आइडिया से इनोवेशन और इनोवेशन से समाधान’ की दिशा में हरियाणा की महत्वपूर्ण पहल*
*युवाओं के नए आइडिया को मिलेगा उड़ान का अवसर, नवाचार के लिए सरकार देगी सीड फंडिंग*
*मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा स्टेट इनोवेशन सोसाइटी की पहली बैठक में ‘नवाचार योजना’ को दी सैद्धांतिक मंजूरी*
चंडीगढ़, 29 सितंबर — हरियाणा सरकार ने ‘आइडिया से इनोवेशन और इनोवेशन से समाधान’ की अवधारणा को साकार करने तथा अकादमिक शोध, नवाचार और प्रशासनिक जरूरतों के बीच प्रभावी सेतु स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत ‘हरियाणा नेटवर्क फॉर एकेडमिक विजन, अपलाइड क्रिएटिविटी एवं हॉलिस्टिक एडमिनिस्ट्रेटिव रिसर्च (नवाचार) योजना’ तैयार की गई है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित हरियाणा स्टेट इनोवेशन सोसाइटी की पहली जनरल बॉडी बैठक में योजना पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया और इसे सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में एजेंडे के विभिन्न बिंदुओं पर क्रमवार चर्चा करते हुए आवश्यक निर्णय लिए गए।
नवाचार योजना का उद्देश्य प्रदेश के विश्वविद्यालयों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों की रचनात्मक एवं नवाचार क्षमता को वास्तविक चुनौतियों से जोड़ना है, ताकि ऐसे शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित किया जा सके, जिनके परिणामों का उपयोग नीतियों के निर्माण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में किया जा सके। योजना के तहत यदि कोई विद्यार्थी नई तकनीक, समाधान अथवा ऐसा आइडिया प्रस्तुत करता है, जो प्रदेश की किसी वास्तविक समस्या के समाधान में उपयोगी हो सकता है, तो उसके विचार को प्रोटोटाइप और समाधान के रूप में विकसित करने के लिए सरकार द्वारा सीड फंडिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के अंतर्गत शोध परियोजनाओं को ‘लैब से फील्ड और फील्ड से नीति’ की अवधारणा के अनुरूप आगे बढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में विकसित ज्ञान, तकनीक और नवाचार को वास्तविक परिस्थितियों में परखना तथा सफल परिणामों को सरकारी विभागों और आमजन के हित में उपयोगी बनाना है।
नवाचार योजना के तहत शोध परियोजनाओं को राज्य के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों और प्राथमिकताओं के अनुरूप प्रोत्साहित किया जाएगा। इनमें विकसित हरियाणा@2047, सतत विकास लक्ष्य (SDGs), डिजिटल गवर्नेंस, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, टिकाऊ कृषि, शहरी प्रबंधन तथा सामाजिक-आर्थिक समावेशन जैसे प्रमुख विषय शामिल होंगे। इसके साथ ही राज्य सरकार की आवश्यकताओं के अनुरूप नए एवं उभरते विषयों पर भी शोध परियोजनाएं ली जा सकेंगी, ताकि बदलती प्रशासनिक, तकनीकी और सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप विशेषज्ञ ज्ञान एवं नवीन समाधान उपलब्ध हो सकें।
*राज्य के विश्वविद्यालय और शोधकर्ता होंगे योजना के प्रमुख सहभागी*
नवाचार योजना के तहत हरियाणा में स्थित पात्र विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों को राज्य की प्राथमिकताओं से जुड़े विषयों पर शोध परियोजनाएं प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। प्रारंभिक परीक्षण एवं मूल्यांकन के बाद चयनित प्रस्तावों को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए 1 लाख रुपये तक की प्रारंभिक सीड फंडिंग उपलब्ध कराई जा सकेगी। इसके बाद संबंधित विभाग के समन्वय से तैयार DPR को परियोजना के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक अंतिम वित्तीय स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जाएगा। इससे हरियाणा में शोध एवं नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ शासन को डेटा, तकनीक और अकादमिक विशेषज्ञता पर आधारित नए एवं व्यावहारिक समाधान उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
*नवाचार और अनुसंधान को जमीनी समस्याओं के समाधान का माध्यम बनाया जाए*
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नवाचार और अनुसंधान को केवल अकादमिक गतिविधि तक सीमित न रखते हुए उन्हें जमीनी समस्याओं के व्यावहारिक एवं स्थायी समाधान से जोड़ा जाए। ऐसा शोध किया जाना चाहिए, जिससे समाज और प्रदेश के सामने मौजूद वास्तविक चुनौतियों का प्रभावी समाधान विकसित हो सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के विभिन्न शोध संस्थानों और विशेषज्ञ संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित करते हुए एक जिले में पायलट प्रोजेक्ट की संभावनाएं तलाशें। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत ऐसे क्षेत्रों में भूमिगत जल की गुणवत्ता पर शोध किया जाए और ऐसी तकनीक विकसित करने की संभावनाओं का अध्ययन किया जाए, जिससे अनुपयोगी अथवा गैर-पीने योग्य पानी को उपयोगी बनाया जा सके या आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया के माध्यम से उसे पीने योग्य बनाने का समाधान विकसित किया जा सके।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि शोध की गुणवत्ता और उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। शोध ऐसा हो, जिससे किसी एक विशिष्ट क्षेत्र में विशेषज्ञता और मजबूत क्षमता विकसित हो सके तथा भविष्य में उस क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। अनुसंधान का अंतिम उद्देश्य समाज को लाभ पहुंचाना और लोगों के जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए। इसके लिए सरकार, शोध संस्थानों, विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और निजी क्षेत्र के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
बैठक में बताया गया कि हरियाणा राज्य इनोवेशन मिशन के तहत गूगल इंडिया, आईआईटी दिल्ली, एनआईटी कुरुक्षेत्र सहित अन्य प्रमुख विशेषज्ञ संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए गए हैं। इन संस्थानों के सहयोग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बेहतर उपयोग, स्टार्टअप्स की मेंटरिंग, तकनीकी सहयोग तथा अन्य आवश्यक लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे प्रदेश में विकसित हो रहे नए विचारों और नवाचारों को प्रोटोटाइप से आगे बढ़ाकर व्यवहारिक समाधान के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी अनुपमा, उच्चतर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए के सिंह, फ्यूचर विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती अपनीत पी कुमार, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल, क्रिड विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री जे गणेशन, फ्युचर विभाग के निदेशक डॉ आदित्य दहिया, मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ राज नेहरू, श्री विरेंद्र बढ़खालसा सहित अन्य अधिकारी व सोसायटी के सदस्य व गैर सरकारी सदस्य भी मौजूद रहे।
क्रमांक — 2026
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल की अध्यक्षता में हुई कार्य समिति की बैठक
ठोस कचरा प्रबंधन, चिल्ड्रन पार्क और डिजिटल लाइब्रेरी सहित विभिन्न विकास कार्यों से संबंधित प्रस्तावों पर हुआ विचार-विमर्श
चंडीगढ़, 29 सितंबर- हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल की अध्यक्षता में मंगलवार को हरियाणा सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ स्थित उनके कार्यालय में कार्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न नगर निकायों में विकास एवं जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों के लिए टेंडर दरों की स्वीकृति से संबंधित प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक मीणा समेत अन्य अधिकारी व संबंधित नगर पालिका व निकायों के चेयरमैन भी मौजूद रहे ।
बैठक में नगर निगम हिसार, हांसी, बरवाला, उकलाना, नारनौंद व सिवानी के लिए 3 साल की अवधि के लिए ठोस कचरे के प्रबंधन से संबंधित प्रस्ताव पर विचार किया गया। इसके साथ ही नारायणगढ़ व नगर पालिका बराड़ा में ठोस कचरे के डोर टू डोर कलेक्शन से संबंधित कार्यों को भी बैठक के एजेंडे में शामिल किया गया। बैठक में दिव्य नगर योजना के तहत पलवल में बच्चों के पार्क के निर्माण तथा नगर पालिका समिति महम के पुराने कार्यालय में डिजिटल लाइब्रेरी के निर्माण से संबंधित प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से विभिन्न प्रस्तावों से जुड़े पहलुओं की जानकारी ली व कार्यों के क्रियान्वयन में निर्धारित नीतियों एवं नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्टेकहॉल्डर्स की बैठक बुलाने के निर्देश देते हुए कहा कि टेंडर प्रक्रिया से जुड़े सभी कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किए जाए।
क्रमांक -2026
कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी ने तोशाम हलके में दी 25.34 करोड़ की सौगात
4 परियोजनाओं का शिलान्यास, 5 का लोकार्पण किया
चंडीगढ़, 29 सितंबर-हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने आज तोशाम विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में लगभग 25.34 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं में सड़क, खेल, सामुदायिक सुविधाओं तथा पशु चिकित्सा सेवाओं से संबंधित कार्य शामिल हैं।
श्रीमती श्रुति चौधरी ने तोशाम में 9.29 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली तोशाम बाईपास सड़क का शिलान्यास किया। ढाणी रिवासा में उन्होंने विधायक आदर्श नगर एवं ग्राम योजना (वीएएनजीवाई) के तहत 21 लाख रुपये की लागत से निर्मित खेल स्टेडियम के ट्रैक तथा जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) योजना के तहत 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित चौधरी सुरेंद्र सिंह स्टेडियम के मुख्य द्वार का लोकार्पण किया। धारण गांव में उन्होंने जिला खनिज फाउंडेशन योजना के तहत 15 लाख रुपये की लागत से बनने वाली पिछड़ा वर्ग चौपाल का शिलान्यास किया।
निगाणा खुर्द में मंत्री ने हरियाणा ग्रामीण विकास निधि योजना के तहत 52 लाख रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन तथा निगाना कलां में 31.11 लाख रुपये की लागत से निर्मित राजकीय पशु चिकित्सा औषधालय का लोकार्पण किया।
बुसान गांव में उन्होंने 7.71 करोड़ रुपये की लागत से बुसान से संडवा तक सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का शिलान्यास किया।
छपार रांगड़ान में श्रीमती श्रुति चौधरी ने हरियाणा ग्रामीण विकास योजना के तहत 10 लाख रुपये की लागत से मुख्य चौक से सरकारी स्कूल तक निर्मित गली का लोकार्पण किया। इसके साथ ही, उन्होंने 6.85 करोड़ रुपये की लागत से छपार रांगड़ान, जोगियां और गारनपुरा को जोड़ने वाली सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का शिलान्यास भी किया।
इस अवसर पर श्रीमती श्रुति चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क को मजबूत करने के साथ-साथ खेल सुविधाओं, सामुदायिक बुनियादी ढांचे और पशु चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इन विकास परियोजनाओं के पूरा होने से तोशाम क्षेत्र के लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा क्षेत्र के विकास को और गति मिलेगी।
क्रमांक 2026
मंडी में खरीद, उठान, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था में कोताही बर्दाश्त नहीं: कृष्ण लाल पंवार
पंवार ने कहा किसान की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा , मंडी में किसानों को नहीं होगी कोई परेशानी
किसानों को मंडियों में हर जरूरी सुविधा उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता
फसल सुखाकर मंडी लाएं किसान, नमी कम होने से खरीद में मिलेगी तेजी
चंडीगढ़, 29 सितंबर – हरियाणा के पंचायत,विकास एवं खनन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने मंगलवार को पानीपत के इसराना की आधुनिक अनाज मंडी का दौरा कर धान की खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित खरीद एजेंसियों और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मंडी में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और किसान की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाए।
उन्होंने मंडी में खरीद के साथ-साथ समय पर उठान, साफ-सफाई, सुरक्षा तथा किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसान की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाए और किसानों को मंडी में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। सरकार की प्राथमिकता है कि किसान अपनी फसल लेकर मंडी में आए तो उसे खरीद प्रक्रिया में किसी तरह की दिक्कत न हो।
उन्होंने कहा कि खरीद एजेंसियां निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर फसल की खरीद करें और खरीदी गई फसल का उठान भी समय पर सुनिश्चित किया जाए। मंडी में किसानों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रहनी चाहिए। मंडी में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था हो, सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हों और खरीद तथा उठान की प्रक्रिया सुचारू रूप से चले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को मंडी में किसी सुविधा के लिए परेशान न होना पड़े। व्यवस्था में किसी भी स्तर पर कमी या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी और एजेंसी इसके लिए जिम्मेदार होंगे।
मंत्री ने मंडी में आधुनिक नमी मापक मीटर से धान की नमी की जांच भी की और खरीद प्रक्रिया का जायजा लिया। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे अपनी धान की फसल को अच्छी तरह सुखाकर मंडी में लेकर आएं। उन्होंने कहा कि फसल में नमी कम होने से खरीद प्रक्रिया में तेजी आएगी और किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा।
मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि सरकार किसानों की फसल की खरीद को लेकर गंभीर है। मंडियों में खरीद व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभागों और एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे मंडी में व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी रखें और किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान करें।
उन्होंने कहा कि किसान को अपनी मेहनत की फसल बेचने के लिए मंडी में अनावश्यक इंतजार न करना पड़े, यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। खरीद के साथ उठान की व्यवस्था भी लगातार चलती रहनी चाहिए, ताकि मंडी में फसल का अनावश्यक जमाव न हो और किसानों को अपनी उपज लेकर आने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। इस दौरान किसान, विभिन्न खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधि तथा संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
अंकित की स्वर्णिम उपलब्धि ने हरियाणा का नाम विश्व पटल पर रोशन किया: कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार
एशियाई खेल में कबड्डी में स्वर्ण पदक जीतकर अपने गांव नौल्था पहुंचे खिलाड़ी अंकित जागलान का ग्रामीणों ने ढोल-डीजे, जयकारों और फूलमालाओं के साथ भव्य स्वागत किया।
स्वागत समारोह में पंचायत,विकास एवं खनन मंत्री कृष्ण लाल पंवार मुख्य रूप से पहुंचे और उन्होंने अंकित जागलान की इस शानदार उपलब्धि पर ग्रामीणों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अंकित ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर अपने गांव, पानीपत और पूरे हरियाणा का नाम देश-दुनिया में रोशन किया है। यह उपलब्धि अंकित की कड़ी मेहनत, लगन, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा महिला और पुरुष खिलाडिय़ों द्वारा स्वर्ण पदक जीतना प्रदेश के लिए गर्व की बात है। हरियाणा की मिट्टी ने हमेशा देश को बेहतरीन खिलाड़ी दिए हैं और हमारे खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। इन खिलाडिय़ों की उपलब्धियां प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का काम करेंगी।
क्रमांक 2026
सुमित चावला
एचटेट परीक्षा-2025 के अभ्यर्थियों के लिए बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन अनिवार्य
– 4 अक्तूबर, 2026 को प्रदेश के 22 जिलों में स्थापित होंगे जिलावार बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन केन्द्र
चंडीगढ़ , 29 सितंबर -हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी के अध्यक्ष श्री शंकर लाल धूपड़ ने बताया कि 4 व 5 जुलाई, 2026 को आयोजित करवाई गई हरियाणा अध्यापक पात्रता (एचटेट) परीक्षा-2025 के अभ्यर्थियों के लिए बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन (Biometric Verification) प्रक्रिया पूर्ण करना अनिवार्य किया गया है। परीक्षा परिणाम घोषित किए जाने से पूर्व संबंधित अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन (Biometric Verification) प्रक्रिया पूर्ण किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 4 अक्तूबर, 2026 को प्रदेश के 22 जिलों में बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण करवाने हेतु केन्द्र स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त अन्य राज्यों से संबंधित अभ्यर्थी अपने साथ लगते जिला मुख्यालय पर पहुंचकर अपनी बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण करवा सकते हैं।
उन्होंने आगे बताया कि विशेष परिस्थितियों में अभ्यर्थी 22 जिलों में स्थापित केन्द्रों में से किसी भी केन्द्र पर जाकर यह प्रक्रिया पूर्ण कर सकता है। अभ्यर्थी द्वारा अपना मूल प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) एवं मूल फोटो युक्त पहचान पत्र लेकर जाना अनिवार्य है। प्रदेश के 22 जिलों में जहां वेरीफिकेशन होनी है, उन विद्यालयों की सूची बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों द्वारा ऑनलाइन आवेदन के समय दिए गए पंजीकृत मोबाईल नंबर/ई-मेल पर भी इस आशय का संदेश भेजा जा रहा है। उन्होंने सभी संबंधित अभ्यर्थियों से अपील करते हुए कहा कि वे निर्धारित तिथि 04 अक्तूबर, 2026 को आवश्यक दस्तावेजों के साथ वेरीफिकेशन केन्द्र पर उपस्थित होकर अपनी बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन प्रक्रिया समय पर पूर्ण करवाएं। जो अभ्यर्थी निर्धारित तिथि 04 अक्तूबर, 2026 को अपनी बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन प्रक्रिया पूर्ण नहीं करते हैं, उनका परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा अभ्यर्थियों की सुविधा एवं परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। अभ्यर्थियों से आग्रह है कि वे नवीनतम जानकारी के लिए समय-समय पर बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट का अवलोकन करते रहें।
क्रमांक -2026
जंगबीर सिंह
*खेल युवाओं को अनुशासन, संघर्ष और टीम भावना के साथ आगे बढ़ने का अवसर देते हैं : राव नरबीर सिंह*
*रामा अत्रे महिला टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट का कैबिनेट मंत्री ने किया उद्घाटन*
चंडीगढ़, 29 सितंबर। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, संघर्ष और टीम भावना के साथ आगे बढ़ने का अवसर देते हैं, युवाओं को नशे से दूर रखने का आसान और बेहतर विकल्प खेल ही है।
मंत्री राव नरबीर मंगलवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-16 स्थित क्रिकेट स्टेडियम में सातवें रामा अत्रे महिला टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन करने के बाद खिलाड़ियों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन
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