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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुग्राम में किया ‘विकसित भारत संकल्प ज्योति यात्रा’ का शुभारंभ*

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुग्राम में किया ‘विकसित भारत संकल्प ज्योति यात्रा’ का शुभारंभ*

 

*प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का स्वर्णिम और युगांतकारी अध्याय — अमित शाह*

 

*मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने थामी मशाल, युवाओं को सौंपकर विकसित भारत के निर्माण में योगदान का किया आह्वान*

 

*विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी के आह्वान के साथ सिग्नेचर टावर के पास स्थापित की गई यात्रा की मशाल*

चंडीगढ़, 7 अक्तूबर-केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को साइबर नगरी गुरुग्राम में ‘विकसित भारत संकल्प ज्योति यात्रा’ का शुभारंभ किया। गृह मंत्री श्री अमित शाह ने यात्रा की मशाल मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को सौंपते हुए प्रदेश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया।

इस अवसर पर गुरुग्राम में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों और हजारों युवाओं ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन को लाइव सुना। प्रधानमंत्री ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशवासियों को संबोधित करते हुए सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण के साथ विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में जनभागीदारी का आह्वान किया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता मंत्री गौरव गौतम, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, भाजपा संसदीय बोर्ड की सदस्य डॉ सुधा यादव, सोहना के विधायक तेजपाल तंवर, पटौदी की विधायक बिमला चौधरी, गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

श्री अमित शाह ने राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन 25 वर्ष पूर्ण होने का यह अवसर भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में स्वर्णिम और युगांतकारी अध्याय है। उन्होंने कहा कि इन 25 वर्षों में श्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में निरंतर देश और करोड़ों नागरिकों की सेवा की है।

श्री अमित शाह ने कहा कि 7 अक्तूबर का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। एक गरीब परिवार में जन्मे व्यक्ति ने अपनी क्षमता, प्रतिभा और करोड़ों लोगों को साथ लेकर 25 वर्षों तक मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व करने का रिकॉर्ड बनाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के ये 25 वर्ष इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित किए जाएंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 25 वर्षों में देश ने अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने गरीबी उन्मूलन, सुरक्षित भारत, अनुच्छेद 370 को हटाने, नक्सलवाद समाप्त करना, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण तथा देश के बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने जैसी उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गरीब कल्याण की दिशा में किए गए प्रयासों से 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्ष गरीब कल्याण, भारत के गौरव और राष्ट्र की प्रगति के 25 वर्ष रहे हैं। इन 25 वर्षों की सेवा और उपलब्धियों को यादगार बनाने के लिए ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन किया गया है। देश के विकास और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सेवा-समर्पण के 25 वर्षों को जनभागीदारी के माध्यम से स्मरण करना इस यात्रा का उद्देश्य है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम के प्रमुख मार्गों से पैदल यात्रा करते हुए सिग्नेचर टावर के पास यात्रा की मशाल स्थापित की। इस दौरान उन्होंने मशाल युवाओं को सौंपते हुए विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। यात्रा का शुभारंभ विकसित भारत सभा से हुआ, जिसमें हजारों युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का संदेश देते हुए कहा कि देश और प्रदेश का विकास तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक व्यक्ति तक बेहतर सुविधाएं पहुंचें और लोगों का जीवन सुखी, समृद्ध एवं समस्यामुक्त बने।

इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.के सिंह, सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग, हरियाणा के आयुक्त एवं सचिव के. मकरंद पांडुरंग, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली, गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा,

मानेसर की मेयर डॉ इंद्रजीत यादव, गुरुग्राम सीनियर डिप्टी मेयर धर्मबीर भांगरोला सहित गुरुग्राम जिला प्रशासन से सीपी शिवास कविराज, निगम आयुक्त प्रदीप दहिया, डीसी उत्तम सिंह  तथा अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

क्रमांक — 2026

*मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगौली जाटान पहुंचकर स्व. बालक राम सैनी के निधन पर किया शोक व्यक्त*

चंडीगढ़ , 7 अक्टूबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी बुधवार को अपने पैतृक गांव मंगौली जाटान में शोक व्यक्त करने के लिए पहुंचे। मुख्यमंत्री ने गांव मंगौली जाटान निवासी बालक राम सैनी (उम्र 75 वर्ष) के निधन पर उनके परिवार से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की। गत 26 सितंबर 2026 को बालक राम सैनी का स्वर्गवास  हुआ था। स्व. बालक राम सैनी मुख्यमंत्री के परिवारिक सदस्य रहे और रिश्ते में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के चाचा लगते थे।

श्री नायब सिंह सैनी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा परिवार उनके साथ खड़ा है और परमात्मा दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे।

क्रमांक -2026

हरियाणा लगातार तीसरे साल स्वैच्छिक रक्तदान में सबसे आगे

– 5.89 लाख यूनिट इकट्ठा किए

– ब्लड सेंटर्स के लिए पहला आपदा प्रबंधन प्लान जारी

–राज्य ने 2,000 कैंप के लक्ष्य के मुकाबले 8,189 कैंप लगाए

–स्वैच्छिक रक्तदान दर 92% तक पहुंची

– हरियाणा ने ब्लड सेवाओं में इमरजेंसी की तैयारी को शामिल किया

चंडीगढ़, 7 अक्टूबर – हरियाणा लगातार तीसरे साल स्वैच्छिक रक्तदान में राज्यों में पहले स्थान पर रहा। राज्य ने 3.30 लाख यूनिट और 2,000 कैंप के लक्ष्य के मुकाबले 8,189 कैंप लगाकर 5.89 लाख यूनिट ब्लड इकट्ठा किया। हरियाणा राज्य ने 92% स्वैच्छिक रक्तदान दर हासिल की।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने  बताया कि राज्य ने ब्लड सेंटर्स के लिए अपना पहला आपदा प्रबंधन प्लान भी तैयार किया है ताकि ब्लड की सुरक्षा और इमरजेंसी की तैयारी बनी रहे।

राज्य को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ब्लड ट्रांसफ्यूजन सर्विस ने 2025 के दौरान प्रति दस लाख आबादी पर सबसे ज़्यादा रक्तदान दर्ज करने के लिए सम्मानित किया। हरियाणा राज्य ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल को यह अवॉर्ड 1 अक्टूबर को नई दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के मौके पर ब्लड ट्रांसफ्यूजन सर्विस, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित एक समारोह में मिला था।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि लगातार तीन वर्षों तक स्वैच्छिक रक्तदान में देश में पहला स्थान हासिल करना हरियाणा के लिए बहुत गर्व की बात है।

उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय ब्लड सेंटर की टीमों, स्वैच्छिक दानदाताओं, युवा नेटवर्क, एनजीओ, रेड क्रॉस और ब्लड ट्रांसफ्यूजन सर्विस से जुड़े अन्य लोगों को दिया।

हरियाणा ने 2,000 के लक्ष्य के मुकाबले 8,189 रक्तदान कैंप आयोजित किए, जो लक्ष्य से चार गुना से भी ज़्यादा है। इसने केंद्र के 3.30 लाख यूनिट के लक्ष्य के मुकाबले 5.89 लाख यूनिट इकट्ठा किए, जो लक्ष्य से लगभग 78% ज़्यादा है। राज्य के कुल ब्लड कलेक्शन में स्वैच्छिक रक्तदान का हिस्सा 92% रहा।

उन्होंने बताया कि राज्य में 162 ब्लड सेंटर चल रहे हैं, जिनमें से 92% में कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की सुविधा है। सिंगल डोनर प्लेटलेट्स 12 सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध हैं और ये डेंगू के योग्य मरीज़ों और सरकारी अस्पतालों में रेफर किए गए गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को मुफ़्त में दिए जाते हैं।

डॉ मिश्रा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने ब्लड सेंटर्स के लिए हरियाणा का पहला आपदा प्रबंधन प्लान भी बनाया है। यह पहल ब्लड की सुरक्षा को मज़बूत करने और आपातकालीन स्थितियों व आपदाओं के दौरान तैयारी सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई है।

ब्लड कलेक्शन में खास अभियानों ने अहम भूमिका निभाई है। पूरे राज्य में चलाए गए ब्लड डोनेशन अभियान से 10,183 यूनिट ब्लड इकट्ठा हुआ, जबकि गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस की 350वीं वर्षगांठ से जुड़े अभियानों में 40,224 यूनिट ब्लड इकट्ठा किया गया। ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान’ के तहत महिलाओं पर केंद्रित पहल भी की गईं।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि हरियाणा ब्लड और ब्लड कंपोनेंट्स की “सुरक्षित, समान, सुलभ और समय पर” सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नियमित, बिना पैसे लिए ब्लड डोनेट करने वाले वॉलंटियर्स से डोनेशन जारी रखने और दूसरों को भी इसमें शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की।

उन्होंने हेल्थ सर्विसेज़ के डायरेक्टर जनरल डॉ. मनीष बंसल, हरियाणा स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूज़न सर्विसेज़ की मेंबर सेक्रेटरी-कम-प्रोजेक्ट डायरेक्टर (एड्स) डॉ. मुक्ता कुमार और राज्य की ब्लड सेफ्टी टीमों को भी बधाई दी।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि असली सेवा का पैमाना वह बदलाव है जो यह चुपचाप लोगों की ज़िंदगी में लाती है। उन्होंने कहा कि राज्य वॉलंटरी ब्लड डोनेशन और सुरक्षित ब्लड ट्रांसफ्यूज़न सर्विसेज़ को मज़बूत करना जारी रखेगा।

क्रमांक -2026

जंगबीर सिंह

*हरियाणा कला परिषद करेगी सांझी उत्सव पर होगा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम*

*10 से 19 अक्टूबर तक राज्य स्तरीय छठा सांझी उत्सव-2026*

चण्डीगढ, 7 अक्तूबर – राज्य स्तरीय छठा सांझी उत्सव-2026 का आयोजन कुरूक्षेत्र में 10 से 19 अक्टूबर तक किया जा रहा है। इस सांझी उत्सव में हरियाणा के अलग-अलग कोनों से लुप्त होती सांझी कला को बचाने के लिए सैंकड़ों महिलाएं भाग लेंगी।

हरियाणा कला परिषद के वाईस चेयरमैन महेश जोशी ने बताया कि सांझी उत्सव के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 10 अक्टूबर को अमावस्या के दिन विरासत में सांझी प्रतिभागियों द्वारा सुबह 9 बजे से 3 बजे तक सांझी लगाई जाएंगी। इसके पश्चात सांय साढ़े चार बजे हरियाणा कला परिषद की ओर से सांझी उत्सव में भव्य  सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा।

चेयरमैन महेश जोशी ने बताया कि सांझी को समर्पित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में अनेक हरियाणवी कलाकार भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में सांझी के गीतों के साथ-साथ हरियाणवी लोकनृत्य प्रस्तुत किया जायेगा। इसके साथ ही हरियाणा के लोकरंग की विशेष प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केन्द्र बनेगी।

श्री जोषी ने कहा कि हरियाणा की लोक संस्कृति में सांझी कला का अपना विशिष्ट स्थान है। मिट्टी, गोबर, प्राकृतिक सामग्री और रंग-बिरंगे सजावटी तत्वों से तैयार की जाने वाली सांझी केवल एक पारंपरिक कलाकृति नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन, लोक आस्था, महिला सृजनशीलता और पारिवारिक परंपराओं की जीवंत अभिव्यक्ति रही है। बदलते समय और आधुनिक जीवनशैली के कारण यह लोक कला धीरे-धीरे विलुप्ति की ओर बढ़ रही है।

सांझी हरियाणा के ग्रामीण समाज में महिलाओं की रचनात्मक अभिव्यक्ति से जुड़ी रही है। महिलाएं अपने घरों और दीवारों पर सांझी के माध्यम से विभिन्न आकृतियों, प्रतीकों और पारंपरिक अलंकरणों का निर्माण करती रही हैं। इसमें स्थानीय सामग्री और पारंपरिक तकनीकों का प्रयोग इसकी विशेष पहचान है। सांझी प्रतियोगिता में विजयी रहने वाले प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार भी दिए जाएंगे।

क्रमांक 2026

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