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तारकोल की कमी पर हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, 6 माह तक इंपोर्टेड बिटुमेन को मंजूरी

चंडीगढ़, 18 अप्रैल | प्रियंका ठाकुर

मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण तारकोल की कमी और बढ़ती कीमतों के बीच हरियाणा सरकार ने सड़क निर्माण कार्यों को प्रभावित होने से बचाने के लिए अहम निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अगले छह महीनों के लिए इंपोर्टेड तारकोल के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है।

हरियाणा सिविल सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण और रखरखाव से जुड़े विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि तारकोल की कीमतों में अचानक भारी वृद्धि हुई है और इसकी आपूर्ति भी प्रभावित हुई है, जिससे निर्माण कार्यों पर असर पड़ सकता है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य बाधित नहीं होने चाहिए। उन्होंने सभी जिलों में सड़कों की मरम्मत के लिए पैच वर्क मशीनों का उपयोग करने के आदेश दिए, ताकि गड्ढों को जल्दी भरा जा सके और आम जनता को राहत मिल सके।

उन्होंने ‘म्हारी सड़क’ ऐप पर दर्ज शिकायतों के समाधान को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में देरी बिल्कुल स्वीकार नहीं की जाएगी और संबंधित विभागों को नियमित रूप से कार्य प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

बैठक में बताया गया कि चालू वित्त वर्ष में प्रदेश में कुल 63,170 किलोमीटर सड़कों के निर्माण और मरम्मत का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को इस लक्ष्य को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए और सड़क निर्माण की गुणवत्ता को पीडब्ल्यूडी मानकों के अनुरूप बनाए रखने पर जोर दिया।

उन्होंने मानसून से पहले सभी लंबित कार्यों को पूरा करने और शहरी क्षेत्रों में स्मार्ट रोड विकसित करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा, विभिन्न विभागों के बीच जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने के लिए एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए गए।

यह निर्णय राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आम जनता को बेहतर सड़क सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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