कांग्रेस ने हरपाल चीमा की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग की
-चंडीगढ़ में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया विरोध प्रदर्शन
-मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने से बैरिकेड लगाकर रोका गया
-गुजरात जीत के लिए भाजपा और ‘आप’ के बीच गुप्त समझौता: वड़िंग
-कहा, ईडी ‘आप’ के साथ फिक्स मैच खेल रही है
चंडीगढ़, 8 सितंबर: राज्यभर से आए हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ विशाल विरोध प्रदर्शन किया।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता पंजाब कांग्रेस भवन के बाहर एकत्र हुए और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए मार्च शुरू किया। हालांकि, भारी पुलिस बल ने बैरिकेड लगाकर उन्हें मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने से रोक दिया।
इस मौके पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए वड़िंग ने दिड़बा के गुलज़ार सिंह की आत्महत्या के लिए ज़िम्मेदार वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को तुरंत पद से बर्खास्त करने और गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि गुलज़ार सिंह ने अपने अंतिम बयान में स्पष्ट रूप से कहा था कि उनकी आत्महत्या के लिए चीमा ज़िम्मेदार हैं।
उन्होंने शेरों गांव के मोहनजीत सिंह पर पुलिस द्वारा किए गए अत्याचार का भी ज़िक्र किया, जिसका कसूर सिर्फ इतना था कि उसने मुख्यमंत्री को काला झंडा दिखाने का साहस किया था। उन्होंने बलात्कार के एक आरोपी को दिए जा रहे संरक्षण पर मुख्यमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
पीसीसी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह हैं और दूसरी तरफ अरविंद केजरीवाल व भगवंत मान के बीच गुप्त समझौता हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चाहती है कि ‘आप’ गुजरात में भाजपा-विरोधी वोटों को बांटकर उसकी मदद करे, और इसके बदले भाजपा पंजाब में ‘आप’ की मदद करेगी।
उन्होंने कहा कि इसी कारण ईनफोरसमैंट डायरेक्ट्रेट भ्रष्टाचार के आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पंजाब पुलिस के साथ मिलकर ‘फिक्स मैच’ खेल रहा है। उन्होंने सवाल किया कि जैसे ईडी ने कांग्रेस नेताओं, जैसे साधु सिंह धर्मसोत के मामले में तुरंत गिरफ्तारी की थी, वैसे यहां क्यों नहीं कर रही? उस मामले में ईडी ने पंजाब पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने के लिए नहीं कहा था, लेकिन ‘आप’ नेताओं के मामले में जानबूझकर ढिलाई बरती जा रही है।
गुरप्रीत सिंह सेखों जैसे सजायाफ्ता गैंगस्टर को पार्टी में शामिल करने पर ‘आप’ पर निशाना साधते हुए वड़िंग ने कहा कि जहां पंजाब के लोग गैंगस्टरों से छुटकारा चाहते हैं, वहीं सत्ताधारी पार्टी उन्हें शामिल करके राजनीतिक मंच और ताकत मुहैया करा रही है। उन्होंने कहा कि सेखों को अदालत द्वारा सजा सुनाई जा चुकी है और वह केवल इसलिए बाहर है क्योंकि हाईकोर्ट ने उसकी सजा पर रोक लगाई हुई है। उन्होंने मान से सवाल किया, “आप पंजाब के लोगों को क्या संदेश दे रहे हैं?”
पीसीसी अध्यक्ष ने सरकारी कर्मचारियों को उनका हकदार महंगाई भत्ता न देकर उनके प्रति विरोधी रवैया अपनाने के लिए भी मुख्यमंत्री की निंदा की। उन्होंने कहा कि सरकार न केवल कर्मचारियों को डीए देने से इनकार कर रही है, बल्कि उनके साथ दुश्मनों जैसा व्यवहार कर रही है।
कांग्रेस पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए वड़िंग ने कहा कि वह चाहे किसी भी पद पर रहें, हमेशा कांग्रेस के साथ ही रहेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी हित में काम करने और टिकट पाने वाले हर कांग्रेसी उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने की अपील की, ताकि पंजाब को इस सरकार से छुटकारा मिल सके।
वड़िंग ने यह भी ऐलान किया कि बहुत जल्द वे मुख्यमंत्री के सामने ही नहीं, बल्कि सीधे उस मंच पर जाकर काले झंडे लहराएंगे जहां वे भाषण दे रहे होंगे। उन्होंने कहा कि भले ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया हो, लेकिन अगली बार वे हर हाल में मान के मंच तक पहुंचना सुनिश्चित करेंगे।
आज के इस विरोध प्रदर्शन में सभी 25 ज़िला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्ष शामिल हुए।
मौके पर मौजूद वरिष्ठ नेता राणा के.पी. सिंह, अमित विज, बलबीर सिंह सिद्धू, ब्रह्म मोहिंद्रा, कुलजीत सिंह नागरा, शमशेर सिंह डूलो, गुरजीत औजला, दलवीर गोल्डी, डॉ. राज कुमार वेरका, हरदयाल कंबोज, कैप्टन संदीप संधू, साधु सिंह धर्मसोत, निशात अख्तर, सुखविंदर डैनी, हरी खाई, लखवीर लक्खा, शाम सुंदर अरोड़ा, ममता दत्ता, कुलबीर ज़ीरा, राकेश पांडे, पवन दीवान, सुनील दत्ती, पवन आदिया और मोहित मोहिंद्रा सहित अन्य नेता उपस्थित थे।


