Saturday, March 7, 2026
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स्वच्छ और सतत् विकास की दिशा में हरियाणा सरकार की नई पहल

स्वच्छ और सतत् विकास की दिशा में हरियाणा सरकार की नई पहल

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्टेट एनवायरमेंट प्लान-2025 और नॉन-सीओ2 पाथवेज़ रिपोर्ट 2025-26 का किया शुभारंभ

चंडीगढ़, 16 सितंबर – हरियाणा ने पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए स्टेट एनवायरमेंट प्लान-2025 की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में आयोजित कार्यक्रम में इस योजना का शुभारंभ किया और नॉन-सीओ2 पाथवेज़ रिपोर्ट 2025-26 का विमोचन किया। यह पहल हरियाणा को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सतत् विकास लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में अग्रणी बनाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना केवल पर्यावरण की रक्षा ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और हरा-भरा प्रदेश देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने बताया कि ठोस कचरा निपटान के लिए राज्य में 13 इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट्स स्थापित किए जाएंगे और हर जिले में ई-वेस्ट कलेक्शन सेंटर्स खोलने का लक्ष्य है।

सैनी ने कहा कि सरकार ने गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत के लिए 500 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद का निर्णय लिया है। इसके अलावा, किसानों को पराली प्रबंधन के लिए 1 लाख से अधिक मशीनें दी गई हैं, जिससे पराली जलाने की घटनाओं में 90% की कमी आई है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में 201 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स कार्यरत हैं और इनसे निकलने वाले शोधित पानी का सिंचाई सहित अन्य कार्यों में उपयोग किया जा रहा है। रेवाड़ी के मसानी बैराज को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है ताकि भविष्य में इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एनसीआर क्षेत्र को हरा-भरा बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को गति दी जाएगी। साथ ही, खनन और ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए भी ठोस कदम उठाए गए हैं।

इस अवसर पर पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रदूषण एक गंभीर चुनौती है और इसके लिए केवल सरकारी प्रयास ही नहीं बल्कि जनता की भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने प्लास्टिक के उपयोग को बंद करने, गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण और डिजिटल निमंत्रण को अपनाने की अपील की।

उन्होंने घोषणा की कि सेवा पखवाड़ा (17 सितंबर – 2 अक्टूबर) के दौरान प्रदेश में 75 स्थानों पर नमो वन स्थापित किए जाएंगे और एनसीआर क्षेत्र में जंगल सफारी विकसित करने की दिशा में काम होगा।

यह योजना हरियाणा को स्वच्छ, स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण देने के साथ सतत् विकास के मार्ग पर अग्रसर करेगी।

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