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डॉ. बलजीत कौर के नेतृत्व में प्रोजेक्ट ‘जीवनजोत’ को मिली और गति; बाल भिक्षावृत्ति से 39 बच्चों को कराया गया रेस्क्यू*

डॉ. बलजीत कौर के नेतृत्व में प्रोजेक्ट ‘जीवनजोत’ को मिली और गति; बाल भिक्षावृत्ति से 39 बच्चों को कराया गया रेस्क्यू*

*195 हॉटस्पॉट पर 82 विशेष रेड; बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कर शिक्षा और सुरक्षित भविष्य से जोड़ने की दिशा में अहम कदम*

*मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार हर बच्चे के सुरक्षित बचपन के लिए प्रतिबद्ध; डॉ. बलजीत कौर ने लोगों से चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना देने की अपील*

चंडीगढ़, 8 सितंबर:

पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि बाल भिक्षावृत्ति जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने और हर बच्चे के बचपन को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से पंजाब सरकार द्वारा प्रोजेक्ट ‘जीवनजोत’ के तहत राज्यभर में अभियान को और तेज किया गया है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार हर बच्चे को भिक्षावृत्ति, शोषण और असुरक्षा से मुक्त कर उसे सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान से भरपूर जीवन प्रदान करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। इसी उद्देश्य से जिला स्तर पर गठित टास्क फोर्स के माध्यम से प्रोजेक्ट ‘जीवनजोत’ को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।

डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पिछले दिनों से शुरू किए गए विशेष अभियान के दौरान दिन और शाम के अलग-अलग समय में 195 हॉटस्पॉट पर 82 विशेष रेड की गईं। इस दौरान 39 बच्चों को बाल भिक्षावृत्ति से रेस्क्यू कर संबंधित बाल कल्याण समितियों के समक्ष पेश किया गया।

उन्होंने बताया कि दस्तावेजों और पारिवारिक पहचान के सत्यापन के बाद 27 बच्चों को मौके पर ही उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया, जबकि शेष 12 बच्चों को बाल गृहों में सुरक्षित रखा गया है। इन बच्चों को भी संबंधित परिवारों के साथ संबंध की पुष्टि होने के बाद ही उनके सुपुर्द किया जाएगा, ताकि उनके सर्वोत्तम हितों और सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि रेस्क्यू किए गए बच्चों को दोबारा समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी गई है। 6 बच्चों के स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि अन्य 6 बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों से जोड़ने की कार्रवाई की जा रही है, ताकि उन्हें पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और सर्वांगीण विकास का लाभ मिल सके।

उन्होंने बताया कि इस विशेष अभियान के दौरान सबसे अधिक 10 बच्चों को तरनतारन, 9 को अमृतसर, 7 को लुधियाना और 5 बच्चों को एस.ए.एस. नगर से रेस्क्यू किया गया।

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार का मानना है कि किसी भी बच्चे का स्थान सड़कों पर नहीं, बल्कि स्कूल, आंगनवाड़ी और अपने परिवार के सुरक्षित वातावरण में है। उन्होंने कहा कि बाल भिक्षावृत्ति को जड़ से समाप्त करने के लिए सरकार भविष्य में भी इस तरह के अभियान लगातार जारी रखेगी।

लोगों से इस नेक प्रयास में भागीदार बनने की अपील करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि यदि किसी भी बच्चे को भीख मांगते हुए या किसी भी ऐसी स्थिति में देखा जाए, जहां उसे सुरक्षा की आवश्यकता हो, तो इसकी सूचना तुरंत अपने जिले की जिला बाल सुरक्षा इकाई, बाल कल्याण समिति या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दी जाए। उन्होंने कहा कि आपकी एक सूचना किसी बच्चे का बचपन बचा सकती है और उसके भविष्य को नई दिशा दे सकती है।

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