गुरुओं की धरती पर नशे के सौदागर बर्दाश्त नहीं, 2027 में भाजपा सरकार बनी तो नशे के सौदागरों पर होगी कार्रवाई — मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*
*नशे के खिलाफ अभियान को राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, जन आंदोलन बनाएं*
*पंजाब की जनता को नारे नहीं, नशे से मुक्ति, इलाज, रोजगार और सम्मान चाहिए*
चंडीगढ़, 21 सितंबर—हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब की पहचान पहली पातशाही श्री गुरु नानक देव जी के ‘किरत करो, नाम जपो, वंड छको’ के संदेश, सरबंश दानी श्री गुरु गोबिंद सिंह जी, मेहनतकश किसानों, देश की सीमाओं पर डटे वीर जवानों और दुनिया में अपनी मेहनत का लोहा मनवाने वाले पंजाबी समाज से रही है। ऐसी पावन और गौरवशाली धरती पर नशे के सौदागरों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इसलिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब को नशा मुक्त बनाने का बीड़ा उठाया है। मुख्यमंत्री ने पंजाब की जनता को विश्वास दिलाते हुए कहा कि वर्ष 2027 में जनता के आशीर्वाद से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी, तो पंजाब में जो नशा फैलाने वाले लोग हैं, वे या तो अपना धंधा छोड़ देंगे या फिर पंजाब छोड़ देंगे, ऐसे लोगों का पंजाब में कोई स्थान नहीं है।
मुख्यमंत्री सोमवार को पंजाब के जलालाबाद में नशा मुक्त यात्रा के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ शुरू की गई इस यात्रा को केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम या रोड शो तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे गांव-गांव तक पहुंचाकर वास्तविक जन आंदोलन बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों का आह्वान किया कि वे नशे से प्रभावित परिवारों से मिलें, नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं को अपनापन दें और उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के प्रयास करें।
*वादों से तारीखों तक पहुंची पंजाब की जनता की उम्मीद*
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब की जनता से नशा खत्म करने के नाम पर बड़े-बड़े वादे किए। सत्ता में आने से पहले तीन से छह महीने के भीतर नशा खत्म करने की बात कही गई, लेकिन इसके बाद तारीखों पर तारीखें आती रहीं। पहले 15 अगस्त 2024, फिर 31 दिसंबर 2024 और उसके बाद 1 मार्च 2025 तक नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के दावे किए गए। अब पंजाब की जनता यह सवाल पूछ रही है कि आखिर वह समयसीमा कब पूरी होगी, जिसका वादा चुनाव के समय किया गया था।
उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े विज्ञापनों और पोस्टरों के माध्यम से नशे के खिलाफ अभियान चलाने का दावा किया गया, लेकिन पंजाब के लोग धरातल पर बदलाव चाहते हैं। पंजाब सरकार ने जनता के कल्याण का पैसा विज्ञापनों पर खर्च करने का काम किया है।
*बड़े नशा कारोबारियों पर होनी चाहिए कार्रवाई*
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब में नशे के बड़े सौदागर किसकी छत्रछाया में फल—फूल रहे हैं। पुलिस लोगों को दिखाने के लिए छोटी मछलियों को पकड़ती है, लेकिन बड़े मगरमच्छों को हाथ भी नहीं लगाती। ये पंजाब सरकार के हालात है। आम आदमी पार्टी ने बड़े-बड़े विज्ञापन दिए, रंग-बिरंगे पोस्टर लगाकर नशा विरोधी अभियान के नए-नए नाम रखें, लेकिन पंजाब के नौजवानों को नारा नहीं, नशे से मुक्त इलाज, रोजगार व सम्मान चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि चंडीगढ़ में उनके निवास से मात्र 500 मीटर की दूरी पर पंजाब के मुख्यमंत्री का निवास है, लेकिन उनके अपने निवास संत कबीर कुटीर पर रोजाना दो से ढाई हजार लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री के निवास पर आम आदमी का पहुंचना तक संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि आम आदमी की समस्याएं सुनना और उनका समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने जनता के साथ विश्वासघात किया है।
क्रमांक — 2026
*लड़कियों की तीन दिवसीय राज्य स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता का किया भव्य शुभारंभ -खेल मंत्री*
*खिलाडिय़ों को खेल भावना से खेलने का दिलाया गया संकल्प*
चण्डीगढ, 21 सितंबर – हरियाणा प्रदेश की बेटियों को खेलों के क्षेत्र में बेहतर मंच प्रदान करने के उद्देश्य से 21 से 23 सितंबर तक आयोजित की जा रही तीन दिवसीय 59वीं हरियाणा राज्य स्तरीय विद्यालय क्रीड़ा खो-खो प्रतियोगिता का हरियाणा सरकार में खेल एवं युवा अधिकारिता राज्य मंत्री गौरव गौतम ने सोमवार को मुख्य अतिथि के रूप में प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर विभिन्न जिलों से पहुंची बालिका खिलाडिय़ों ने उत्साह और खेल भावना के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 14, 16 एवं 17 वर्ष आयु वर्ग की बालिका खिलाड़ी भाग ले रही हैं।
*पलवल बनेगा खेलों का हब: खेल मंत्री*
खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा के साथ-साथ पलवल जिला को प्रमुख खेल केंद्र बनाने की दिशा में भारत सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा सरकार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में लगातार प्रयासरत हैं। सरकार द्वारा पलवल में राष्टड्ढ्र स्तरीय, राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित करवाकर खिलाडिय़ों की खेल प्रतिभा को निखारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि खिलाडिय़ों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारियों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
*भारत ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा आगे – गौरव गौतम*
खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि भारत आजादी के 100वें वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेल, तकनीक, रक्षा, कृषि, नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं उभर रही हैं। युवा शक्ति, स्टार्टअप और अनुसंधान भारत की प्रगति के प्रमुख आधार बन रहे हैं। आधुनिक तकनीक से कृषि को अधिक उत्पादक और आत्मनिर्भर बनाने पर जोर है, वहीं स्वदेशी रक्षा उत्पादन देश की सुरक्षा क्षमता को मजबूत कर रहा है। खेलों में प्रतिभाओं को प्रोत्साहन और खिलाडिय़ों की बढ़ती क्षमता भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिला रही है।
*खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने खिलाडिय़ों का बढ़ाया उत्साह*
खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा की बेटियों ने खेलों के क्षेत्र में देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। सरकार का प्रयास है कि प्रतिभाशाली बेटियों को खेलों के लिए बेहतर सुविधाएं, प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के अवसर उपलब्ध करवाए जाएं। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने का भी महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने खिलाडिय़ों से कहा कि वे प्रतियोगिता में पूरे उत्साह के साथ भाग लें और जीत-हार से ऊपर उठकर अपनी प्रतिभा एवं खेल भावना का प्रदर्शन करें।
क्रमांक 2026
*गौशालाओं के साथ-साथ प्रदेश में चार गौवन विकसित करने की प्रक्रिया जारी: मोहनलाल कौशिक*
*चारा अनुदान राशि के लिए 14 अक्टूबर तक पोर्टल खुला, पंजीकृत गौशालाएं करें आवेदन*
*बेसहारा गायों को अभियान चलाकर अतिरिक्त गौशालाओं में भेजने का किया जाएगा कार्य*
चंडीगढ़, 21 सितंबर: सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन श्री मोहनलाल कौशिक ने कहा कि हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार गांवों एवं शहरों को बेसहारा गायों से मुक्त करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इसके तहत गौशालाओं के साथ-साथ प्रदेश में चार गौवन विकसित करने की प्रक्रिया भी जारी है।
श्री मोहनलाल कौशिक आज चंडीगढ़ में गौसेवा आयोग के पदाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उन्होंने हैफेड, प्राकृतिक खेती तथा खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।
*गौचरान भूमि में से 10 एकड़ भूमि गौशालाओं को देने के निर्देश*
सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश की ग्राम पंचायतों को गौचरान भूमि में से कम से कम 10 एकड़ भूमि गौशालाओं को उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि गायों के लिए पर्याप्त मात्रा में चारे की व्यवस्था की जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़कों पर घूम रही गायों को गौशालाओं एवं गौवन में सुरक्षित रखने के लिए गौसेवा आयोग, ग्राम पंचायतों तथा शहरी स्थानीय निकायों का सहयोग लिया जा रहा है। प्रदेश की लगभग 707 पंजीकृत गौशालाओं में करीब 40 हजार गायों को रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार शेष बेसहारा गायों को अभियान चलाकर अतिरिक्त गौशालाओं में भेजने का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि महेंद्रगढ़ के गांव भोजावास में 89 एकड़ भूमि पर गौवन विकसित करने का कार्य अंतिम चरण में है। इसके अलावा पलवल के गांव राजपुरा खादर, कैथल के गांव भूना तथा करनाल के गांव सांभली में भी गौवन विकसित करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा 22 गौशालाओं को पुनः चालू किया जाएगा तथा 14 नई गौशालाएं खोलने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि गौशालाओं एवं गौवन का विकास कर गायों को सुरक्षित रखना तथा उनके लिए चारे एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करना सरकार का मुख्य उद्देश्य है।
सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन ने कहा कि जल्द ही प्रदेश की पंजीकृत गौशालाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध करवाए जाएंगे। इनके माध्यम से घायल एवं बीमार गायों को उपचार एवं अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गायों के लिए चारे की व्यवस्था हेतु चारा अनुदान के रूप में राशि प्रदान की जा रही है। चारा अनुदान राशि के लिए पोर्टल खुला हुआ है और पंजीकृत गौशालाएं 14 अक्टूबर तक अनुदान के लिए आवेदन कर सकती हैं। इसके बाद छह माह की चारा अनुदान किस्त जारी की जाएगी। इस वर्ष गौशालाओं के लिए चारा अनुदान के रूप में 300 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा गया है।
श्री कौशिक ने कहा कि इस वर्ष 200 गौशालाओं में आयरन शेड बनाने के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं। आयरन शेड के निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। गत वर्ष 49 गौशालाओं में शेड बनवाए गए थे।
उन्होंने कहा कि हिसार स्थित लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में गायों की नस्ल सुधार के लिए करोड़ों रुपये की लागत से लैब स्थापित की गई हैं। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि हरियाणा के किसानों को बेहतर नस्ल की गायें उपलब्ध हो सकें। गुजरात, उत्तराखंड एवं पंजाब में भी गायों की नस्ल सुधार के लिए कार्य किया गया है। हरियाणा में भी इस दिशा में कार्य कर गौवंश की नस्ल सुधार को बढ़ावा दिया जाएगा।
सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन ने कहा कि पंचकूला के रतेवाली में भी गौशाला का निर्माण किया गया है। जल्द ही इस गौशाला का पंजीकरण करवाया जाएगा। इसके अलावा सुखदर्शनपुर स्थित भवन का उपयोग करते हुए गौवंश अनुसंधान केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिसमें पंचगव्य उत्पाद भी विकसित किए जाएंगे। इस भवन में स्वदेशी मेले भी आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि हिसार के गांव ढोबी में फॉस्फेट युक्त जैविक खाद का प्लांट स्थापित किया जाएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री बी. बी. भारती, गौसेवा आयोग के चेयरमैन श्री रामचंद्र कांबोज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
क्रमांक: 2026
*हरियाणा के 250 पीएम श्री स्कूलों का होगा कायाकल्प, आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे विद्यालय- मंत्री महीपाल ढांडा*
चंडीगढ़, 21 सितंबर- हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के राजकीय स्कूलों के बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ तथा आधुनिक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में प्रदेश के 250 ‘पीएम श्री’ स्कूलों को विशेष रूप से लाइब्रेरी, ग्रीन कैंपस, डिजिटल क्लासरूम, स्मार्ट क्लासरूम और अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं (लैब) के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन विद्यालयों की लाइब्रेरी में बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करवाया जाएगा ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
शिक्षा मंत्री सोमवार को चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी आवास पर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में स्कूलों के कायाकल्प, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश कहा कि राजकीय स्कूलों के कायाकल्प का कार्य एक तय समय सीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों और शैक्षणिक व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी स्तर पर कार्य में देरी होती है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
खेलों के क्षेत्र में हरियाणा की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि हरियाणा देश में ‘खेलों का हब’ है और यहां की माटी ने देश को वैश्विक स्तर पर कई नामी खिलाड़ी दिए हैं। राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य है कि वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों में हरियाणा के खिलाड़ी देश के लिए और अधिक से अधिक पदक जीत सकें।
इस दूरगामी लक्ष्य को हासिल करने के लिए जमीनी स्तर यानी स्कूलों से ही तैयारी शुरू की जा रही है। इसके तहत प्रदेश के राजकीय स्कूलों में खिलाड़ियों के लिए उच्च गुणवत्ता का खेल सामान मुहैया करवाया जाएगा। स्कूलों में खेलों की स्थानीय रुचि और जरूरत के हिसाब से ही खेल सामग्री वितरित की जाएगी ताकि उदीयमान खिलाड़ियों को बचपन से ही सही प्रशिक्षण और संसाधन मिल सकें।
बैठक में हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक श्री स्वपनिल रवींद्र पाटिल व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
क्रमांक-2026
*जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में नए विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन कार्यक्रम का शुभारंभ*
*- विद्यार्थी विश्वविद्यालय के संसाधनों एवं सुविधाओं का लाभ उठायें: कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार*
चंडीगढ़ , 21 सितंबर- जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन कार्यक्रम-2026 का शुभारंभ किया गया। विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ इंफॉर्मेटिक्स एंड कंप्यूटिंग तथा फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, सुविधाओं एवं कैंपस परिवेश से परिचित कराना तथा विश्वविद्यालय जीवन की नई शुरुआत के लिए उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और अपनत्व की भावना विकसित करना है।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार मुख्य अतिथि प्रो. डी. बी. लोबियाल, प्रोफेसर, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली तथा विशिष्ट अतिथि प्रो. दिलीप कुमार शर्मा, डीन, इंटरनेशनल रिलेशंस एंड एकेडमिक कोलैबोरेशंस, जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा उपस्थित रहे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष, एवं शिक्षकगण मौजूद रहे।
इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने नए विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों, प्रयोगशालाओं, विशेषज्ञ शिक्षकों एवं अन्य सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इंडक्शन कार्यक्रम विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली, मूल्यों और शैक्षणिक वातावरण को समझने तथा अपने नए संस्थान के साथ जुड़ाव महसूस करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।
फैकल्टी ऑफ इंफॉर्मेटिक्स एंड कंप्यूटिंग के डीन प्रो. मनजीत सिंह ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में उपलब्ध विभिन्न शैक्षणिक एवं अन्य अवसरों का पूर्ण लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथि प्रो. दिलीप कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं होना चाहिए, बल्कि शिक्षा के माध्यम से समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालने की क्षमता विकसित करना भी आवश्यक है।
मुख्य अतिथि प्रो. डी. बी. लोबियाल ने कहा कि अंक शैक्षणिक उपलब्धि को दर्शाने में सहायक हो सकते हैं, लेकिन वे सफलता की गारंटी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक ज्ञान, उद्देश्य के प्रति गंभीरता, लक्ष्य पर एकाग्रता और धैर्य दीर्घकालिक सफलता के लिए अधिक महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. ममता कथूरिया, अध्यक्षा, कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशंस विभाग, ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया तथा कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
क्रमांक -2026
जंगबीर सिंह
*हरियाणा में ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मिलेगी मजबूती, 2,295 करोड़ रुपये की परियोजनाएं तैयार*
*नाबार्ड के ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष से 2,180 करोड़ रुपये की ऋण सहायता का प्रस्ताव*
*सौर ऊर्जा, जल सुरक्षा और ऊर्जा भंडारण के लिए ग्रीन फाइनेंसिंग पर जोर*
चंडीगढ़, 21 सितंबर-हरियाणा सरकार ने सिंचाई, सड़कों, पेयजल आपूर्ति तथा भंडारण बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 2,295.27 करोड़ रुपये की ग्रामीण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार किए हैं। इनमें से 2,180.50 करोड़ रुपये की ऋण सहायता नाबार्ड के ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष (आरआईडीएफ) के तहत प्रस्तावित है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां एक बैठक में राज्य में नाबार्ड की सहायता से चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने तथा संबंधित विभागों द्वारा ऋण निकासी के दावे समय पर प्रस्तुत करने पर जोर दिया। वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली छह प्रमुख परियोजनाओं में सिंचाई, पेयजल, सड़क और वेयरहाउसिंग बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण निवेश प्रस्तावित है।
नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती निवेदिता तिवारी ने बताया कि नए प्रस्तावों में 315.36 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली सिंचाई परियोजना शामिल है, जिसके लिए 299.59 करोड़ रुपये की आरआईडीएफ सहायता प्रस्तावित है। इसके अलावा, सड़कों के सुधार, चैड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण से संबंधित 57 परियोजनाओं की कुल लागत 495.71 करोड़ रुपये है, जिनके लिए 470.92 करोड़ रुपये की आरआईडीएफ सहायता प्रस्तावित है। दोनों प्रस्ताव आरआईडीएफ पोर्टल पर प्रस्तुत किए जा चुके हैं।
नूंह और पलवल जिलों के पांच महाग्रामों-बिछोर, बिसरू, नई, सिंगार और पिंगवां को कवर करने वाली एक बड़ी ग्रामीण पेयजल परियोजना की कुल लागत 744.59 करोड़ रुपये है। इसमें 707.36 करोड़ रुपये की आरआईडीएफ सहायता प्रस्तावित है। इस परियोजना के तहत यमुना के बाढ़ क्षेत्र में रैनी वैल तथा संबंधित बुनियादी ढांचे का निर्माण करके जल स्रोतों की क्षमता बढ़ाने की योजना है। आरआईडीएफ के तहत अपेक्षित मानक आवंटन को देखते हुए परियोजना को दो चरणों में विभाजित किया गया है। इसके प्रथम चरण के लिए 299 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता संबंधी प्रस्ताव को हरियाणा वित्त विभाग द्वारा स्वीकृति दी जानी है।
एक अन्य प्रस्ताव के तहत हरियाणा राज्य भंडारण निगम (एचएसडब्ल्यूसी) के पास उपलब्ध खाली भूमि पर 2,30,508 मीट्रिक टन भंडारण क्षमता वाले गोदामों के निर्माण तथा निचले क्षेत्रों में स्थित परिसरों में 1,23,664 मीट्रिक टन गोदाम क्षमता के पुनर्निर्माण के लिए 290.74 करोड़ रुपये का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। इसमें 276.20 करोड़ रुपये का ऋण घटक प्रस्तावित है। वित्त विभाग ने इस परियोजना को नाबार्ड की अवसंरचना विकास सहायता (एनआईडीए) योजना के तहत वित्तपोषण के लिए भी विचार किए जाने की स्वीकृति दी है।
मुख्य सचिव ने सोनीपत के गन्नौर स्थित इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केट (आईआईएचएम) की भी समीक्षा की। इसके लिए नाबार्ड ने एनआईडीए के तहत 1,850 करोड़ रुपये का सावधि ऋण स्वीकृत किया है। परियोजना का वित्तीय चरणबद्ध क्रियान्वयन वर्ष 2025-26 से 2027-28 तक तीन वर्षों के लिए निर्धारित है। वर्ष 2025-26 में 740 करोड़ रुपये के निर्धारित चरण के मुकाबले 451 करोड़ रुपये जारी किए गए, जिससे 289 करोड़ रुपये का वितरण अंतर रहा। वर्ष 2026-27 के लिए चरणबद्ध वितरण 740 करोड़ रुपये है। एचआईएचएमसीएल को परियोजना की भौतिक प्रगति के अनुरूप ऋण निकासी के दावे प्रस्तुत करने को कहा गया, ताकि परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जा सके।
बैठक में सूक्ष्म सिंचाई को भी प्रमुखता से समीक्षा के दायरे में रखा गया। समिति द्वारा सूक्ष्म सिंचाई कोष (एमआईएफ) के तहत 264.24 करोड़ रुपये के ऋण घटक वाली चार नई परियोजनाओं की संचालन सिफारिश की गई है। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने भी हरियाणा सरकार के मिकाडा के ऋण आवेदन को एमआईएफ के तहत नाबार्ड से वित्तीय सहायता की स्वीकृति हेतु विचार किए जाने की सिफारिश की है।
बैठक में विभिन्न विभागों के अंतर्गत चल रही आरआईडीएफ परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। वित्तीय चरणबद्धता के अनुसार 17 अगस्त, 2026 तक आरआईडीएफ की 28वीं से 31वीं किस्त के तहत चल रही परियोजनाओं में 962.81 करोड़ रुपये के वितरण अंतर की जानकारी दी गई। संबंधित विभागों को परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने तथा भौतिक एवं वित्तीय प्रगति के अनुरूप नियमित रूप से ऋण निकासी के दावे प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। सिंचाई, सड़क, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, शिक्षा, पशुपालन, कृषि विपणन, वेयरहाउसिंग तथा अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की विभागवार प्रगति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने वर्ष 2026-27 के दौरान हरियाणा के लिए नाबार्ड से 2,300 करोड़ रुपये की उधार सीमा को मंजूरी दी है। आरआईडीएफ और एमआईएफ के तहत लगभग 1,600 करोड़ रुपये के संभावित वितरण को देखते हुए राज्य के पास उपलब्ध उधार सीमा का बेहतर उपयोग करने के लिए आरआईएएस, एनआईडीए तथा नाबार्ड ग्रीन लेंडिंग फैसिलिटी (एनजीएलएफ) के तहत अतिरिक्त बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की पहचान की जा सकती है।
बैठक में हरियाणा अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (हरेडा) द्वारा सरकारी एवं सार्वजनिक भवनों के सोलराइजेशन के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। प्रथम चरण में लगभग 100 मेगावाट क्षमता के सोलराइजेशन का प्रस्ताव है, जिसकी अनुमानित लागत 470 करोड़ रुपये है। इसके लिए लगभग 423 करोड़ रुपये की नाबार्ड सहायता प्रस्तावित है। पात्रता एवं लागू दिशा-निर्देशों के अधीन इस पहल को नाबार्ड की उपयुक्त वित्तीय सहायता योजना के तहत विचार किया जा सकता है।
‘वॉटर सिक्योर हरियाणा प्रोग्राम’ को भी नाबार्ड की वित्तीय सहायता के लिए एक महत्वपूर्ण संभावित क्षेत्र के रूप में प्रस्तुत किया गया। इस कार्यक्रम की कुल अनुमानित लागत लगभग 5,714 करोड़ रुपये है। इसमें करीब 4,000 करोड़ रुपये विश्व बैंक सहायता तथा 1,714 करोड़ रुपये राज्य सरकार का हिस्सा शामिल है। कार्यक्रम का उद्देश्य भूजल पुनर्भरण, सिंचाई एवं जल उपयोग दक्षता में सुधार, जल निकायों एवं जलधाराओं का पुनरुद्धार, सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देने तथा उपचारित अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग के माध्यम से जल सुरक्षा और जलवायु अनुकूलता को मजबूत करना है। राज्य सरकार के महत्वपूर्ण वित्तीय हिस्से को देखते हुए पात्रता एवं लागू दिशा-निर्देशों के अधीन आरआईएएस के तहत राज्य के हिस्से के वित्तपोषण के लिए नाबार्ड से सहायता की संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया गया।
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने आरआईएएस/एनआईडीए के तहत संभावित वित्तपोषण के लिए 2,068.33 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली चार परियोजनाओं की भी पहचान की है।
बैठक में चल रही आरआईडीएफ और एमआईएफ परियोजनाओं के क्रियान्वयन एवं वित्तीय वितरण में तेजी लाने के साथ-साथ राज्य की उभरती जरूरतों के लिए नाबार्ड की व्यापक वित्तीय सहायता योजनाओं का लाभ उठाने पर विशेष जोर दिया गया। इनमें जल सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, टिकाऊ बुनियादी ढांचा तथा अन्य पात्र हरित एवं जलवायु-अनुकूल परियोजनाएं शामिल हैं।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अपूर्व कुमार सिंह, पशुपालन विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया तथा राज्य सरकार और नाबार्ड के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
क्रमांक -2026


