चंडीगढ़, 12 सितंबर:
रोपड़ से आम आदमी पार्टी (आप) विधायक दिनेश चड्ढा ने हिमाचल प्रदेश के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) औद्योगिक क्षेत्र से फैल रहे कथित औद्योगिक प्रदूषण को पंजाब की जीवनरेखा सतलुज नदी के लिए गंभीर खतरा बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना ट्रीट किया हुआ औद्योगिक कचरा और सीवेज का पानी सरसा नदी में पहुंच रहा है, जो आगे जाकर सतलुज में मिलती है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिनेश चड्ढा ने कहा कि बद्दी क्षेत्र के दौरे के दौरान उनकी टीम ने कई स्थानीय नालों और गड्ढों से औद्योगिक वेस्ट को सरसा नदी की ओर जाते हुए देखा। उन्होंने आरोप लगाया कि फार्मास्यूटिकल वेस्ट, एसिड और अन्य औद्योगिक केमिकल विभिन्न स्थानों से नालों के माध्यम से बहाए जा रहे हैं।
चड्ढा ने कहा कि बीबीएन औद्योगिक क्षेत्र में करीब 2,200 उद्योग हैं, जिनमें से लगभग 1,000 इकाइयां लिक्विड वेस्ट पैदा करती हैं। उनके अनुसार, केवल करीब 377 इकाइयां अपना वेस्ट कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट में भेज रही हैं, जबकि 600 से अधिक उद्योगों के वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर गंभीर सवाल हैं।
विधायक ने बद्दी क्षेत्र में सीवेज ट्रीटमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सरकारी रिकॉर्ड में बद्दी की आबादी करीब 2.2 लाख दर्ज है, लेकिन प्रवासी और औद्योगिक मजदूरों की बड़ी संख्या के कारण वास्तविक आबादी करीब चार लाख होने का अनुमान है। इसके मुकाबले क्षेत्र में सीवेज ट्रीटमेंट की क्षमता बेहद सीमित बताई गई है।
दिनेश चड्ढा ने कहा कि मामला उनकी पिटीशन के माध्यम से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) तक पहुंच चुका है और ट्रिब्यूनल ने हिमाचल प्रदेश तथा हरियाणा सरकारों से जवाब मांगा है।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और केंद्र सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि बिना ट्रीट किया हुआ औद्योगिक वेस्ट और सीवेज नदी तंत्र में जाने से रोका जाना चाहिए। चड्ढा ने कहा कि जब तक ऊपरी इलाकों से प्रदूषित पानी सतलुज में पहुंचता रहेगा, पंजाब के लिए अपने पेयजल, सिंचाई और सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना मुश्किल होगा।
उन्होंने संबंधित प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरण और प्रशासनिक अधिकारियों से पंजाब के जल स्रोतों की सुरक्षा के लिए प्रभावी और तत्काल कदम उठाने की अपील की।


