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पंजाब शिक्षा क्रांति: 59 सरकारी स्कूल छात्रों ने जेईई एडवांस्ड परीक्षा पास की, IIT क्वालिफायर्स में 34% की बढ़ोतरी

पंजाब शिक्षा क्रांति: 59 सरकारी स्कूल छात्रों ने जेईई एडवांस्ड परीक्षा पास की, IIT क्वालिफायर्स में 34% की बढ़ोतरी

पटियाला जिला रहा सबसे आगे, 11 छात्रों ने किया क्वालिफाई: हरजोत सिंह बैंस

मान सरकार की ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ ने तोड़ा ‘IIT सिर्फ अमीरों के लिए’ वाला मिथक

चंडीगढ़, 2 जून।
पंजाब सरकार की “पंजाब शिक्षा क्रांति” पहल को बड़ी सफलता मिली है। राज्य के सरकारी स्कूलों के 59 विद्यार्थियों ने देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस्ड 2026 में सफलता हासिल की है। यह संख्या पिछले वर्ष 2025 के 44 विद्यार्थियों की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक है। यह जानकारी शिक्षा मंत्री सरदार हरजोत सिंह बैंस ने दी।

शिक्षा मंत्री ने सफल विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और अध्यापकों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि संभव बनाई है।

उन्होंने बताया कि जिला पटियाला 11 सफल विद्यार्थियों के साथ राज्य में पहले स्थान पर रहा। इसके बाद संगरूर में 7 विद्यार्थी सफल हुए, जबकि लुधियाना, फिरोजपुर और एसएएस नगर से 6-6 विद्यार्थियों ने परीक्षा पास की। फतेहगढ़ साहिब से 5, अमृतसर और जालंधर से 4-4, बठिंडा और गुरदासपुर से 3-3, फाजिल्का से 2 तथा रूपनगर और होशियारपुर से 1-1 विद्यार्थी सफल हुए।

हरजोत सिंह बैंस ने इसे सरकारी स्कूल शिक्षा के लिए ऐतिहासिक मोड़ बताते हुए कहा,
“यह कोई एक बार की उपलब्धि नहीं है। हमने एक साल में 44 से बढ़कर 59 छात्रों को जेईई एडवांस्ड में सफलता दिलाई है। अब गांव का बच्चा भी बिना लाखों रुपये की कोचिंग फीस दिए देश की सबसे कठिन परीक्षा पास कर सकता है। यही पंजाब शिक्षा क्रांति की असली तस्वीर है।”

उन्होंने कहा कि यह परिणाम उस धारणा को तोड़ता है कि IIT में सफलता केवल महंगे निजी कोचिंग संस्थानों के छात्रों के लिए ही संभव है। पंजाब शिक्षा क्रांति के तहत शुरू किए गए विशेष कोचिंग प्रोग्राम, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और मेंटरशिप ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने योग्य बनाया है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू की गई पंजाब शिक्षा क्रांति के अंतर्गत सरकारी स्कूलों में जेईई और नीट अभ्यर्थियों के लिए मुफ्त एडवांस कोचिंग, आधुनिक सुविधाएं और विशेष मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ नेताओं ने इन योजनाओं को चुनावी स्टंट बताया था, लेकिन हर साल बढ़ते जेईई और नीट परिणाम साबित करते हैं कि सरकार की नीतियां जमीनी स्तर पर असर दिखा रही हैं।

संघर्ष और सफलता की प्रेरणादायक कहानियां

शिक्षा मंत्री ने कहा कि हर सफल विद्यार्थी के पीछे संघर्ष, त्याग और सपनों की कहानी छिपी है। उन्होंने होशियारपुर के स्कूल ऑफ एमिनेंस भगपुर सतौर की छात्रा प्रिया भारद्वाज का उदाहरण दिया। पिता के निधन के बाद उनकी मां निजी कंपनी में नौकरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं और परिवार की सालाना आय मात्र 1.44 लाख रुपये है। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद प्रिया ने पंजाब सरकार की कोचिंग और मेंटरशिप सहायता से जेईई एडवांस्ड पास किया। अब वह इंजीनियर बनकर अपने दिवंगत पिता का सपना पूरा करना चाहती हैं।

इसी तरह एसएएस नगर के स्कूल ऑफ एमिनेंस मुल्लांपुर के छात्र प्रभजोत सिंह ने भी सफलता हासिल की। उनके पिता मजदूरी करते हैं जबकि माता गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद पंजाब सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए शैक्षणिक सहयोग और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उन्हें सफलता दिलाई।

फतेहगढ़ साहिब के स्कूल ऑफ एमिनेंस अमलोह के छात्र हर्ष माधव ने बताया कि पंजाब सरकार की मुफ्त कोचिंग, मॉक टेस्ट और मेंटरशिप ने उनकी तैयारी में अहम भूमिका निभाई। उनके पिता निजी कंपनी में 18,000 रुपये मासिक वेतन पर काम करते हैं और परिवार निजी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकता था। अब हर्ष IIT बॉम्बे में दाखिला लेकर अपने परिवार का भविष्य बेहतर बनाना चाहते हैं।

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