हरियाणा में जनस्वास्थ्य विभाग के 13 कार्यों को 399.85 करोड़ रुपये की मंजूरी, 19.49 करोड़ की होगी बचत: नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़, 21 अक्टूबर 2026। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने और सीवरेज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग के 13 कार्यों को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं पर 399.85 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन कार्यों की अनुमानित लागत 419.34 करोड़ रुपये थी, जिससे सरकार को 19.49 करोड़ रुपये की बचत होगी।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को चंडीगढ़ में हाई पावर्ड परचेज कमेटी और हाई पावर्ड वर्क्स परचेज कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, जनस्वास्थ्य मंत्री रणबीर गंगवा और सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पेयजल और सीवरेज व्यवस्था होगी मजबूत
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश के नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जलघरों, बूस्टिंग स्टेशनों और पाइपलाइन के निर्माण पर काम किया जा रहा है। जलघरों और बूस्टिंग स्टेशनों के तल आरसीसी किए जाएंगे, ताकि पानी के रिसाव को रोका जा सके।
मंजूर कार्यों में सीआईपीपी तकनीक के माध्यम से सीवर लाइनों की मरम्मत भी शामिल है। इस तकनीक से पूरी सड़क या जमीन की खुदाई किए बिना मौजूदा सीवर लाइन को अंदर से दुरुस्त किया जा सकता है।
रोहतक, अंबाला और अन्य शहरों को मिलेगी राहत
रोहतक में गांधी नगर से मुख्य झज्जर रोड तक बड़ी सीवर लाइन की स्पाइरल लाइनिंग और आरसीसी कार्य पर 15.90 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अन्य खराब सीवर लाइनों की मरम्मत और नवीनीकरण के लिए 17.25 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। सिंहपुरा में सीवर लाइन के आरसीसी कार्य पर 16 करोड़ और सुखपुरा चौक में सीवर लाइन दुरुस्त करने पर 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
अंबाला जिले के शहजादपुर में 48 करोड़ रुपये की लागत से सीवर लाइन, 3 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और पेयजल लाइन से जुड़े कार्य होंगे। जगाधरी में सीवरेज लाइन के पुनर्विकास और नई लाइन बिछाने पर 24 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
धनौरी में नहर आधारित जलघर और 2 एमएलडी एसटीपी सहित अन्य कार्यों के लिए 42.50 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। रतिया में मुख्य जलघर के टैंक का तल आरसीसी करने सहित अन्य कार्यों पर 31.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। हिसार में 10 एमएलडी एसटीपी और इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन के लिए 33.95 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
कैमरी गांव में नया जलघर, बूस्टिंग स्टेशन, टैंकों का आरसीसी कार्य और 2 एमएलडी एसटीपी बनाने के लिए 54 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
पंचकूला में नए भवन, करनाल में रेस्ट हाउस
पंचकूला में जनस्वास्थ्य विभाग के पुराने भवन को हटाकर नया भवन बनाने के लिए 58.50 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। वहीं, लोकायुक्त भवन के निर्माण पर 18.40 करोड़ रुपये खर्च होंगे। करनाल में 29.91 करोड़ रुपये की लागत से रेस्ट हाउस बनाया जाएगा।
इसके अलावा अंबाला में टीबी अस्पताल के निर्माण के लिए 22.80 करोड़ रुपये, चरखी दादरी के पिचोपा गांव में सिंथेटिक ट्रैक सहित खेल स्टेडियम के लिए 11.60 करोड़ रुपये और चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के शैक्षणिक ब्लॉक के लिए 54.50 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए 224 बिस्तरों वाला छात्रावास भी बनाया जाएगा। इसके निर्माण पर 14.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
अन्य विकास परियोजनाओं को भी मंजूरी
बैठक में पंचकूला के एमडीसी सेक्टर-5 में राज्य पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन प्राधिकरण के भवन के लिए 16 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। पंचकूला में दो स्टॉर्म वाटर ड्रेन बनाने पर लगभग 34.30 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
गुरुग्राम के चंदू बुढेड़ा स्थित जलघर में 100 एमएलडी क्षमता का स्वचालित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और क्लियर वाटर रिजर्वायर बनाने के लिए 49.50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इसके अतिरिक्त सड़क निर्माण, वेयरहाउसिंग गोदामों, आईएमटी सोहना में कन्वेंशन सेंटर और गुरुग्राम-पटौदी रोड को द्वारका एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले मार्ग के उन्नयन सहित कई परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई।
News written by Priyanka Thakur


