गेस्ट टीचर्स ने कुरुक्षेत्र से चंडीगढ़ के लिए शुरू की न्याय यात्रा, सेवाएं नियमित करने की मांग
मोर्चा अध्यक्ष कृष्ण धारशूल बोले—न्यायालय के आदेशों के अनुसार सरकार गेस्ट टीचर्स की सेवाएं नियमित करे
चंडीगढ़/कुरुक्षेत्र, 25 अक्टूबर। न्याय यात्रा में प्रदेशभर से पहुंचे गेस्ट टीचर्स ने भाग लिया। गेस्ट टीचर संयुक्त संघर्ष मोर्चा, हरियाणा प्रदेश के आह्वान पर प्रदेशभर से पहुंचे गेस्ट टीचर्स आज कुरुक्षेत्र के ताज पार्क में एकत्रित हुए। यहां से उन्होंने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर चंडीगढ़ की ओर न्याय यात्रा शुरू की। गेस्ट टीचर्स ने पैदल मार्च करते हुए हरियाणा सरकार से सेवाएं नियमित करने और न्यायालय के आदेशों के अनुरूप नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग उठाई। यात्रा की शुरुआत कुरुक्षेत्र के ताज पार्क से हुई।
न्याय यात्रा में शामिल गेस्ट टीचर्स ने हाथों में बैनर और मांगों से संबंधित पोस्टर लेकर सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से आवाज बुलंद की। शिक्षकों ने कहा कि वे पिछले कई वर्षों से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें स्थायी सेवा सुरक्षा और नियमितीकरण का लाभ नहीं मिल पाया है। गेस्ट टीचर्स का कहना है कि वे समान जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद अस्थायी व्यवस्था में काम करने को मजबूर हैं।
मोर्चा के अध्यक्ष कृष्ण धारशूल ने कहा कि गेस्ट टीचर्स लंबे समय से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने कठिन परिस्थितियों में भी विद्यार्थियों को पढ़ाने और शिक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में अपना योगदान दिया है। इसके बावजूद उनकी सेवाओं को नियमित करने का मुद्दा लगातार लंबित रखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गेस्ट टीचर्स को न्याय दिलाने और उनकी जायज मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए यह न्याय यात्रा शुरू की गई है। मोर्चा की मुख्य मांग है कि हरियाणा सरकार वर्ष 2014 में बनाई गई तीन वर्षीय नीति के तहत पात्र गेस्ट टीचर्स की सेवाओं को नियमित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह माननीय न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हुए नियमितीकरण की प्रक्रिया को जल्द आगे बढ़ाए।
कृष्ण धारशूल ने कहा कि यह यात्रा केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि गेस्ट टीचर्स के सम्मान, भविष्य और अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि गेस्ट टीचर्स वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं और अब सरकार को उनके भविष्य को लेकर स्पष्ट एवं सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
मोर्चा की महिला विंग की अध्यक्ष मैना यादव ने कहा कि महिला गेस्ट टीचर्स भी इस संघर्ष में पूरी मजबूती के साथ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से अस्थायी सेवा में कार्य करने के कारण शिक्षकों को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द राहत प्रदान करनी चाहिए।
मोर्चा के महासचिव रघु वत्स ने कहा कि गेस्ट टीचर्स ने प्रदेश के दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में भी पूरी जिम्मेदारी के साथ सेवाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को गेस्ट टीचर्स के योगदान को देखते हुए उनके नियमितीकरण के लिए ठोस नीति बनानी चाहिए। वहीं प्रवक्ता कुलदीप झरौली ने कहा कि न्याय यात्रा के माध्यम से प्रदेश सरकार और प्रशासन तक गेस्ट टीचर्स की आवाज पहुंचाई जाएगी।
मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि गेस्ट टीचर्स शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। शिक्षकों ने सरकार से अपील की कि वह टकराव की स्थिति पैदा करने के बजाय बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान करे।
कुरुक्षेत्र के ताज पार्क से शुरू हुई न्याय यात्रा में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे गेस्ट टीचर्स ने भाग लिया। यात्रा के दौरान शिक्षकों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए सरकार से नियमितीकरण की मांग की। गेस्ट टीचर्स ने कहा कि वे किसी प्रकार का विशेष लाभ नहीं मांग रहे, बल्कि वर्षों से दी जा रही सेवाओं के आधार पर अपने अधिकार और भविष्य की सुरक्षा चाहते हैं।
न्याय यात्रा के पहले दिन का पड़ाव शाहबाद में निर्धारित किया गया है। यहां पहुंचने के बाद गेस्ट टीचर्स बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। इसके बाद यात्रा चंडीगढ़ की ओर आगे बढ़ेगी। मोर्चा के अनुसार, यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर गेस्ट टीचर्स अपनी मांगों को लेकर लोगों और प्रशासन को अवगत कराएंगे।
मोर्चा ने प्रदेश सरकार से मांग की कि वह गेस्ट टीचर्स के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए जल्द निर्णय ले और उनकी सेवाओं को नियमित करने की दिशा में ठोस कार्रवाई करे। गेस्ट टीचर्स ने कहा कि उन्हें सरकार से सकारात्मक पहल की उम्मीद है, लेकिन यदि उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया गया तो वे अपने आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे.32


