चंडीगढ़, 22 अक्टूबर 2026। हरियाणा सरकार प्रदेश की हजारों साल पुरानी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए नया हेरिटेज कॉरिडोर विकसित करने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विजन-2047 के तहत पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की पांच वर्षीय कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ने और आमजन को प्रदेश के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने के निर्देश दिए।
हरियाणा सिविल सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में स्वतंत्रता संग्राम और पूर्वजों के संघर्ष से जुड़ी अनेक ऐतिहासिक धरोहरें मौजूद हैं। इन्हें संरक्षित करने के साथ पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों के योगदान की जानकारी मिल सके।
2031 तक 120 से अधिक स्मारकों के संरक्षण का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने वर्तमान में प्रदेश के 72 संरक्षित स्मारकों की संख्या बढ़ाकर वर्ष 2031 तक 120 से अधिक करने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने ऐतिहासिक किलों, प्राचीन बावड़ियों, मंदिरों और हवेलियों की पहचान, दस्तावेजीकरण तथा वैज्ञानिक संरक्षण पर जोर दिया।
उन्होंने कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर स्थित मंदिर में लिखी महाभारतकालीन भाषा को संरक्षित करने और मंदिर के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ नहीं करने के निर्देश दिए। इसके अलावा अंग्रेजों के समय बने पुलों और ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण पर भी जोर दिया गया।
21 नए पुरातात्विक स्थलों पर खुदाई की योजना
पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 1972 से 2025 के बीच प्रदेश में नौ स्थलों पर पुरातात्विक खुदाई की गई है। आगामी वर्षों में 21 नए स्थलों पर खुदाई की योजना है।
पहले चरण में वर्ष 2026-27 के दौरान हिसार जिले के सीसवाल में खुदाई प्रस्तावित है। इसके बाद खरड़ अलीपुर में दो चरणों में काम किया जाएगा। वर्ष 2029 से 2031 के दौरान बालू, जोगना खेड़ा, तिगड़ाना और राखीगढ़ी में पुरातात्विक प्राथमिकता के आधार पर स्थलों का चयन किया जाएगा।
छह संग्रहालयों का नवीनीकरण, छह नए संग्रहालय प्रस्तावित
योजना के तहत पानीपत संग्रहालय, जहाज कोठी संग्रहालय हिसार, दीनबंधु सर छोटू राम संग्रहालय गढ़ी सांपला, जयंती देवी संग्रहालय जींद, भीमा देवी मंदिर संग्रहालय पिंजौर और गुरु गोबिंद सिंह मार्शल आर्ट संग्रहालय कपाल मोचन का नवीनीकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने शहजादपुर के ऐतिहासिक स्थल और नारायणगढ़ थाने के रेस्ट हाउस को भी योजना में शामिल करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त पंचकूला, राखीगढ़ी, कुरुक्षेत्र, झज्जर और कुनाल सहित विभिन्न स्थानों पर नए संग्रहालय विकसित करने की योजना है।
राखीगढ़ी और सरस्वती-सिंधु विरासत पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने राखीगढ़ी को प्रमुख पुरातात्विक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने तथा सरस्वती-सिंधु विरासत कॉरिडोर की अवधारणा पर काम करने के निर्देश दिए। प्रस्तावित कॉरिडोर में राखीगढ़ी, भरड़ाना, तिगड़ाना, बनावली, कुनाल, बालू, भगवानपुरा और खरड़ अलीपुर जैसे स्थलों को जोड़ने की योजना है।
विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए राखीगढ़ी महोत्सव, हेरिटेज वॉक, मेले, उत्सव और स्कूलों में हेरिटेज किट वितरण जैसी गतिविधियां भी प्रस्तावित हैं। सरकार का उद्देश्य विरासत संरक्षण के साथ सांस्कृतिक पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना है।
बैठक में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यशपाल यादव, ओएसडी डॉ. राज नेहरू और पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के निदेशक अमित खत्री सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
News written by Priyanka Thakur


