*जनप्रतिनिधियों, पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों के साथ सामुदायिक केंद्र, सेक्टर-10 में देखा सीधा प्रसारण*
चंडीगढ़, 25 अक्तूबर: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज पंचकूला में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 139वें संस्करण का ऑनलाइन माध्यम से सीधा प्रसारण देखा। इस अवसर पर सेक्टर-10 स्थित सामुदायिक केंद्र में कार्यक्रम के प्रसारण के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। मुख्यमंत्री ने यहां उपस्थित जनप्रतिनिधियों, पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों के साथ कार्यक्रम को देखा और सुना।
*‘मन की बात’ राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी को करता है प्रोत्साहित*
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से देशवासियों के साथ संवाद करते हैं। इस कार्यक्रम में वे प्रेरणादायक कहानियों, नवोन्मेषी विचारों और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाली पहलों को साझा करते हैं। यह कार्यक्रम देश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे लोगों और संस्थाओं के प्रयासों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करता है।
*बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम में की सहभागिता*
‘मन की बात’ कार्यक्रम में उठाए गए विषयों और जनहित से जुड़ी पहलों के प्रति लोगों का सार्थक जुड़ाव बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की। उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री के विचारों और प्रेरणादायक संदेशों को ध्यानपूर्वक सुना।
*कई गणमान्य व्यक्ति रहे उपस्थित*
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री अजय मित्तल, हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता, हरियाणा राज्य फार्मेसी काउंसिल के चेयरमैन श्री बीबी सिंघल, हरियाणा शिवालिक विकास बोर्ड के कार्यकारी उपाध्यक्ष श्री ओमप्रकाश देवीनगर, वार्ड नंबर-4 के पार्षद श्री भारत हितैषी, मंडल अध्यक्ष श्री प्रमोद वत्स और मीडिया संपर्क प्रमुख श्री प्रवीण अत्रे सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
क्रमांक -2026
हरियाणा के 610 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में यूपीआई भुगतान सुविधा शुरू, घर बैठे हो सकेगा ओपीडी पंजीकरण
मरीजों को लंबी कतारों से मिलेगी राहत, अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच होगी आसान: डॉ. सुमिता मिश्रा
प्रदेश के सभी 23 जिला नागरिक अस्पतालों सहित 610 स्वास्थ्य संस्थानों में डिजिटल भुगतान सुविधा लागू
118 स्वास्थ्य संस्थानों में ‘स्कैन एंड रजिस्टर’ सुविधा शुरू, मरीज पारंपरिक पंजीकरण कतार में लगे बिना ही करवा सकेंगे ओपीडी पंजीकरण
डिजिटल सुविधाओं के साथ नकद भुगतान और अस्पताल में सीधे पंजीकरण की व्यवस्था भी रहेगी जारी: डॉ. सुमिता मिश्रा
चंडीगढ़, 25 अक्टूबर- हरियाणा सरकार ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों को लंबी कतारों से राहत दिलाने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। प्रदेश के 610 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान सुविधा शुरू की गई है। इसके साथ ही मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले घर बैठे ऑनलाइन ओपीडी पंजीकरण कराने की सुविधा का भी विस्तार किया गया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में पंजीकरण और भुगतान की प्रक्रिया को सरल बनाना, मरीजों का प्रतीक्षा समय कम करना तथा उन्हें सुविधाजनक और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 23 जिला नागरिक अस्पतालों, 52 नागरिक एवं उप-नागरिक अस्पतालों, 121 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा 414 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित कुल 610 स्वास्थ्य संस्थानों में यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू कर दी गई है। इस सुविधा के माध्यम से मरीज अब ओपीडी पंजीकरण, आईपीडी पंजीकरण, मेडिको-लीगल मामलों तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्धारित शुल्क का भुगतान यूपीआई के माध्यम से कर सकेंगे। प्रदेश के सभी 23 जिलों के सिविल सर्जन कार्यालयों में भी यह सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।
घर बैठे ओपीडी पंजीकरण से मरीजों का बचेगा समय:
डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने ई-उपचार अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली से जुड़े 23 जिला नागरिक अस्पतालों, 31 नागरिक एवं उप-नागरिक अस्पतालों तथा अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में घर बैठे ओपीडी पूर्व-पंजीकरण की सुविधा को भी सुदृढ़ किया है। इसके तहत मरीज अस्पताल जाने से पहले ही ऑनलाइन ओपीडी पंजीकरण करवा सकेंगे। इससे उन्हें अस्पताल पहुंचने के बाद पारंपरिक पंजीकरण काउंटरों पर लंबी कतारों में लगने से राहत मिलेगी। ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने वाले मरीजों को निर्धारित तिथि और समय पर अस्पताल पहुंचना होगा।
उन्होंने बताया कि अस्पतालों में पूर्व-पंजीकरण के लिए अलग से काउंटर स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही शुल्क भुगतान की प्रक्रिया को तेज और सुविधाजनक बनाने के लिए ‘स्कैन एंड पे’ सुविधा भी शुरू की गई है।
118 स्वास्थ्य संस्थानों में ‘स्कैन एंड रजिस्टर’ सुविधा
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने ई-हॉस्पिटल प्रणाली के अंतर्गत संचालित 118 स्वास्थ्य संस्थानों में ‘स्कैन एंड रजिस्टर’ सुविधा भी शुरू की है। इनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक के संस्थान शामिल हैं। इस सुविधा के माध्यम से मरीज पारंपरिक पंजीकरण कतारों में लगे बिना ओपीडी सेवाओं के लिए अपना पंजीकरण करवा सकेंगे। इससे विशेष रूप से अधिक मरीजों की आवाजाही वाले समय में अस्पतालों के पंजीकरण काउंटरों पर भीड़ कम होगी और मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने में सुविधा होगी।
डिजिटल सुविधाओं के साथ नकद भुगतान और ऑफलाइन पंजीकरण भी रहेगा जारी:
डॉ. सुमिता मिश्रा ने स्पष्ट किया कि डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन पंजीकरण सुविधाएं शुरू होने के बावजूद अस्पतालों में नकद भुगतान तथा सीधे पहुंचकर पंजीकरण कराने की पारंपरिक व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जिन मरीजों के पास स्मार्टफोन नहीं है अथवा जो डिजिटल भुगतान एप का उपयोग नहीं करते, उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। ऐसे मरीज पहले की तरह अस्पताल पहुंचकर अपना पंजीकरण करवा सकेंगे और नकद भुगतान भी कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य सभी नागरिकों को सुरक्षित, पारदर्शी और सुविधाजनक डिजिटल सेवाएं उपलब्ध करवाना है, ताकि सरकारी अस्पतालों में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
पानीपत में सफल परीक्षण के बाद पूरे प्रदेश में लागू की गई व्यवस्था:
डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली का सबसे पहले पानीपत के जिला नागरिक अस्पताल में सफल परीक्षण किया गया था। इसके सकारात्मक परिणामों के बाद इस सुविधा को प्रदेश के अन्य जिलों में लागू करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में 13 अक्टूबर को राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई थी, जिसमें सभी सिविल सर्जनों और उप-सिविल सर्जनों को 16 अक्टूबर तक यूपीआई आधारित भुगतान सुविधा लागू करने के निर्देश दिए गए थे। स्वास्थ्य विभाग ने निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रदेश के सभी 23 जिलों में इस व्यवस्था को क्रियान्वित कर दिया।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि डिजिटल तकनीक के उपयोग से सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। इससे न केवल मरीजों के समय की बचत होगी, बल्कि अस्पतालों में पंजीकरण और भुगतान संबंधी प्रक्रियाएं भी सुव्यवस्थित होंगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग नागरिकों को बेहतर, सुलभ और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन पंजीकरण की यह पहल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
क्रमांक -2026
*विकसित भारत का सपना साकार करना है तो युवाओं को नशे से बचाना होगा : राज्यपाल*
*एमडीयू में नशामुक्ति रैली को दिखाई हरी झंडी, प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए नशामुक्त समाज बनाने का आह्वान*
चंडीगढ़ 25 अक्टूबर – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 के संकल्प को साकार करने के लिए युवाओं को नशे से बचाना और उन्हें राष्ट्र निर्माण से जोड़ना जरूरी है। नशा समाज के लिए गंभीर खतरा है। इससे निपटने के लिए शिक्षक, विद्यार्थी और समाज के सभी वर्ग मिलकर नशामुक्त भारत के निर्माण को जनआंदोलन बनाएं। यह आह्वान हरियाणा के राज्यपाल एवं महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के कुलाधिपति प्रो. असीम कुमार घोष ने किया। वे रविवार को एमडीयू रोहतक में एनएसएस सेल द्वारा आयोजित नशामुक्ति जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर रहे थे।
राज्यपाल एवं कुलाधिपति प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी हासिल होगा, जब देश का युवा स्वस्थ, जागरूक और नशे से दूर होगा। युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग देश के विकास में होना चाहिए। इसके लिए नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और युवाओं को सामाजिक सरोकारों से जोड़ना जरूरी है। इस अवसर पर राज्यपाल की धर्मपत्नी एवं हरियाणा की प्रथम महिला श्रीमती मित्रा घोष की गरिमामयी उपस्थिति रहीं।
इस जागरूकता रैली में नेशनल इंटीग्रेशन कैंप में भाग ले रहे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओड़िसा, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा आदि नौ राज्यों के 172 श्रेष्ठ एनएसएस स्वयंसेवकों ने पारंपरिक परिधानों में शामिल होकर नशे के खिलाफ जागरूकता का सार्थक संदेश दिया।
एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए नशामुक्त वातावरण को जरूरी बताते हुए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक प्रो. सविता राठी ने स्वागत भाषण में नेशनल इंटीग्रेशन कैंप बारे जानकारी दी। मंच संचालन प्रो. दिव्या मल्हान ने किया।
इस अवसर पर डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. रणदीप राणा, रजिस्ट्रार प्रो. संदीप बंसल, श्रीमती राखी बंसल, डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल प्रो. राजेश पूनिया, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. सपना गर्ग, खेल निदेशक कुलताज सिंह, निदेशक कैंपस फॉरेस्ट्री प्रो. सुरेंद्र यादव, निदेशक युवा कल्याण डॉ. प्रताप राठी, फैकल्टी हाउस इंचार्ज डॉ. संजीव कुमार और एनएसएस उप निदेशक प्रो. अंजू पंवार सहित एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी, स्वयंसेवक और उनके प्रभारी उपस्थित रहे।


