हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अमृतसर स्थित भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल पर माथा टेककर देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की
भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाएं समाज को समानता, सद्भाव और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने भगवान वाल्मीकि जयंती पर देश-प्रदेशवासियों को दी बधाई एवं शुभकामनाएं
तीर्थ स्थल पर पहुंचने पर मुख्यमंत्री का लोगों ने किया जोरदार स्वागत, लाभार्थियों को वितरित की ट्राई साइकिलें
चंडीगढ़, 25 अक्टूबर -हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अमृतसर स्थित भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल पर पहुंचकर भगवान वाल्मीकि जी को नमन किया और माथा टेककर देश एवं प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। तीर्थ स्थल पर पहुंचने पर लोगों ने मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भगवान वाल्मीकि जयंती के पावन पर्व पर देश एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी का जीवन और उनकी शिक्षाएं संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनकी शिक्षाएं समाज में समानता, सद्भाव, भाईचारे और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश देती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी द्वारा रचित रामायण भारतीय संस्कृति, आदर्श जीवन मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं का अनुपम ग्रंथ है। भगवान वाल्मीकि जी के विचार हमें सत्य, धर्म, कर्तव्य और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को एकजुट करने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जरूरतमंद लाभार्थियों को ट्राई साइकिलें भी वितरित कीं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों को सहायता प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के अवसर उपलब्ध करवाना समाज के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। दिव्यांगजनों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाकर उनके जीवन को सुगम बनाना तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाते हुए हमें समाज के प्रत्येक वर्ग के सम्मान, कल्याण और उत्थान के लिए मिलकर कार्य करना चाहिए। यही भगवान वाल्मीकि जी के प्रति सच्ची श्रद्धा और सम्मान है।
क्रमांक -2026
सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने किया सूरजकुंड दिवाली मेले का भ्रमण, कला-संस्कृति की सराहना की
चंडीगढ़, 25 अक्टूबर- हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने रविवार को हरियाणा पर्यटन विभाग द्वारा ‘आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी मेला’ की थीम पर आधारित तृतीय सूरजकुंड (फरीदाबाद) दिवाली मेले का भ्रमण किया। इस दौरान उनके साथ पूर्व राज्यसभा सांसद किरण चौधरी भी मौजूद रहीं। दोनों ने मेले में विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकारों, हस्तशिल्प उत्पादों और पारंपरिक कलाकृतियों का अवलोकन किया। मेले में भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और स्वदेशी उत्पादों की विविधता देखने को मिली।
मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि सूरजकुंड मेला में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए शिल्पकार अपने पारंपरिक उत्पादों के माध्यम से अपनी कला और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित कर रहे हैं। हस्तनिर्मित वस्तुओं, पारंपरिक परिधानों, सजावटी सामान और क्षेत्रीय उत्पादों के जरिए आगंतुकों को भारत की विविध सांस्कृतिक पहचान से रूबरू होने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पर्यटन, संस्कृति और स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। सूरजकुंड जैसे आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने के साथ-साथ शिल्पकारों और छोटे व्यापारियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराते हैं। वहीं, हरियाणा के पर्यटन एवं विरासत मंत्री अरविंद शर्मा भी प्रदेश के पर्यटन स्थलों और सांस्कृतिक आयोजनों को प्रोत्साहित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
क्रमांक-2026
*किसानों को मंडियों में बेहतर सुविधाएं और फसल का उचित मूल्य दिलाना सरकार की है प्राथमिकता- कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा*
*कृषि मंत्री ने जटौली और फर्रूखनगर मंडियों का किया निरीक्षण, खरीद, उठान व भुगतान व्यवस्था की समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश*
चंडीगढ़, 25 अक्टूबर- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने रविवार को गुरुग्राम की जटौली और फर्रूखनगर अनाज मंडियों का दौरा कर बाजरे की खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मंडियों में पहुंची फसल, खरीद प्रक्रिया तथा किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों और आढ़तियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं के संबंध में फीडबैक भी लिया। एसडीएम दिनेश लुहाच ने कृषि मंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें खरीद प्रक्रिया की जानकारी दी।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि फसल खरीद निर्धारित मानकों के अनुरूप पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
*किसानों की उपज का उचित मूल्य दिलाना सरकार का संकल्प*
मंडियों में खरीद प्रबंधों की समीक्षा के लिए कृषि मंत्री ने मार्केट कमेटी कार्यालय में संबंधित विभागों और खरीद एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि केंद्र और हरियाणा सरकार किसानों की आर्थिक मजबूती तथा उनके हितों की सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के साथ मंडियों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद प्रक्रिया के प्रत्येक चरण पर विशेष ध्यान दिया जाए और किसानों को अपनी फसल बेचने के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
*फसल का समय पर उठान और भुगतान सुनिश्चित करने पर जोर*
मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि मंडियों में केवल खरीद करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि खरीदी गई फसल का समय पर उठान, उचित भंडारण और किसानों को निर्धारित समय पर भुगतान सुनिश्चित करना भी जरूरी है। उन्होंने खरीद एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मंडियों में फसल का अनावश्यक जमाव नहीं होना चाहिए। समय पर उठान होने से मंडी परिसर में पर्याप्त स्थान उपलब्ध रहेगा और अन्य किसान भी आसानी से अपनी फसल लेकर पहुंच सकेंगे। अधिकारियों को खरीद व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए गए।
*मंडियों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता पर रहे विशेष ध्यान*
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में पेयजल, बिजली, छाया, शौचालय और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। किसानों को अपनी फसल बेचने के दौरान स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण मिलना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार करने को कहा।
इस अवसर पर मार्केट कमेटी पटौदी-जटौली के चेयरमैन मनोज मोकलवास, सचिव विपिन यादव सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, आढ़ती और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
क्रमांक-2026
*किसानों, युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण विकास के लिए केंद्र और हरियाणा सरकार प्रतिबद्ध, पात्र युवाओं को योग्यता के आधार पर मिल रही हैं नौकरियां-विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार*
प्रदेश के हर गांव में गलियों, स्ट्रीट लाइट, इंडोर जिम, महिला सांस्कृतिक केंद्र और ई-लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं विकसित करना है सरकार का लक्ष्य
चंडीगढ़, 25 अक्टूबर- हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास, किसानों की खुशहाली, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का उद्देश्य प्रत्येक गांव में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाना और ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। उन्होंने कहा कि गांव हरसाना कलां के ग्रामीणों की भावनाओं और मांगों का सम्मान किया जाएगा तथा ग्रामसभा से प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री रविवार को सोनीपत के गांव हरसाना कलां में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से सुना और प्रदेश सरकार की ओर से ग्रामीण विकास के लिए किए जा रहे कार्यों एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।
मंत्री ने कहा कि हरियाणा का बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है और पंचायत विभाग की जिम्मेदारी गांवों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रदेश में 6,230 ग्राम पंचायतों, 22 जिला परिषदों और 143 ब्लॉक के माध्यम से ग्रामीण विकास के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा प्रदेश के सभी गांव की फिरनियों पर स्ट्रीट लाइट लगवाई जाएगी। अब तक 908 गांवों की फिरनियों पर स्ट्रीट लाइट लगाई जा चुकी हैं और 500 गांव में कार्य चल रहा है। स्ट्रीट लाइट लगाने के इस कार्य में 175 करोड रुपए की लागत आएगी।सरकार का लक्ष्य है कि गांवों में बेहतर रोशनी की व्यवस्था हो और ग्रामीणों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण मिले।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक 996 गांव में 75 करोड रुपए की लागत से अटल पुस्तकालय स्थापित किया जा चुके हैं और इस वित्तीय वर्ष में 1000 नए अटल पुस्तकालय स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है। अटल पुस्तकालय खुलने से युवाओं को पढ़ने की सुविधा मिलेगी। ग्रामीण युवाओं को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए इंडोर जिम स्थापित किए जा रहे हैं। अब तक 427 गांवों में लगभग 28 करोड़ रुपये की लागत से इंडोर जिम स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि दूसरे चरण में 234 गांवों को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा प्रत्येक गांव में महिला सांस्कृतिक केंद्र स्थापित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। अब तक 647 गांवों में महिला सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं तथा अन्य गांवों में भी इस सुविधा का विस्तार किया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि ग्रामीणों को योग और व्यायाम के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से व्यायामशालाएं विकसित की जा रही हैं। इसके तहत 1,025 गांवों में व्यायामशालाएं स्थापित की जा चुकी हैं, जिन पर लगभग 411 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके अतिरिक्त ग्राम सचिवालयों का भी विस्तार किया जा रहा है। गांवों के विद्यार्थियों, विशेषकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए ई-लाइब्रेरी स्थापित करना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मंत्री ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है और किसान की खुशहाली से ही प्रदेश की आर्थिक प्रगति मजबूत होती है। किसान की आय बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलती है और बाजार में आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से हरियाणा में लाखों किसानों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को राहत देने, पशुपालकों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने और किसानों को वैकल्पिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने के लिए भी विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि पशुपालकों को आर्थिक सहयोग देने के उद्देश्य से पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लगभग दो लाख पशुपालकों को 3,449 करोड़ रुपये का लाभ दिया गया है। वहीं, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को फसल नुकसान की भरपाई के लिए सहायता प्रदान की गई है।
श्री पंवार ने कहा कि प्रदेश सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्यता को प्राथमिकता दी है। भाजपा सरकार के कार्यकाल में अब तक 2 लाख युवाओं को बिना खर्ची बिना पर्ची योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को उनकी मेहनत, शिक्षा और योग्यता के आधार पर रोजगार के अवसर मिलना सुशासन की पहचान है।
इस अवसर पर हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन श्री मोहनलाल बडौली राई से विधायक कृष्णा गहलावत, सोनीपत विधायक निखिल मदान, खरखौदा विधायक पवन खरखौदा, नगर निगम मेयर राजीव जैन, सुमित्रा जागलान, बबीता दहिया, गांव के सरपंच जगबीर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे
क्रमांक-2026
पलवल में हरियाणा केसरी अखाड़ा दंगल-2026 का हुआ भव्य समापन, पहलवानों ने दिखाया दमखम
कुश्ती हरियाणा की गौरवशाली खेल परंपरा का प्रतीक, खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण से प्रदेश का नाम हो रहा रोशन- खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम
हरियाणा केसरी, हरियाणा कुमार और हरियाणा कुमारी के खिताबों के लिए पहलवानों ने दिखाए रोमांचक दांव-पेंच
हरियाणा सरकार द्वारा बनाई गई खेल नीति खेल प्रतिभाओं का मनोबल बढ़ाकर सपनों को पंख लगाने का कर रही काम
चंडीगढ़, 25 अक्टूबर- खेल एवं युवा अधिकारिता राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा की धरती सदियों से कुश्ती और अन्य पारंपरिक खेलों की समृद्ध विरासत के लिए जानी जाती है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत, लगन और अनुशासन के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा का गौरव बढ़ाया है। केंद्र और प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। हरियाणा सरकार द्वारा बनाई गई खेल नीति खेल प्रतिभाओं का मनोबल बढ़ाकर उनके सपनों को पंख लगाने का काम कर रही है।
हरियाणा केसरी फ्रीस्टाइल के पुरुष वर्ग के 74 से 125 किलोग्राम भार वर्ग में अर्जुन निवासी झज्जर ने स्वर्ण पदक जीतकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं सुमित निवासी हिसार ने रजत पदक और भूपेंद्र निवासी रोहतक ने कांस्य पदक जीता।
खेल राज्य मंत्री शुक्रवार शाम को हरियाणा खेल एवं युवा मामले विभाग की ओर से पलवल के नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय हरियाणा केसरी अखाड़ा दंगल-2026 के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि कुश्ती केवल शारीरिक शक्ति का खेल नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य, संघर्ष और आत्मसम्मान की भावना को भी मजबूत करती है। अखाड़ों की परंपरा ने ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति को जीवंत बनाए रखा है। ऐसे आयोजनों से युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।
खेल मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। खेल प्रतियोगिताएं युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करती हैं तथा उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और आगे बढ़ने की भावना विकसित करती हैं। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी पहलवानों को बधाई देते हुए कहा कि जीत और हार खेल का हिस्सा हैं। प्रत्येक खिलाड़ी को खेल भावना, अनुशासन और निष्पक्षता के साथ मुकाबले में भाग लेना चाहिए। खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन से सीख लेते हुए भविष्य में और बेहतर उपलब्धियां हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करनी चाहिए।


