पंजाब में बुजुर्ग कल्याण गतिविधियों में 1.11 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी: डॉ. बलजीत कौर
By Priyanka Thakur
चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य भर में बुजुर्गों के लिए चलाए गए विभिन्न स्वास्थ्य, जागरूकता, सामाजिक सहभागिता और कल्याणकारी कार्यक्रमों में 1.11 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी दर्ज की गई है।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार बुजुर्गों को सुरक्षित, स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं, सामुदायिक कार्यक्रमों और सहायता प्रणालियों के माध्यम से ऐसा वातावरण तैयार कर रही है, जहां प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक स्वयं को सुरक्षित और समाज से जुड़ा हुआ महसूस करे।
उन्होंने बताया कि राज्य भर में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों के दौरान 7,552 गैर-संचारी रोगों की जांच, 2,181 कैंसर स्क्रीनिंग, 6,234 हड्डी संबंधी परीक्षण, 11,991 नेत्र परीक्षण, 3,395 ईएनटी जांच तथा 2,202 फिजियोथेरेपी सत्र आयोजित किए गए। इसके अलावा 1,520 मोतियाबिंद ऑपरेशन भी सफलतापूर्वक कराए गए, जिससे हजारों बुजुर्गों को राहत मिली।
सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए 230 अंतरपीढ़ी गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें 11,692 बुजुर्गों और युवाओं ने भाग लिया। वहीं 83 उत्पादक वृद्धावस्था पहलों के अंतर्गत 3,266 लाभार्थियों की भागीदारी दर्ज की गई। सरकार द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से 8,070 लोगों तक पहुंच बनाई गई और उन्हें बुजुर्गों के अधिकारों तथा सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि समग्र कल्याण शिविरों में 29,186 पंजीकरण दर्ज किए गए। योग और ध्यान सत्रों में 6,331 तथा कौशल विकास एवं मनोरंजन गतिविधियों में 6,562 वरिष्ठ नागरिकों ने हिस्सा लिया। राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को श्रवण यंत्र, व्हीलचेयर और अन्य सहायक उपकरण भी उपलब्ध कराए गए।
मंत्री ने नागरिकों से अपील की कि बुजुर्गों के साथ किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार, उपेक्षा या शोषण की सूचना तुरंत एल्डर हेल्पलाइन 14567 पर दें। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।


