श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाली एक अमूल्य धरोहर है : मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी
–जापान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में वीडियो के माध्यम से दिया संदेश
चंडीगढ़ , 23 जून – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाली एक अमूल्य धरोहर है। कुरुक्षेत्र की पावन भूमि पर भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया कर्मयोग का संदेश आज भी पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। गीता हमें कर्तव्य, आत्मविश्वास, संयम और मानव कल्याण का मार्ग दिखाती है।
मुख्यमंत्री आज जापान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के समापन अवसर पर उपस्थित लोगों को चंडीगढ़ से वीडियो संदेश के माध्यम से सम्बोधित कर रहे थे।
श्री नायब सिंह सैनी ने आगे कहा कि आज जब विश्व अनेक चुनौतियों और तनावों का सामना कर रहा है, तब गीता का संदेश शांति, सद्भाव और सकारात्मक सोच की प्रेरणा देता है। यही कारण है कि गीता का संदेश विश्वभर में लोगों को जोड़ने का कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र से प्रारंभ हुआ अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव आज विश्व के अनेक देशों तक पहुँच चुका है। उन्होंने कहा कि भारत और जापान के संबंध सदैव मजबूत रहे हैं। विशेष रूप से हरियाणा और जापान के बीच आर्थिक एवं सांस्कृतिक सहयोग निरंतर बढ़ रहा है, जो हमारी गहरी मित्रता का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने इस आयोजन की सफलता के लिए आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि गीता का यह दिव्य संदेश पूरे विश्व में शांति, सद्भाव और मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता रहेगा।
इस अवसर पर जापान में पूज्य स्वामी ज्ञानानंद महाराज, ओसाका में भारत के कॉन्सुल जनरल श्री चंद्रु अप्पार, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. अमित अग्रवाल , मानद सचिव उपेंद्र सिंघल , प्राधिकरण सदस्य श्री विजय नरूला , हिंदू स्वयंसेवक संघ के सदस्य , इस्कॉन, गीता परिवार के कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।
क्रमांक -2026
जंगबीर सिंह
शांति, भाईचारे और निष्काम कर्म के वैश्विक संदेश के साथ क्योटो (जापान) में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का भव्य समापन
चण्डीगढ, 23 जून – जापान के ऐतिहासिक शहर क्योटो में अत्यधिक आध्यात्मिक उत्साह और सांस्कृतिक सद्भाव के साथ अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के जापान संस्करण का भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। इस गौरवशाली आयोजन में भगवद गीता के शाश्वत उपदेशों को दोहराते हुए वैश्विक शांति, आपसी भाईचारे और निष्काम कर्म के सार्वभौमिक संदेश पर विशेष बल दिया गया।
इसके तहत टोक्यो विश्वविद्यालय में एक अत्यंत प्रतिष्ठित शैक्षणिक सेमिनार का शानदार आयोजन हुआ और एदोगावा की सड़कों पर भव्य गीता सद्भावना यात्रा निकाली गई, जिसने भारतीय प्रवासियों और जापानी समुदाय के हजारों लोगों को एकसूत्र में पिरो दिया।
ओसाका प्रान्त विधानसभा में पवित्र गीता भेंट की गई। ओसाका असेंबली में कुल 50 विधायक हैं, आश्चर्य की बात है जिसमें 49 विधायकों का विशिष्ट संगठन इंडो जापान फ्रेंडशिप फोरम के नाम से बनी हुई है। असेंबली में इनमें से 9 प्रतिनिधि विधायकों को स्वामी ज्ञानंद महाराज और आयुक्त एवं सचिव सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग एवं सदस्य सचिव कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड डॉक्टर अमित अग्रवाल के साथ कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के प्रतिनिधिमंडल ने श्रीमद्भगवद् गीता भेंट की। विधायकों ने भारत और जापान की संस्कृति के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की। एक जैसी सोच एक जैसी संस्कृति और संस्कारों पर दोनों देश एकजुट होकर कैसे कार्य करें इस पर विस्तृत चर्चा हुई।
ओसाका प्रान्त विधानसभा में परम पूज्य स्वामी ज्ञानानन्द महाराज, भारत के महावाणिज्य दूत डॉ. अब्दुल समी, डॉ. अमित अग्रवाल, उपेंद्र मानद सचिव सिंघल, प्राधिकरण सदस्य विजय नरूला और हिंदू स्वयंसेवक संघ के समर्पित सदस्य मौके पर उपस्थित रहे।
इसके पश्चात इगाशी ओसाका के मेयर जुन्ज़ो नागाओ के साथ विशिष्ट प्रतिनिधि मंडल की बैठक उनके कार्यालय में संपन्न हुई जिसमें विधायक सतपाल जांबाजी, पंचकूला के मेयर श्यामलाल बंसल, रमिता अग्रवाल सहित कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के प्रतिनिधि शामिल हुए। क्योटो जापान की सांस्कृतिक राजधानी है और कुरुक्षेत्र हरियाणा की। इस नाते दोनों शहरों में किस तरह की सांस्कृतिक आदान-प्रदान की संभावनाएं हो सकती है इस बात पर चर्चा हुई।
दोपहर पश्चात क्योटो के जियान कॉर्नर नामक एक प्रसिद्ध सांस्कृतिक परिसर में श्रीमद् भागवत गीता का जापानी भाषा में परंपरागत काबूकी शो आयोजित हुआ जिसमें श्रीमद् भागवत गीता के मर्म को जापानी भाषा में मंचन हुआ।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह ने इस दिव्य महोत्सव के सफल आयोजन के लिए अपना एक विशेष वीडियो संदेश प्रसारित किया गया। उन्होंने इस शाश्वत उत्सव की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन भारत और जापान के बीच अंतर्राष्ट्रीय व सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करते हैं।
वैश्विक गीता मंच के प्रणेता गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानन्द महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि गीता किसी एक धर्म या क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी मानवता के लिए शांतिपूर्ण जीवन जीने और सही मार्ग पर चलने की एक व्यावहारिक जीवन नियमावली है।
स्वामी गुरुशरणानन्द महाराज ने सभा को अपना पावन आशीर्वाद देते हुए कहा कि गीता का प्राचीन ज्ञान भारत और जापान की गहरी आध्यात्मिक विरासतों को जोड़ने वाले एक मजबूत सेतु के रूप में कार्य करता है।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने वर्तमान समय में गीता के दर्शन की वैश्विक प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे गीता का निष्काम कर्म और नैतिक मार्ग आज की आधुनिक चुनौतियों से निपटने में पूरी दुनिया का मार्गदर्शन कर सकता है।
इस समापन समारोह का एक मुख्य आकर्षण एक अद्भुत क्रॉस- अंतर-सांस्कृतिक प्रसिद्ध ओटानी ग्रुप द्वारा दी गई प्रस्तुति एक विशेष जापानी पारंपरिक नाटक काबुकी शो रहा। केइज़ो ओटानी और रियुसेई ओटानी ने अपने शानदार अभिनय से अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस प्रस्तुति ने दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों और आपसी सम्मान को प्रदर्शित किया।
भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित इस भव्य और भावपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का समापन समारोह स्वरूप रहा।
स्वामी ज्ञानानंद के मार्गदर्शन में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के प्रतिनिधिमंडल ने ओटानी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर से दोनों देशों के बीच गीता पर शोध और कल्चरल एक्सचेंज पर भी चर्चा की और यूनिवर्सिटी में गीता भेंट की। इस्कॉन ने गीता के दिव्य संदेश को जन-जन तक पहुँचाने में अपना सामूहिक योगदान दिया।
जापान के क्योटो में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का यह सफल समापन, कुरुक्षेत्र के शाश्वत और अमर संदेश को वैश्विक पटल पर ले जाने में एक और मील का पत्थर साबित हुआ है। यह आयोजन उगते सूरज की भूमि जापान में शांति, जागरूकता और अटूट भाईचारे की एक अमिट छाप छोड़ गया है।
क्रमांक 2026
सैनिकों, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के कल्याण के लिए हरियाणा सरकार प्रतिबद्ध : राव नरबीर सिंह
420 शहीद आश्रितों को मिली सरकारी नौकरी, अग्निवीरों को आरक्षण देने वाला देश का पहला राज्य बना हरियाणा
चंडीगढ़, 23 जून- हरियाणा के सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि कोई भी समाज या राष्ट्र मातृभूमि की रक्षा करने वाले अपने सैनिकों का ऋण नहीं चुका सकता, लेकिन सरकारें उन वीर जवानों तथा उनके परिवारों के कल्याण एवं हितों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहती हैं। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में हरियाणा सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों, अर्धसैनिक बलों के जवानों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है।
राव नरबीर सिंह ने बताया कि हरियाणा सरकार ने वर्ष 2016 में सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग का गठन किया था। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वर्ष 2026-27 के बजट में सैनिकों के पुनर्वास एवं आजीविका संवर्धन के लिए हरियाणा सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण निगम की स्थापना की घोषणा की है, जिसकी प्रक्रिया प्रगति पर है। इसके अलावा विभाग के बजट में 58.93 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इसे 178.14 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक शहीद सैनिकों के 420 आश्रितों को सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है। साथ ही सशस्त्र पुलिस बलों और अग्निवीरों के लिए दी जाने वाली एकमुश्त वीरता पुरस्कार राशि में भी वृद्धि की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए सरकारी नौकरियों में भूतपूर्व सैनिकों की तर्ज पर आरक्षण देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में हरियाणा मंत्रिमंडल द्वारा नीति को मंजूरी प्रदान की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि गुरुग्राम, पलवल, पानीपत, झज्जर, नूंह, फतेहाबाद, जींद, नारनौल और रेवाड़ी में एकीकृत सैनिक सदनों के निर्माण की प्रक्रिया जारी है। नूंह में जिला सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग का कार्यालय भी खोला गया है। इसके अलावा रेवाड़ी में सैनिक संग्रहालय तथा नसीबपुर (नारनौल) में युद्ध स्मारक स्थापित करने का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पहल पर नसीबपुर में युद्ध स्मारक बनाने का निर्णय लिया गया है और इसकी समीक्षा भी की जा रही है।
राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा सदैव वीर सैनिकों की भूमि रहा है। राज्य के युवा थल सेना, जल सेना और वायु सेना के साथ-साथ बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी तथा असम राइफल्स जैसे केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में भी महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने हरियाणा के सेवानिवृत्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कर्मियों का पंजीकरण सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग की वेबसाइट पर कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने सभी जिला सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण कार्यालयों, पूर्व सैनिक संगठनों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल संगठनों, पंचायती राज संस्थाओं तथा स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से अपील की कि वे पात्र कर्मियों को पंजीकरण के लिए प्रेरित करें और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करें।
क्रमांक-2026
सत्यव्रत/सोनिया
बरसात के दौरान पूरी करें सभी औपचारिकताएं, मौसम खुलते ही शुरू हों सड़क निर्माण कार्य : रणबीर गंगवा
हरियाणा में 115 किलोमीटर बनेगी मॉडल रोड, जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
चंडीगढ़, 23 जून- हरियाणा के लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बरसात के मौसम के दौरान सभी प्रशासनिक, तकनीकी और वित्तीय औपचारिकताएं हर हाल में पूरी कर ली जाएं, ताकि मौसम अनुकूल होते ही सड़क निर्माण एवं सुधार कार्यों को तेजी से शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए।
मंगलवार को कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा लोकनिर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप राज्य के सभी 22 जिलों में विकसित की जाने वाली मॉडल रोड परियोजनाओं के साथ साथ अन्य प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की।
मंत्री श्री रणबीर गंगवा को अधिकारियों ने बताया कि इन मॉडल सड़कों की कुल लंबाई लगभग 115 किलोमीटर होगी। इन सड़कों को सौंदर्यकरण, आधुनिक सुविधाओं और सड़क सुरक्षा के लिहाज से प्रदेश की आदर्श सड़कें बनाया जाएगा। अधिकारियों ने जानकारी दी कि चयनित 8 सड़कों का विशेषज्ञ एजेंसियों द्वारा सर्वेक्षण जुलाई माह में पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही मॉडल रोड परियोजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी भी जुलाई तक मिलने की संभावना है, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।
बैठक में अधिकारियों ने वर्ष 2026-27 के कार्य कार्यक्रम की प्रगति से भी मंत्री श्री रणबीर गंगवा को अवगत कराया। अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित 1,633 सड़कों में से 1,042 सड़कों के ईओ तैयार कर भेजे जा चुके हैं, जबकि शेष सड़कों की प्रक्रिया भी तेजी से पूरी की जा रही है। इस पर मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि तमाम सड़कों के निर्माण कार्य, रिपेयरिंग इत्यादि के कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से बारिश के सीजन के अंदर इस संबंध में कागजी कार्रवाई पूरी कर ली जाए, सड़कों के निर्माण की क्वालिटी में किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं होगा।
इस दौरान “म्हारी सड़क” ऐप की समीक्षा के दौरान मंत्री ने निर्देश दिए कि जिन सड़कों का विवरण अभी तक ऐप में शामिल नहीं है, उन्हें भी जल्द जोड़ा जाए। ताकि आमजन अपनी सड़क से संबंधित शिकायत एप पर भेज सके और उसका समाधान जल्द हो। अधिकारियों ने बताया कि विभाग ऐसी व्यवस्था विकसित कर रहा है, जिसके तहत सड़कों पर लगाए जाने वाले QR कोड को स्कैन कर आमजन सड़क से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने इस कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।
श्री गंगवा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए, समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को बेहतर, सुरक्षित और टिकाऊ सड़क नेटवर्क उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में हरियाणा स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (HARSAC) के साथ मिलकर विभाग द्वारा करवाए जा रहे कार्य में भी तेजी लाने को कहा। उन्होंने अन्य विभागीय परियोजनाओं की भी समीक्षा की। इस दौरान पीडब्ल्यू (बी एंड आर) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री एके सिंह, अतिरिक्त सचिव श्री हितेश कुमार मीणा, इआईसी श्री अनिल दहिया सहित अधिकारीगण मौजूद थे।
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प्रदेश में बाढ़ नियंत्रण के लिए उपकरणों पर 30 करोड़ से अधिक की खरीद को दी मंजूरी-मंत्री श्रुति चौधरी
चंडीगढ़, 23 जून- हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी की अध्यक्षता में आज यहां सिविल सचिवालय में विभागीय उच्चाधिकार प्राप्त खरीद समिति (डीएचपीपीसी) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश में आगामी मानसून को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण के लिए निर्णय लिए गए। बैठक में डीएचपीपीसी के सदस्य और प्रदेश के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान समिति ने जल भराव और बाढ़ जैसी स्थितियों से निपटने के लिए पाइपों तथा हाई-पावर जल पंपों की खरीद से संबंधित सभी 16 एजेंडा को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। इन उपकरणों और सामग्रियों की खरीद पर प्रदेश सरकार द्वारा 30 करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय की जाएगी। मंत्री ने कहा कि सरकार के इस कदम से प्रदेश के संवेदनशील और निचले इलाकों में जल निकासी व्यवस्था को भारी मजबूती मिलेगी।
मंत्री ने अधिकारियों निर्देश दिए कि बाढ़ नियंत्रण से जुड़ी सभी सामग्रियों की आपूर्ति समय पर सुनिश्चित की जाए। आपूर्तिकर्ताओं (सप्लायर्स) द्वारा निर्धारित आपूर्ति कार्यक्रम का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानसून के आने से पहले की तैयारियों में किसी भी प्रकार की देरी या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी, ताकि जनता को जलभराव की समस्या से बचाया जा सके।”
मंत्री ने कहा कि विभाग का मुख्य लक्ष्य हर नागरिक की सुरक्षा और कृषि भूमि को जलमग्न होने से बचाना है। शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने भी विभागीय स्तर पर किए जा रहे इन प्रयासों की सराहना की और कहा कि यह त्वरित निर्णय जमीनी स्तर पर बाढ़ नियंत्रण में गेम-चेंजर साबित होंगे। बैठक में विभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ भी मौजूद रहे, जिन्होंने खरीद प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और गुणवत्ता मानकों की रूपरेखा साझा की।
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1994 के अपर यमुना रिवर बोर्ड समझौते के अनुसार राजस्थान को उसके हिस्से का पानी उपलब्ध कराने पर बनी सहमति, सोमवार को एमओयू पर होंगे हस्ताक्षर:मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
रेणुका, किशाऊ और लखवार बांध परियोजनाओं में आएगी तेजी, राज्यों के बीच सहयोग से जल प्रबंधन को मिलेगी नई दिशा
-केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में हरियाणा व राजस्थान के मुख्यमंत्रियों की बैठक
चंडीगढ़, 23 जून- केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल के नई दिल्ली स्थित आवास पर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी तथा राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में दोनों राज्यों से जुड़े जल संसाधन, सिंचाई एवं पेयजल से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।
बैठक के दौरान वर्ष 1994 में हुए अपर यमुना रिवर बोर्ड (यूवाईआरबी) समझौते के तहत राजस्थान के हिस्से के पानी की आपूर्ति के विषय पर विस्तार से चर्चा की गई। इस संबंध में निर्णय लिया गया कि समझौते के अनुरूप राजस्थान को उसका निर्धारित जल पाइपलाइन के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। इस विषय पर सोमवार को एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा समझौते के तहत राजस्थान को मिलने वाले जल के अधिकार का सम्मान करता है और राजस्थान को निर्धारित हिस्से का पानी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच समन्वय और सहयोग से जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकता है, जिससे सभी प्रदेशों को लाभ मिलेगा।
राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान केवल समझौते के तहत निर्धारित जल की ही मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि बरसात के दिनों में नदियों में बहने वाले अतिरिक्त जल का प्रभावी उपयोग कर यदि उसे राजस्थान तक पहुंचाया जाए तो राज्य के एक बड़े क्षेत्र में पेयजल संकट का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।
बैठक में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि रेणुका, किशाऊ और लखवार बांध परियोजनाएं उत्तर भारत के राज्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इनके क्रियान्वयन में जल्द तेजी लाई जाएगी। इन परियोजनाओं के माध्यम से भविष्य की जल आवश्यकताओं की पूर्ति, सिंचाई क्षमता में वृद्धि तथा पेयजल उपलब्धता को मजबूत आधार मिलेगा। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं को लेकर संबंधित राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाते हुए आवश्यक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने घग्गर नदी में गिरने वाले दूषित जल के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि घग्गर नहर में गिरने वाले पानी के उपचार के लिए अलग से ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे, ताकि बिना शोधन के गंदे पानी का प्रवाह नदी में न हो और जल स्रोतों की स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में जल प्रबंधन, नदी संरक्षण और अंतरराज्यीय सहयोग से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक विषयों पर शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए तथा कहा कि जल संसाधनों के समुचित उपयोग एवं संरक्षण के लिए राज्यों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
इस अवसर पर हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल, राजस्थान सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अधिकारी उपस्थित रहे।


