चंडीगढ़, 23 अक्टूबर। हरियाणा में बिजली कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और ऊर्जा मंत्री अनिल विज के साथ सकारात्मक बातचीत के बाद अपनी दो दिवसीय हड़ताल वापस लेने की घोषणा की है। कर्मचारियों के काम पर लौटने के साथ ही प्रदेश में बिजली आपूर्ति बहाल करने का कार्य तत्काल शुरू किया जाएगा। बैठक में समानांतर बिजली लाइसेंस और बिजली क्षेत्र में निजीकरण के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार बिजली उपभोक्ताओं के हितों और कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार प्रदेश के बिजली क्षेत्र में निजीकरण के पक्ष में नहीं है और समानांतर बिजली लाइसेंस के मामले में कर्मचारियों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है।
पंचकूला में बिजली कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का रुख इस मामले में पहले से स्पष्ट है। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) के आदेश के बाद उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए कानूनी और वैधानिक विकल्प अपनाए जाएंगे।
बिजली आयोग के आदेश की होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 108 के तहत राज्य सरकार आयोग को आवश्यक निर्देश जारी करने के लिए कार्रवाई करेगी। इसके अलावा, अधिनियम की धारा 94 के तहत संबंधित आदेश की समीक्षा के लिए भी नियमानुसार कदम उठाने पर सहमति बनी है। अधिकारियों को इस संबंध में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि राज्य सरकार ने निजी कंपनी को समानांतर बिजली लाइसेंस देने के निर्णय का शुरुआत से ही विरोध किया है। सरकार ने किसी निजी कंपनी से इस संबंध में आवेदन आमंत्रित नहीं किए थे। हालांकि, विद्युत अधिनियम के प्रावधानों के तहत संबंधित कंपनी आयोग के समक्ष आवेदन कर सकती है।
उन्होंने कहा कि सरकार इस निर्णय के खिलाफ कानूनी विकल्प अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। विधानसभा में भी सरकार अपना रुख स्पष्ट कर चुकी है। बैठक में अधिकारियों को आगे की कार्रवाई शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए गए।
3 नवंबर को होगी अगली बैठक
हरियाणा ज्वाइंट एक्शन कमेटी के कर्मचारी प्रतिनिधियों ने बताया कि समानांतर बिजली लाइसेंस और निजीकरण के विरोध में कर्मचारी पिछले दो दिनों से हड़ताल पर थे। मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री ने उनकी चिंताओं को सुना तथा सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।
सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई वार्ता के बाद यूनियनों ने हड़ताल वापस लेने और कर्मचारियों को तत्काल काम पर लौटने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के फैसले का स्वागत करते हुए उनका आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की अन्य मांगों पर बातचीत जारी रहेगी। इस संबंध में अगली बैठक 3 नवंबर को निर्धारित की गई है। सरकार ने भरोसा दिलाया कि बिजली व्यवस्था में जनहित की रक्षा, कर्मचारियों के अधिकारों और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
news written by Priyanka Thakur


