पंजाब पुलिस का वर्ष भर चला लिंग संवेदनशीलता प्रशिक्षण कार्यक्रम फिल्लौर में संपन्न
चंडीगढ़/जालंधर, 20 अगस्त 2026: पंजाब पुलिस में महिलाओं को मुख्यधारा में लाने और पुलिसिंग को अधिक लैंगिक संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से चलाया गया वर्ष भर का प्रशिक्षण कार्यक्रम महाराजा रणजीत सिंह पंजाब पुलिस अकादमी (एम.आर.एस.पी.पी.ए.), फिल्लौर में संपन्न हो गया। पंजाब पुलिस ने आर.सी.टी. एनजीओ, जमील पॉवर्टी एक्शन लैब (जे-पाल) और हार्टेक फाउंडेशन के सहयोग से यह पहल संचालित की।
प्रशिक्षण के तीसरे चरण के अंतिम दिन विशेष रूप से महिला पुलिस कर्मियों के समूह टी1-सी को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें प्रदेशभर के महिला हेल्पडेस्क पर तैनात पंजाब पुलिस महिला मित्र भी शामिल हुईं।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि इंडियन एक्सप्रेस की रेजिडेंट/राष्ट्रीय संपादक (उत्तर) मनराज ग्रेवाल शर्मा ने महिला पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए पुरुष-प्रधान क्षेत्रों में काम करने के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए पूर्ण समर्पण जरूरी है और कई बार दूसरों से आगे निकलने के लिए केवल 5 प्रतिशत अतिरिक्त प्रयास ही बड़ा अंतर पैदा करता है।
उन्होंने महिला पुलिस कर्मियों से अपनी पेशेवर पहचान मजबूत करने, चुनौतियों का सामना करने और कार्यस्थल पर अनुचित या लैंगिक टिप्पणियों के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाने की अपील की।
विशेष डीजीपी कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन गुरप्रीत कौर दिओ ने कहा कि पंजाब पुलिस में लगभग 80,000 कर्मचारियों में 11 प्रतिशत महिला कर्मी हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पुलिस बल में सम्मान और समान अवसर के साथ मुख्यधारा में लाने के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने महिला अधिकारियों से प्रशासनिक डेस्क तक सीमित न रहने और चुनौतीपूर्ण फील्ड असाइनमेंट के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिला अधिकारियों को स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) जैसी महत्वपूर्ण फ्रंटलाइन नेतृत्व भूमिकाएं निभाने के लिए भी सक्रिय रूप से आगे आना चाहिए।
गुरप्रीत कौर दिओ ने घरेलू हिंसा से निपटने के लिए कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन की ‘सांझ राहत केंद्र’ जैसी पहलों की जानकारी भी दी। कार्यक्रम के दौरान घरेलू हिंसा पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म प्रदर्शित की गई।
पूर्व डीजीपी मीरा चड्ढा बोरवांकर ने महिला पुलिस अधिकारी के रूप में अपने अनुभव साझा किए। पंजाब के पूर्व डीजीपी आर.सी. सिंह ने संयुक्त राष्ट्र में महिलाओं की भागीदारी और महिला अधिकारियों को चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां देने से जुड़े अपने अनुभव बताए।
इस अवसर पर गुरप्रीत कौर दिओ ने 51 मास्टर ट्रेनरों को सम्मानित किया। प्रशिक्षण पहल के तहत पंजाब के 384 पुलिस थानों से करीब 1,500 पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया। दिसंबर 2025 में 51 मास्टर ट्रेनरों के ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स कार्यक्रम से शुरू हुई यह पहल 2026 में जिला स्तरीय प्रशिक्षण और अकादमी स्तर के तीसरे चरण तक पहुंची।
जे-पाल द्वारा अब एंडलाइन सर्वेक्षण किया जाएगा, जिसके माध्यम से इस प्रशिक्षण के संस्थागत माहौल और कम्युनिटी पुलिसिंग पर दीर्घकालिक प्रभाव का आकलन किया जाएगा।
News Written By: Priyanka Thakur


