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“दर्द को ज़िंदगी का हिस्सा न बनने दें”: AOPM ने पंजाब विश्वविद्यालय में फैलाया दर्द जागरूकता का संदेश

“दर्द को ज़िंदगी का हिस्सा न बनने दें”: AOPM ने पंजाब विश्वविद्यालय में फैलाया दर्द जागरूकता का संदेश

चंडीगढ़, सितंबर 2026:

सितंबर माह को दर्द जागरूकता माह (Pain Awareness Month) के रूप में मनाते हुए Association of Pain Medicine (AOPM) ने पंजाब विश्वविद्यालय के सहयोग से विभागीय शारीरिक शिक्षा विभाग में दर्द जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में लगभग 150 विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का आयोजन डॉ. रुपिंदर कौर, प्रमुख, भाई घनैयाजी इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ तथा प्रो. थ. नंदलाल सिंह, प्रमुख, शारीरिक शिक्षा विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय के सहयोग एवं समर्थन से किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत क्रॉनिक पेन (दीर्घकालिक दर्द) विषय पर पोस्टर एवं रंगोली निर्माण तथा स्लोगन लेखन प्रतियोगिता से हुई। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से दर्द, उसके प्रभाव और इससे जुड़े संदेशों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

इसके बाद विशेषज्ञों द्वारा दर्द जागरूकता पर दो व्याख्यान आयोजित किए गए। प्रो. बाबिता घई, Consultant-in-Charge, Pain Clinic, PGIMER Chandigarh एवं Secretary, AOPM ने “क्रॉनिक पेन को समझना” विषय पर व्याख्यान देते हुए बताया कि लंबे समय तक रहने वाला दर्द केवल एक लक्षण नहीं, बल्कि व्यक्ति के स्वास्थ्य, दैनिक जीवन और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करने वाली एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य समस्या है।

डॉ. वनिता आहूजा, प्रोफेसर, एनेस्थीसिया विभाग, GMCH एवं Treasurer, AOPM ने “क्रॉनिक गर्दन एवं कमर दर्द” विषय पर जानकारी दी। उन्होंने गर्दन एवं कमर दर्द के सामान्य कारणों, बचाव तथा समय पर उचित उपचार के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का समापन एक इंटरैक्टिव ओपन फोरम से हुआ, जिसमें विद्यार्थियों एवं स्टाफ ने दर्द से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे और विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद किया।

इस अवसर पर AOPM ने इस बात पर जोर दिया कि दर्द को सामान्य मानकर सहते रहना आवश्यक नहीं है। संस्था का उद्देश्य दर्द संबंधी वैज्ञानिक एवं प्रमाण-आधारित जानकारी को अस्पतालों और क्लीनिकों से आगे समुदाय तक पहुंचाना, विशेष रूप से युवाओं में जागरूकता बढ़ाना तथा लोगों को समय पर उचित चिकित्सा सहायता लेने के लिए प्रेरित करना है।

कार्यक्रम का संदेश सरल लेकिन प्रभावशाली रहा—

“दर्द को सहना छोड़िए, सही इलाज से नाता जोड़िए!”

Don’t let pain stay, get the right care today!

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