मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व को धूमधाम से मनाने को मंजूरी दी
मुख्यमंत्री ने भारत सरकार से इस अवसर पर एक स्मारक डाक टिकट जारी करने की अपील की।
राज्य सरकार गुरु साहिब की गौरवशाली विरासत को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध
चंडीगढ़, 19 मई:
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मंत्रिसमूह ने आज श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी जयंती को बड़े स्तर पर मनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रमों की श्रृंखला को मंजूरी दे दी।
यहां अपने सरकारी आवास पर एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार नौवें सिख गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी जयंती को बड़े पैमाने पर मनाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गुरु साहिब के जीवन और दर्शन पर शोध कार्य के लिए पंजाबी विश्वविद्यालय (पटियाला) में एक पीठ स्थापित करेगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि गुरु साहिब के इतिहास का वर्णन करने वाली पुस्तिका जारी करने के साथ-साथ गुरु साहिब के पदों पर भी एक पुस्तिका जारी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने श्री आनंदपुर साहिब में अंडर-17 फुटबॉल टूर्नामेंट के आयोजन के साथ-साथ राज्य भर में विश्व शांति शिखर सम्मेलन और विश्व अंतरधार्मिक शिखर सम्मेलन के आयोजन को भी मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के अद्वितीय बलिदान को श्रद्धांजलि देने के लिए पंजाब के विभिन्न जिलों में सेमिनार भी आयोजित किए जाएंगे, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसके साथ-साथ राज्य भर में अन्य कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की जाएगी और गुरु साहिब के चरणों के स्पर्श वाले स्थानों का व्यापक विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल, उच्च शिक्षा, पर्यटन एवं संस्कृति, सूचना एवं लोक संपर्क विभाग अन्य विभागों के साथ मिलकर गुरु साहिब के शहीदी दिवस की याद में सेमिनार, सम्मेलन, कीर्तन दरबार, लाइट एंड साउंड शो, पुस्तकों का प्रकाशन तथा अन्य कई कार्यक्रम उत्साह के साथ आयोजित करेंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि विश्वभर में मानवाधिकारों के पहले समर्थक श्री गुरु तेग बहादुर जी की गौरवशाली विरासत को कायम रखने के लिए जम्मू से बाबा बकाला और श्री आनंदपुर साहिब होते हुए दिल्ली तक यात्रा निकाली जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि रूपनगर, मानसा, बठिंडा, पटियाला, जालंधर, संगरूर, एसबीएस नगर, तरनतारन, श्री फतेहगढ़ साहिब, बरनाला, श्री मुक्तसर साहिब, अमृतसर, एसएएस नगर सहित जिलों में गुरु साहिब के चरण स्पर्श वाले 63 स्थानों पर बुनियादी ढांचे के विकास को प्रमुख बढ़ावा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इन पवित्र स्थलों को खूबसूरती से सजाएगी तथा इनके ऐतिहासिक महत्व को उजागर करेगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसके अलावा राज्य सरकार भारत सरकार से गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और दर्शन पर एक स्मारक डाक टिकट जारी करने की भी अपील करेगी। उन्होंने कहा कि भारत के रक्षक के रूप में विख्यात गुरु जी धर्म के रक्षक और धार्मिक स्वतंत्रता के योद्धा थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समस्त मानवता के लिए सभी धर्मों का सम्मान करना अत्यंत आवश्यक है, जिससे सांप्रदायिक सद्भाव, शांति, राष्ट्रीय एकता और आपसी सहयोग के बंधन मजबूत होते हैं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी ने मुगलों के अत्याचार से हिंदू धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। उन्होंने कहा कि मानवता के कल्याण के लिए अन्याय, उत्पीड़न और अत्याचार के खिलाफ लड़ते हुए गुरु साहिब द्वारा दिया गया महान बलिदान हमेशा पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है।