इथियोपिया से भारत लाया गया गैंगस्टर गुरविंदर अफरीदी, पंजाब पुलिस की बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई
चंडीगढ़, 8 नवंबर: पंजाब में संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ‘गैंगस्टरां ते वार’ के तहत पंजाब पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने काउंटर इंटेलिजेंस के ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल (OFTEC) और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से विदेश में छिपे भगोड़े गैंगस्टर गुरविंदर सिंह उर्फ अफरीदी को इथियोपिया से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है।
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि यह किसी अफ्रीकी देश से भगोड़े अपराधी को भारत वापस लाने की पंजाब पुलिस की पहली सफल कार्रवाई है। गुरविंदर अफरीदी डोनी बल्ल-प्रभ दासूवाल गैंग का मुख्य सरगना है और उसके खिलाफ पंजाब में 30 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें पांच हत्याएं, हत्या के प्रयास, फिरौती और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं। उसकी गिरफ्तारी की सूचना देने वाले के लिए पंजाब सरकार ने पांच लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
डीजीपी के अनुसार, इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन शाहिद’ के तहत अंजाम दिया गया। यह करीब 10 महीने तक चला बहु-महाद्वीपीय अंतरराष्ट्रीय अभियान था, जिसमें पंजाब पुलिस ने चार देशों में आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी। आरोपी 31 मार्च 2025 को मुंबई एयरपोर्ट से फर्जी पासपोर्ट के जरिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) फरार हो गया था। उसने गोरखपुर निवासी की पहचान का इस्तेमाल कर लखनऊ से फर्जी पासपोर्ट बनवाया था।
विदेश में छिपने के दौरान आरोपी ने कई देशों में ठिकाने बदले। UAE के बाद उसने इस्तांबुल के रास्ते मैक्सिको जाने का प्रयास किया, लेकिन उसे वापस UAE भेज दिया गया। इसके बाद वह अप्रैल 2026 में केन्या, जून 2026 में अंगोला और नवंबर 2026 में इथियोपिया पहुंचा।
पंजाब पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया और उसकी फर्जी पहचान तथा गतिविधियों को लेकर केंद्रीय एजेंसियों के साथ लगातार सूचनाएं साझा कीं। इंटरपोल के सात संदर्भों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के समन्वय के बाद 6 नवंबर 2026 को उसे इथियोपिया में हिरासत में लिया गया।
पुलिस ने उसे नई दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लेकर पंजाब लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। डीजीपी ने बताया कि आरोपी पंजाब में पांच चर्चित हत्याओं के मामलों में वांछित था। इनमें सरपंच राजविंदर उर्फ राज तलवंडी, 12 वर्षीय गुरसेवक सिंह, विक्की चुघ, जसवंत सिंह और कांग्रेस ब्लॉक प्रधान गुरमेल सिंह की हत्याएं शामिल हैं।
डीजीपी गौरव यादव ने इस सफलता के लिए AGTF और OFTEC की टीमों की सराहना की। साथ ही विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और केंद्रीय खुफिया एवं जांच एजेंसियों का अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए आभार जताया।
News written by Priyanka Thakur


