अमृतसर में बाढ़ का कहर 3 लोगों की मौत, 4 लापता, गांव खाली कराए गए, रेस्क्यू में जुटी आर्मी
पंजाब के अमृतसर जिले में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। लगातार बारिश और नदियों के उफान के चलते कई गांव पानी में डूब गए हैं। जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है और 4 लोग लापता बताए जा रहे हैं। हालात को देखते हुए सेना को राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है।
गांवों से लोगों को सुरक्षित निकाला गया
अमृतसर के सीमावर्ती और निचले इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर दर्जनों गांव खाली करवाए हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में भेजा गया है। कई जगहों पर पानी के तेज बहाव के कारण सड़कें और खेत जलमग्न हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने ऐसा भयावह दृश्य पहले कभी नहीं देखा।
सेना और एनडीआरएफ की टीमें मोर्चे पर
जिला प्रशासन के साथ-साथ भारतीय सेना और एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की टीमें राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। नावों और मोटरबोट की मदद से प्रभावित इलाकों से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। जिन परिवारों का घर पूरी तरह पानी में डूब चुका है, उन्हें अस्थायी राहत शिविरों में रखा गया है।
बिजली और संचार व्यवस्था प्रभावित
कई इलाकों में बाढ़ का पानी इतना बढ़ गया है कि वहां बिजली की सप्लाई बंद करनी पड़ी। टेलीफोन और मोबाइल नेटवर्क भी बाधित हो रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सिर्फ सरकारी निर्देशों का पालन करें।
किसानों को भारी नुकसान
बाढ़ के कारण खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। धान और सब्जियों की खेती पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। किसानों का कहना है कि यह नुकसान उनकी सालभर की मेहनत पर पानी फेर देगा। सरकार ने नुकसान का आकलन करने के लिए विशेष टीमों को भेजा है।
राहत सामग्री और मेडिकल कैंप
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत सामग्री उपलब्ध करवाना शुरू कर दिया है। पीने का पानी, राशन और दवाइयां शिविरों में भेजी जा रही हैं। साथ ही मेडिकल कैंप लगाकर डॉक्टरों की टीम प्रभावित लोगों की जांच कर रही है। बाढ़ग्रस्त इलाकों में बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है, जिसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है।
सरकार की अपील
पंजाब सरकार ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा है कि बाढ़ राहत कार्यों में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही केंद्र सरकार से भी अतिरिक्त सहायता मांगी गई है।
नदियों के किनारे बसे गांवों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। सतलुज और ब्यास नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। नदियों के किनारे बसे गांवों को विशेष सतर्क रहने और तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।