*कहा- आरोप लगाने के बजाय चुनाव आयोग या अदालत में जाए कांग्रेस,*
*किसानों की फसल खरीद और भुगतान को लेकर पंजाब सरकार पर भी साधा निशाना, बोले- हरियाणा में 48 से 72 घंटे में हो रहा भुगतान*
चंडीगढ़, 6 नवंबर — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस नेता श्री राहुल गांधी की ओर से डिबेट की चुनौती दिए जाने पर जवाब देते हुए कहा कि श्री राहुल गांधी हरियाणा में आकर डिबेट कर सकते हैं। इसके लिए प्रदेश में जगह उपलब्ध करवा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारे युवा मोर्चा के अध्यक्ष वहां जाएंगे, और राहुल से सवाल करेंगे। ऐसा नहीं हो सकता कि एक तरफ से केवल झूठ बोला जाए और फिर भागकर चले जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कांग्रेस को चुनाव प्रक्रिया को लेकर कोई परेशानी है तो उसे मुख्य चुनाव आयुक्त के सामने अपनी बात रखनी चाहिए। चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है और अदालतों के दरवाजे भी खुले हैं। कांग्रेस वहां जाकर अपनी बात क्यों नहीं रखती? केवल घर बैठकर और लोगों को दिखाने के लिए आरोप लगाने से कुछ नहीं होगा।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत जारी होने वाली राशि के हस्तांतरण करने के बाद हरियाणा निवास में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सरकार की योजनाओं, किसानों की फसल खरीद और कांग्रेस के आरोपों सहित विभिन्न मुद्दों पर सवालों के जवाब दिए। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण बेदी, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास आज जनता के बीच जाने के लिए कोई मुद्दा नहीं है। इसलिए वह वोट चोरी के नाम पर देश को गुमराह करने और लोकतंत्र तथा चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस को यदि कहीं किसी मतदाता का नाम कटने या गलत दर्ज होने की शिकायत है, तो चुनाव आयोग ने इसके लिए पूरी प्रक्रिया निर्धारित की है। मतदाता सूची सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कराई गई है और एक महीने का समय भी दिया गया था कि कोई गलती होने पर निर्धारित फॉर्म भरकर आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। इसके बावजूद कांग्रेस जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। देश की जनता सब देख रही है और अब वह इनके बहकावे में आने वाली नहीं है। वोट चोरी नहीं हुई, इनके जो कारनामे थे, ये उसी का परिणाम है। लोग तो अब ये कह रहे हैं कि काँग्रेस को तो पार्टी बंद कर देनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में बुजुर्गों को छह-छह महीने तक पेंशन नहीं मिलती थी। बुजुर्गों को अपनी पेंशन के लिए परेशान होकर सरकारी दफ्तरों और नेताओं के दरवाजों के चक्कर काटने पड़ते थे। कई बार लोग उनके दरवाजों के बाहर धूप में खड़े रहते थे, लेकिन उनकी परेशानी पूछने वाला भी कोई नहीं होता था। कांग्रेस के नेता आज वोट चोरी की बात करते हैं, लेकिन उन्हें अपने शासनकाल में गरीबों, बुजुर्गों और जरूरतमंदों के साथ किए गए व्यवहार का जवाब देना चाहिए। कांग्रेस के समय गरीब व्यक्ति को 200 रुपये का लाभ पहुंचाने की बात होती थी, लेकिन उसमें से 150 रुपये कहां चले जाते थे, इसका किसी को पता नहीं चलता था और गरीब के हाथ में केवल 50 रुपये आते थे। आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब व्यक्ति को उसका पूरा हक सीधे उसके बैंक खाते में पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक देश पर शासन किया। देश की जनता ने उन्हें एक नहीं, बल्कि कई पीढ़ियों तक अवसर दिया। लोगों ने सोचा कि शायद अगली पीढ़ी देश के लिए कुछ करेगी, लेकिन हालात नहीं बदले। दादा और पोते के समय में भी वही ढ़ाक के तीन पात वाली स्थिति रही। कांग्रेस के पास सत्ता में रहते हुए भी देश के विकास के लिए कोई ठोस विजन नहीं था और आज भी उसकी राजनीति केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित है। कभी काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन करते हैं, कभी धरने पर बैठते हैं और अब चौपालों की याद आ रही है।
*कांग्रेस ने गरीबी हटाओ के केवल नारे दिए, मोदी सरकार ने 50 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकाला*
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने 55 वर्षों तक गरीबी हटाओ का नारा दिया, लेकिन गरीबों की गरीबी दूर नहीं कर पाई। वहीं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में 50 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकालकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया गया है। गरीबों को पक्के मकान मिले, घरों में गैस सिलेंडर पहुंचे, रसोई तक स्वच्छ जल पहुंचा और बिजली की सुविधा उपलब्ध हुई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गरीब परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक जीवन देने का काम किया है। कांग्रेस के नेता बताएं कि अपने 55 वर्षों के शासनकाल में उन्होंने गरीबों के लिए क्या किया?
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की हर योजना गरीबों के विश्वास की गारंटी है, किसानों के विश्वास की गारंटी है, महिलाओं के सशक्तिकरण की गारंटी है और युवाओं को आगे बढ़ाने की गारंटी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से अब तक 24 किस्तों में लगभग 7.5 लाख करोड़ रुपये किसानों के खातों में पहुंचाए जा चुके हैं। कांग्रेस ने किसानों के बीच यह झूठ फैलाया कि मोदी सरकार एमएसपी समाप्त कर देगी, जबकि हर वर्ष एमएसपी में बढ़ोतरी हो रही है। किसान स्वयं देख रहे हैं कि उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
*महिलाओं से किए वादे पूरे न करने पर केजरीवाल और कांग्रेस को घेरा*
मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में चुनाव के समय महिलाओं को एक हजार रुपये देने का वादा किया गया था। पांच साल में यह राशि 50 हजार रुपये बनती है। अब चुनाव नजदीक आते ही महिलाओं के खातों में एक हजार रुपये डालने की बात की जा रही है। सवाल यह है कि पांच साल तक महिलाओं को यह राशि क्यों नहीं दी गई? महिलाओं से झूठे वादे करके उनके वोट हासिल करना और फिर उन्हें पूरा न करना उनके साथ धोखा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने महिलाओं से जो वादा किया था, उसे पूरा करने की दिशा में काम किया है। सरकार ने निर्णय लिया कि जिन परिवारों की वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये तक है, उनकी रसोई में 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। हमारी सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने का काम करती है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस द्वारा हरियाणा में 100-100 गज के प्लॉट देने के वादे का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस ने अंतिम दिनों में गरीबों को प्लॉट देने के नाम पर सिर्फ घोषणा की थी, लेकिन न तो लोगों को कागज मिले और न ही वास्तविक कब्जा मिला। हमारी सरकार ने पात्र लोगों को प्लॉट के कागज देने के साथ-साथ कब्जा दिलाने का काम किया है। कांग्रेस की राजनीति केवल वोट लेने तक सीमित रही, जबकि हमारी सरकार गरीबों को उनका अधिकार दिलाने के लिए काम कर रही है।
*पंजाब सरकार ने आपदा के समय भी किसानों की मदद में राजनीति की*
मुख्यमंत्री ने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में प्राकृतिक आपदा के समय भी किसानों की सहायता के मामले में राजनीति की गई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब को 1600 करोड़ रुपये और हिमाचल प्रदेश को 1500 करोड़ रुपये की सहायता दी। पंजाब में सहायता राशि के उपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आपदा के समय जब पंजाब में पशुओं में बीमारी फैली, तो वहाँ के लोगों ने पशुओं के इलाज के लिए मदद की अपील की, जिस पर हरियाणा ने पशुओं के उपचार के लिए डॉक्टर और दवाइयाँ भेजने का आग्रह किया, लेकिन पंजाब सरकार ने अनुमति नहीं दी। यह कोई राजनीतिक विषय नहीं था, बल्कि मानवता का विषय था। किसानों के पशु बीमारी से मर रहे थे और उन्हें बचाने के लिए हरियाणा सरकार सहायता करना चाहती थी, लेकिन इसमें भी राजनीति की गई। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
*डबल इंजन सरकार में किसानों को समय पर भुगतान की गारंटी*
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार का यही लाभ है कि किसानों की फसल का भुगतान 48 से 72 घंटे के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में पहुंच रहा है। यदि 72 घंटे से अधिक देरी होती है तो किसानों को ब्याज सहित भुगतान किया जाता है। यह केवल घोषणा नहीं, बल्कि किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता है। पंजाब में किसानों को अपनी फसल के भुगतान के लिए इंतजार करना पड़ता है, जबकि हरियाणा में किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पंजाब की फसल खरीद व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंजाब के किसान उनसे लगातार मिलते हैं और अपनी परेशानी बताते हैं। किसानों का कहना है कि उनसे आप पार्टी के नेताओं ने मंच पर पूरी फसल खरीदने का वादा किया गया था, लेकिन अब भी उन्हें अपनी फसल बेचने में दिक्कत आ रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में क्षेत्रवाद को बढ़ावा दिया जाता था। उस समय केवल रोहतक के विकास की बातें होती थीं, लेकिन वहां के लोग भी आज कहते हैं कि उन्हें विकास नहीं मिला। विकास के नाम पर आने वाला पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था। हमारी सरकार पूरे हरियाणा का समान विकास सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के पास न तो कोई ठोस मुद्दा है और न ही जनता को बताने के लिए कोई उपलब्धि। वे केवल झूठ फैलाकर और लोगों को गुमराह करके राजनीति करना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस द्वारा लगाई गई संसद में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व स्पीकर मीरा कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। वह एक प्रतिष्ठित और वरिष्ठ नेता हैं। ऐसे में उन्हें इस तरह बैठाना उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं का अपना राजनीतिक कद और गरिमा होती है, जिसका ध्यान रखा जाना चाहिए।
क्रमांक – 2026
*नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित दवाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्ध : आरती सिंह राव*
*- अनियमितताएं पाए जाने पर 966 ड्रग सेल लाइसेंस, 12 मैन्युफैक्चरिंग/ब्लड सेंटर लाइसेंस निलंबित*
चंडीगढ़ ,6 नवंबर – हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि प्रदेश में नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित दवाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) विभाग को नकली दवा बेचने तथा बनाने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) विभाग के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों पर की गई कार्रवाई के दौरान 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 की अवधि के दौरान ड्रग विंग द्वारा गहन निरीक्षण अभियान चलाया गया, जिसके तहत कुल 13,590 बिक्री इकाइयों तथा 423 निर्माण इकाइयों की जांच की गई। नियमों में ढिलाई और अनियमितताएं पाए जाने पर सख्त कदम उठाते हुए 966 ड्रग सेल लाइसेंस, 12 मैन्युफैक्चरिंग/ब्लड सेंटर लाइसेंस निलंबित किए गए, जबकि 15 लाइसेंसों को पूरी तरह रद्द और 5 को आंशिक रूप से रद्द किया गया।
उन्होंने बताया कि गुणवत्ता नियंत्रण को मजबूत करने के लिए इस अवधि में 2,389 सैंपल एकत्र किए गए, जिनमें से 2,189 सैंपल की जांच पूरी हो चुकी है और इनमें 11 सब-स्टैंडर्ड पाए गए हैं।
उन्होंने आगे बताया कि विभाग द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसते हुए 64 मामलों में अभियोजन दर्ज कराया गया, जबकि अदालत में विचाराधीन 15 मामलों का निपटारा हुआ, जिनमें 8 में सजा और 7 में बरी का फैसला आया। फिलहाल 462 मामले अदालत में लंबित हैं। इसके अतिरिक्त, पुलिस और एफडीए अधिकारियों की संयुक्त कार्रवाई के तहत 376 संयुक्त छापेमारी ) की गई, जिसमें एनडीपीएस अधिनियम (NDPS Act) के तहत 2 और एमटीपी अधिनियम (MTP Act) के तहत 4 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गईं।
प्रवक्ता ने यह भी बताया कि एफडीए की टीम ने अप्रैल 2026 में लगभग 70 लाख रुपये मूल्य के नकली वजन घटाने और मधुमेह नियंत्रण के टीकों (नकली ‘मौनजारो’ इंजेक्शन) को जब्त किया गया। वहीं जुलाई 2026 में एफडीए गुरुग्राम की टीम ने बीपी की नकली दवा ‘टेल्मा-एएम’ बनाने और बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया।
इसी कड़ी में 28 जुलाई 2026 को एफडीए फरीदाबाद की टीम ने एक शिकायत पर कार्रवाई करते हुए नकली प्रोपलीन ग्लाइकोल की बड़ी खेप जब्त की। उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य मानकों को बढ़ावा देने के लिए 2,675 रिटेल/होलसेल सेल लाइसेंस और 20 मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस जारी किए गए, 14 चिकित्सा संस्थानों को मान्यता दी गई तथा 2 निर्माण इकाइयों को WHO-GMP स्तर में अपग्रेड किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ पूरी तरह जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। बाजार में बिकने वाली दवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा के प्रत्येक नागरिक को शुद्ध, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाली दवाइयां उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी यह अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।
क्रमांक -2026
जंगबीर सिंह
*धनतेरस पर हरियाणा के लाखों लाभार्थियों को सौगात, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक क्लिक से लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की 4,470 करोड़ 77 लाख रुपये की राशि*
*पंचायतों और नगरपालिकाओं को भी मिला विकास का तोहफा*
*गांवों के विकास के लिए पंचायतों को 1,158 करोड़ रुपये की किस्त जारी, नगरपालिकाओं को 1,727.80 करोड़ रुपये जारी*
*कर्मचारियों को भी मिला तोहफा, महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी, अब 63 प्रतिशत मिलेगा डीए-डीआर*
चंडीगढ़, 6 नवंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने धनतेरस के पावन अवसर पर प्रदेश के लाखों परिवारों को बड़ी सौगात देते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत लाखों लाभार्थियों और पंचायती राज संस्थाओं व नगरपालिकाओं के बैंक खातों में सीधे 4,470 करोड़ 77 लाख रुपये की राशि हस्तांतरित की। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि आज ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना की 13वीं किस्त जारी की है। इस योजना के तहत 10 लाख 59 हजार लाभार्थी बहन-बेटियों के खातों में 222 करोड़ 52 लाख रुपये की राशि डाली गई है। इसे मिलाकर अब तक 13 किस्तों में 2 हजार 689 करोड़ 15 लाख रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि इस योजना का दूसरा चरण गत 17 सितंबर से शुरु हो चुका है। सरकार ने इस योजना का दायरा बढ़ाते हुए वार्षिक आय सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 लाख 80 हजार रुपये कर दिया है। आज जारी की गई राशि में ऐसी 49 हजार 290 पात्र बहन-बेटियां शामिल हैं।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने विभिन्न 15 सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत 1 हजार 135 करोड़ 21 लाख रुपये की राशि सीधे 35 लाख 26 हजार 358 लाभार्थियों के बैंक खातों में डाली। इनमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, दिव्यांग भत्ता और अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन करते हुए ‘प्रो-एक्टिव मॉडल’ को अपनाया है। इसके तहत परिवार पहचान पत्र डेटाबेस के आधार पर पात्रता स्वयं निर्धारित होती है और पात्र नागरिकों को बिना दफ्तरों के चक्कर काटे, बिना आवेदन किए घर बैठे ही भत्ते का लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने ‘हर घर-हर गृहिणी’ योजना के तहत गैस सिलेंडर रिफिल करवाने वाली 6 लाख 5 हजार बहनों के बैंक खातों में सितम्बर माह की 24 करोड़ 25 लाख रुपये की सब्सिडी भी जारी की। इस योजना में पात्र महिलाओं को हर महीने 500 रुपये में गैस सिलेंडर दिया जा रहा है। आज जारी की गई राशि को मिलाकर, अब तक 14 लाख 66 हजार पात्र बहनों के बैंक खातों में कुल 404 करोड़ 46 लाख रुपये की राशि डाली जा चुकी है।
*गांवों के विकास के लिए पंचायतों को 1,158 करोड़ रुपये की किस्त जारी, नगरपालिकाओं को 1,727.80 करोड़ रुपये जारी*
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष राज्य सरकार ने गांवों के विकास कार्यों के लिए राज्य वित्त आयोग के तहत 2 हजार 316 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसी कड़ी में आज राज्य वित्त आयोग अनुदान की पहली व दूसरी किस्त के तहत 1,158 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। यह राशि 22 जिला परिषदों, 143 पंचायत समितियों और 6 हजार 230 ग्राम पंचायतों के बैंक खातों में डाली गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष सरकार ने शहरों के विकास के लिए राज्य वित्त आयोग योजना में 2 हजार 754 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया है। आज प्रदेश की नगरपालिकाओं को 1,727 करोड़ 80 लाख रुपए की राशि जारी की है। आज की राशि मिलाकर अब तक इस वित्त वर्ष में पालिकाओं को 1927 करोड़ 80 लाख रुपए की राशि जारी की जा चुकी है।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने दयालु योजना के तहत 5 हजार 429 परिवारों को 202 करोड़ 99 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। आज जारी की गई आर्थिक सहायता को मिलाकर, अब तक 97 हजार 655 परिवारों को 3 हजार 682 करोड़ 83 लाख रुपये की आर्थिक सहायता जारी की जा चुकी है।
*कर्मचारियों को भी मिला तोहफा, महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी, अब 63 प्रतिशत मिलेगा डीए-डीआर*
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने धनतेरस का तोहफा देते हुए प्रदेश के कर्मचारियों व पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 3 प्रतिशत बढोतरी करने की घोषणा की। यह बढोतरी 1 जुलाई, 2026 से लागू होगी। इससे महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की दर 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो गई है। इस बढ़ोतरी से राज्य सरकार के लगभग 2 लाख 78 हजार नियमित कर्मचारियों और करीब 2 लाख 60 हजार पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा। इनके अलावा, बोर्डों, निगमों, स्वायत्त निकायों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों आदि के कर्मचारियों को भी इसी के अनुसार लाभ मिलेगा। इससे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के खजाने पर 545 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
क्रमांक 2026
*मधुमक्खी पालकों को बड़ी सौगात, मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में शामिल हुआ मधुमक्खी पालन; प्रति कॉलोनी व बॉक्स मिलेगा 1,250 रुपये का बीमा कवर*
*मधुमक्खी पालकों को प्रति कॉलोनी व बॉक्स देना होगा मात्र 50 रुपये प्रीमियम, 6.25 लाख रुपये तक मिलेगा बीमा क्लेम*
*धान खरीद के तहत अब तक 43 लाख मीट्रिक टन धान की हुई खरीद, 2.88 लाख किसानों के खातों में 9,880 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित*
चंडीगढ़, 6 नवंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और उन्हें प्राकृतिक आपदाओं एवं विभिन्न जोखिमों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। डबल इंजन सरकार बीज से लेकर बाजार तक हर कदम पर किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। इसी दिशा में मधुमक्खी पालकों को बड़ी राहत देते हुए मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि अब मधुमक्खी पालकों को प्रति कॉलोनी और प्रति बॉक्स मात्र 50 रुपये प्रीमियम देना होगा, जिसके एवज में उन्हें प्रति कॉलोनी व बॉक्स 1,250 रुपये का बीमा कवर मिलेगा। इस योजना के तहत मधुमक्खी पालक अधिकतम 6 लाख 25 हजार रुपये तक का बीमा क्लेम प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने और शहद उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए भी प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से 16 अगस्त, 2025 को कुरुक्षेत्र में शहद को भावांतर भरपाई योजना में शामिल करने की घोषणा की गई थी, जिसे 27 सितंबर, 2025 को लागू कर दिया गया। इस योजना के तहत शहद का संरक्षित मूल्य 120 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है।
उन्होंने कहा कि अपने बजट अभिभाषण 2026-27 में 7 मार्च, 2026 को मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में शामिल करने की घोषणा की थी। अब इस घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए मधुमक्खी पालन को योजना के दायरे में लाया गया है। इससे मधुमक्खी पालकों को प्राकृतिक आपदाओं एवं अन्य जोखिमों से होने वाले संभावित नुकसान के विरुद्ध आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और प्रदेश में मधुमक्खी पालन को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में बढ़ावा मिलेगा।


