*भगवंत मान सरकार की कूड़ा-कचरा के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति: हरजोत बैंस के औचक निरीक्षण के बाद मोगा नगर निगम आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी*
• मिशन क्लीन पंजाब के तहत कागज़ों पर नहीं, जमीनी स्तर पर होगी कार्रवाई, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही की जाएगी तय: हरजोत बैंस
• सफाई से कोई समझौता नहीं, पंजाब के हर शहर को स्वच्छ बनाने तक औचक चेकिंग जारी रहेंगी: हरजोत बैंस
चंडीगढ़/मोगा, 23 जून:
नागरिक स्वच्छता और जनस्वास्थ्य के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आज सुबह औचक निरीक्षण के बाद मोगा नगर निगम आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि निरीक्षण के दौरान शहर भर में सफाई व्यवस्था में गंभीर कमियां पाई गईं।
आज मोगा शहर के दौरे के दौरान हरजोत सिंह बैंस ने स्थानीय निवासियों से बातचीत की और शहर के विभिन्न स्थानों पर खुले में पड़े कूड़े के ढेरों का निरीक्षण किया। ये दृश्य मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के “मिशन क्लीन पंजाब” के तहत निर्धारित स्वच्छता मानकों के प्रत्यक्ष उल्लंघन को दर्शा रहे थे।
स्थानीय निकाय मंत्री ने कहा, “सफाई व्यवस्था में लापरवाही या अनदेखी के प्रति हमारी जीरो टॉलरेंस नीति है। आज मोगा में मेरे निरीक्षण से यह स्पष्ट हो गया है कि पंजाब के लोग बेहतर और स्वच्छ वातावरण के हकदार हैं और नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।”
उन्होंने जोर देते हुए कहा, “हम कार्यों की लगातार निगरानी कर रहे हैं, कमियों को दूर किया जा रहा है और प्रयासों में तेजी लाई जा रही है। यही मिशन क्लीन पंजाब का मूल सिद्धांत है।”
स. हरजोत सिंह बैंस इस माह शुरू किए गए तकनीक आधारित स्वच्छता अभियान “मिशन क्लीन पंजाब” की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं। इस पहल के तहत नगर निगम आयुक्तों से लेकर कार्यकारी अधिकारियों (ईओ) तक सभी अधिकारियों के लिए प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 8 बजे तक फील्ड दौरा करना अनिवार्य किया गया है। प्रत्येक अधिकारी की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक शहर को 10 किलोमीटर के जोनों में विभाजित किया गया है, जिनकी निगरानी एक समर्पित पर्यवेक्षण अधिकारी द्वारा की जा रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की नागरिक स्वच्छता संबंधी सोच को दोहराते हुए बैंस ने कहा कि मिशन क्लीन पंजाब केवल सरकारी फाइलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे प्रत्यक्ष प्रशासनिक हस्तक्षेप और जमीनी स्तर पर लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शहरों में औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने सफाई कर्मचारियों को राज्य के शहरी विकास का प्रमुख भागीदार बताया।
स. बैंस ने कहा, “हम मोगा में एक उदाहरण स्थापित कर रहे हैं। सफाई के मामले में कोई समझौता नहीं किया जा सकता। जब तक पंजाब का हर शहर स्वच्छता के सर्वोच्च मानकों तक नहीं पहुंच जाता, तब तक औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।”
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