चंडीगढ़, 7 सितंबर 2026: पंजाब में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और लाभार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल पर चर्चा हुई। सेक्टर-26 स्थित महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान (MGSIPA) में आयोजित दो सेमिनारों में PDS सुधार, पारदर्शिता, डिजिटल तकनीक, पोर्टेबिलिटी और पोषण सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
पंजाब राज्य खाद्य आयोग (PSFC) के चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा ने कहा कि PDS के संबंध में जमीनी स्तर से फीडबैक लेना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों और फील्ड स्तर से मिलने वाली जानकारी को भविष्य के सुधारों का आधार बनाया जाना चाहिए। उन्होंने पोषण सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बायो-फोर्टिफिकेशन को बढ़ावा देने की भी वकालत की।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की अतिरिक्त निदेशक डॉ. अंजुमन भास्कर ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (NFSA), 2013 के तहत चल रही योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्राथमिकता वाले परिवारों को प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो गेहूं, जबकि अंत्योदय अन्न योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को 35 किलो गेहूं प्रति माह उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने बताया कि NFSA के तहत राज्य में करीब 39.74 लाख राशन कार्ड और लगभग 1.36 करोड़ लाभार्थी कवर किए गए हैं। राज्य में 14,450 उचित मूल्य की दुकानें लाभार्थियों को अनाज उपलब्ध करा रही हैं। राशन कार्डों की 100 प्रतिशत आधार सीडिंग पूरी होने की जानकारी भी दी गई।
अधिकारियों ने PDS में लागू डिजिटल व्यवस्थाओं के बारे में बताया कि राशन कार्ड प्रबंधन प्रणाली, आधार आधारित PDS और FEAST पोर्टल के जरिए अनाज की सप्लाई चेन की निगरानी की जा रही है। ई-POS मशीनों के माध्यम से गेहूं वितरण के लिए बायोमीट्रिक सत्यापन किया जाता है, जबकि नए राशन कार्डों के लिए ई-KYC को अनिवार्य किया गया है।
जून 2024 से जून 2026 के बीच करीब 1.35 करोड़ लाभार्थियों की ई-KYC प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी भी साझा की गई। वहीं, ‘मेरी रसोई योजना’ के तहत मई 2026 में लगभग 36.72 लाख किट वितरित किए जाने की बात कही गई। इन किटों में दाल, चीनी, नमक, हल्दी पाउडर और सरसों का तेल शामिल है।
सेमिनार में PSFC सदस्यों चेतन प्रकाश धालीवाल, विजय दत्त और जसवीर सिंह सेखों ने भी अपने विचार और फील्ड अनुभव साझा किए। लाभार्थियों से सीधे फीडबैक लेने के लिए MGSIPA कार्यालय में आयोग का केंद्रीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने का सुझाव दिया गया।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रमुख सचिव राहुल तिवारी ने इस सुझाव पर सहमति जताते हुए लाभार्थियों तक सीधे पहुंच बनाने के लिए SMS सुविधा वाली IVR प्रणाली स्थापित करने पर जोर दिया। अधिकारियों ने कहा कि इससे PDS से जुड़ी शिकायतों, समस्याओं और लाभार्थियों के अनुभवों को सीधे समझने में मदद मिल सकती है।
दूसरे सत्र में सरकारी योजनाओं में पोषण को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। बाल मुकंद शर्मा ने छोटे बच्चों और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए पोषण की विशेष आवश्यकता पर जोर दिया तथा बायो-फोर्टिफिकेशन को उपयोगी पहल बताया।
विशेषज्ञों ने बच्चों को सही समय पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने, भोजन में प्रोटीन और विविधता बढ़ाने तथा भोजन तैयार करने के दौरान स्वच्छता और सुरक्षित परिस्थितियां सुनिश्चित करने की जरूरत पर बल दिया।
सेमिनार के दौरान बेहतर कार्य करने वाले उचित मूल्य की दुकानों के डिपो धारकों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
News Written By: Priyanka Thakur


