमारे प्रयासों का वास्तविक परिणाम भविष्य में हमारे सामने आएगा।
*हरियाणा का युवा तकनीक में आ रहे बदलाव का दर्शक नहीं बल्कि नायक बने*
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस विश्वविद्यालय में स्थापित वोल्वो-आइशर लेबोरट्री ने शिक्षकों और विद्यार्थियों को आधुनिक कमर्शियल व्हीकल टेक्नोलॉजी से जोड़ने का काम किया है। इस केंद्र की सफलता इसके प्रशिक्षित युवाओं, पेटेंट, स्टार्टअप, सुरक्षित वाहनों और बेहतर सेवाओं से तय होगी। उन्होंने कहा कि आज ऑटोमोबाइल क्षेत्र बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। इसलिए कौशल भी स्थिर नहीं रह सकता, जो कल मैकेनिक था, आज वह मेका-ट्रॉनिक्स तकनीशियन है। जो कल कमी देखकर अनुमान लगाता था, आज वह डेटा पढ़कर निदान करता है। मैं चाहता हूं कि हरियाणा का युवा इस बदलाव का दर्शक नहीं, नायक बने। यही हमारी सरकार का संकल्प है।
*युवाओं को तराशने के लिए निरंतर कौशल विकास पर हो रहा कार्य*
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि युवाओं को तराशने के लिए हरियाणा सरकार निरंतर कौशल विकास पर कार्य कर रही है। हरियाणा कौशल विकास मिशन का गठन किया गया है तथा जिला पलवल के दुधौला में श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पंचकूला में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान, कुरुक्षेत्र में एनआईईएलआईटी, रोहतक में आईआईएम, उमरी में एनआईडी और सोनीपत में आईआईटी दिल्ली के विस्तार केंद्र स्थापित किए गए हैं। अब तक 1 लाख 56 हजार युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि राज्य के 60 आईटीआई संस्थानों को लगभग 3,000 करोड़ रुपये की लागत से उन्नत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025–26 में 106 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में 295 औद्योगिक प्रतिष्ठानों के सहयोग से आधुनिक मशीनों पर ऑन द जॉब प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही ‘नई स्टार्टअप नीति’ के तहत प्रदेश में 10 हजार से अधिक युवा स्टार्टअप स्थापित किए जा चुके हैं।
*कौशल के दम पर युवा नौकरी मांगने वाला नहीं रोजगार देने वाला बने*
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा की पहचान किसान, जवान, खिलाड़ी और अब तेजी से आगे बढ़ते तकनीकी कौशल से है। हमें ऐसी शिक्षा चाहिए जिसमें हमारा युवा विश्वस्तरीय तकनीक सीख सके। हमारी बेटियां ऑटोमोबाइल डिजाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा और डायग्नोस्टिक्स में नेतृत्व कर सकें। आईटीआई, पॉलिटेक्निक, विश्वविद्यालय और उद्योग एक-दूसरे से जुड़े रहें और कौशल के बल पर युवा नौकरी मांगने वाला ही नहीं, रोजगार देने वाला बने। यही ‘वोकल फॉर लोकल’ से ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ की यात्रा है। यही आत्मनिर्भर हरियाणा से आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर भारत से विकसित भारत की यात्रा है।
*विश्विद्यालय के लिए बड़ी उपलब्धि: शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा*
हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा ने कहा कि आरसीडीसी लैब का उद्घाटन विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह लैब केवल आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण का केंद्र नहीं, बल्कि उद्योग और शिक्षा जगत के बीच मजबूत समन्वय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और इलेक्ट्रिक वाहन, कनेक्टेड वाहन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन मोबिलिटी तथा सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट जैसी नई तकनीकें भविष्य की दिशा तय कर रही हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को केवल डिग्री तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आरसीडीसी लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को वोल्वो और आइशर के वास्तविक सिस्टम, इंजन और आधुनिक तकनीक पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त होगा। प्रशिक्षण के साथ विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर का कौशल प्रमाण-पत्र भी मिलेगा, जिससे उन्हें देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
इस मौके पर सोनीपत विधायक श्री निखिल मदान, चेयरमैन श्री मोहनलाल बडौली, दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल के कुलगुरू प्रोफेसर श्री प्रकाश सिंह, वीई कमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड और वोल्वो समूह के वरिष्ठ अधिकारीगण और जिला प्रशासन के अधिकारीगण मौजूद रहे।
क्रमांक -2026
सफेद बटन मशरूम उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत जगह बना रहा हरियाणा प्रदेश : श्री श्याम सिंह राणा
– राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत
चंडीगढ़ , 13 अगस्त – हरियाणा सरकार राज्य में बागवानी और कृषि क्षेत्र को अधिक लाभकारी बनाकर किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि हरियाणा आज सफेद बटन मशरूम उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत जगह बना रहा है। राज्य सरकार किसानों को मशरूम इकाइयाँ स्थापित करने के लिए 40 से 50 प्रतिशत तक का अनुदान दे रही है। इसके साथ ही, अनुसूचित जाति के किसानों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए विशेष योजनाएँ लागू की गई हैं, जिनके तहत विभिन्न बागवानी गतिविधियों पर 85 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
कृषि मंत्री ने कंकरी दी कि राज्य में बागवानी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बागवानी को व्यापक और आधुनिक स्तर पर बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक नई ‘बागवानी पॉलिसी’ तैयार की जा रही है, जिसे जल्द ही लागू कर दिया जाएगा।
इस वर्ष राज्य के सभी जिलों में स्मार्ट बागवानी तकनीकों—जैसे संरक्षित खेती, एरोपोनिक्स, हाइड्रोपोनिक्स, ग्रीनहाउस और वर्टिकल फार्मिंग—को तेजी से प्रोत्साहित किया जाएगा और लगभग 1,000 एकड़ क्षेत्र को इन आधुनिक तकनीकों के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है।
श्री राणा ने बताया कि बागवानी फसलों के उत्पादन से लेकर उनके मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) और बाजार में सही विपणन (मार्केटिंग) तक किसानों को बेहतर संस्थागत सहयोग देने के उद्देश्य से विभाग के ढांचे में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। इसके तहत विभाग का पुनर्गठन कर इसे नया नाम “बागवानी एवं विपणन विभाग” देने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा, वर्ष 2026-27 के दौरान ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर बागवानी फसलों का पंजीकरण पूरे साल खुला रहेगा, जिससे किसान आसानी से अपनी फसलों का ब्योरा दर्ज करा सकेंगे। वहीं फसलों के बेहतर भंडारण, कीमतों में स्थिरता बनाए रखने और तरराष्ट्रीय स्तर पर निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए एक समर्पित ‘कोल्ड चेन नीति’ भी लागू की जाएगी।
श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि इन सभी महत्वाकांक्षी योजनाओं और नीतियों के माध्यम से हरियाणा सरकार कृषि को आधुनिक, टिकाऊ और अधिक मुनाफा देने वाला क्षेत्र बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
क्रमांक -2026
जंगबीर सिंह
मजबूत होगी जल निकासी व्यवस्था, 12.42 करोड़ रुपये की परियोजना को मिली प्रशासनिक मंजूरी
बारिश के पानी की निकासी को बेहतर बनाने के लिए बनेगा नया स्टॉर्म वाटर ड्रेन
स्थायी समाधान के लिए ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है सरकार: कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा
चंडीगढ़, 13 अगस्त — जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि सरकार प्रदेश में बारिश के पानी की सुचारू निकासी और शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है। इसी कड़ी में अंबाला शहर में पुराने दिल्ली रोड पर जंडली फ्लाईओवर से पॉलिटेक्निक चौक तक नए स्टॉर्म वाटर ड्रेन के निर्माण के लिए 12.42 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की गई है।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान जलभराव से लोगों को राहत देने के साथ-साथ ऐसी मजबूत एवं वैज्ञानिक जल निकासी व्यवस्था विकसित करना है, जो भविष्य में बढ़ती आबादी और शहरीकरण की जरूरतों को भी पूरा कर सके।
उन्होंने बताया कि अंबाला शहर में पुराने दिल्ली रोड के साथ मौजूदा ड्रेनों के ओवरफ्लो होने के कारण बारिश के दौरान सड़क पर पानी भराव होने और यातायात प्रभावित होने की समस्या सामने आ रही थी। ऐसे में इसके निदान के लिए ठोस कदम उठाए गए है।
मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब नए स्टॉर्म वाटर ड्रेन का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री घोषणा के तहत किए जाने वाले इस कार्य से पुराने दिल्ली रोड की बारिश के पानी की निकासी क्षमता बढ़ेगी और जलभराव की समस्या को प्रभावी ढंग से दूर किया जा सकेगा।
परियोजना को तकनीकी रूप से मंजूरी मिलने के बाद अब प्रशासनिक मंजूरी भी प्रदान कर दी गई है।
मंत्री ने कहा कि वर्ष 2026-27 में अर्बन ड्रेनेज एंड फ्लड कंट्रोल के तहत 80 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। प्रदेश में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर परियोजनाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं। इससे शहरी क्षेत्रों में बारिश के पानी की निकासी बेहतर होने के साथ-साथ जलभराव और शहरी बाढ़ के जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी।
कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि सरकार विकास कार्यों को केवल वर्तमान जरूरतों के आधार पर नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ा रही है। आधुनिक एवं प्रभावी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित करना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, ताकि प्रदेशवासियों को मानसून के दौरान बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
क्रमांक -2026
वरिष्ठ अधिवक्ता देवकांत हरको बैंक के प्रोफेशनल डायरेक्टर नियुक्त
चंडीगढ़ , 13 अगस्त – वरिष्ठ अधिवक्ता देवकांत शर्मा को हरियाणा राज्य सहकारी अपेक्स बैंक का प्रोफेशनल डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। अपनी नियुक्ति पर उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा, विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री विनोद शर्मा, भिवानी-महेंद्रगढ़ के सांसद श्री धर्मबीर सिंह, हरको बैंक के चेयरमैन श्री भारत भूषण जुयाल तथा बैंक के सभी निदेशकगण का हृदय से आभार व्यक्त किया।
श्री देवकांत शर्मा, लंबे समय से भिवानी बार में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर उनका प्रमुख उद्देश्य हरको बैंक और सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करना, आमजन एवं किसानों के हित में प्रभावी कार्य करना तथा बैंक के विकास और जनकल्याण को नई दिशा देना रहेगा।
क्रमांक -2026


