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हरियाणा सरकार और जापान और USA की कंपनियों के बीच ग्लाइडवेज ट्रांजिट सिस्टम पर साझेदारी की संभावनाओं पर हुई चर्चा

हरियाणा सरकार और जापान और USA की कंपनियों के बीच ग्लाइडवेज ट्रांजिट सिस्टम पर साझेदारी की संभावनाओं पर हुई चर्चा

 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

चंडीगढ़, 15 अप्रैल — हरियाणा में शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, स्मार्ट और टिकाऊ बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है। शहरों में अत्याधुनिक पोड टैक्सी (ग्लाइडवेज) प्रणाली को लागू करने की संभावनाओं पर सरकार गंभीरता से मंथन कर रही है, जिससे प्रदेश में स्मार्ट मोबिलिटी का नया युग शुरू होने की उम्मीद है।

इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से बुधवार को चंडीगढ़ स्थित संत कबीर कुटीर में जापान की प्रतिष्ठित कंपनी सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन तथा ग्लाइडवेज कंपनी के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। बैठक के दौरान हरियाणा सरकार और जापानी कंपनियों के बीच ग्लाइडवेज ट्रांजिट प्रोजेक्ट को लेकर संभावित साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश में विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचा विकसित करने और नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

बैठक में पोड टैक्सी सेवा शुरू करने की व्यवहार्यता, संभावित कॉरिडोर एवं रूट प्लानिंग, परियोजना के लिए निवेश मॉडल, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) की संभावनाएं तथा इसके क्रियान्वयन की समयसीमा जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। इस परियोजना के माध्यम से शहर की यातायात व्यवस्था में आने वाले व्यापक बदलावों और नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं का भी आंकलन किया गया।

प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि ग्लाइडवेज एक अत्याधुनिक, स्वचालित (डायवरलैस) और ऑन-डिमांड सार्वजनिक परिवहन प्रणाली है, जिसे उन्नत तकनीक के साथ विकसित किया जा रहा है। यह प्रणाली छोटे-छोटे स्वचालित पॉड्स के माध्यम से यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव प्रदान करती है। इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना, यात्रा समय को घटाना तथा एक पर्यावरण-अनुकूल परिवहन विकल्प उपलब्ध कराना है।

उल्लेखनीय है कि शहरों के विकास को गति देने के लिए भारत सरकार द्वारा ‘अर्बन चैलेंज फंड’ के अंतर्गत शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने और अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने की नई पहलों के तहत सहयोग प्रदान किया जाएगा। यह परियोजना न केवल ट्रैफिक मैनेजमेंट में सुधार लाएगी, बल्कि ऊर्जा दक्षता और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस प्रणाली को भविष्य की स्मार्ट सिटी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है, जिससे यह दीर्घकालिक और सतत विकास के लक्ष्यों के अनुरूप है।

बैठक में मुख्यमंत्री की मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, शहरी स्थानीय निकाय विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक कुमार मीणा, निदेशक श्री शाश्वत, CM’s विदेश सहयोग विभाग के सलाहकार श्री पवन चौधरी, सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन से केंटो ओगुराग्लाइडवेज कंपनी से क्रिस राइली, डेव मानु और अल्बर्टो फर्नांडेज़ लोपेज़ उपस्थित रहे।

क्रमांक-2026

आईएमसी हिसार परियोजना ने पकड़ी गति

 

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने की प्रगति की समीक्षा

चंडीगढ़, 15 अप्रैल- हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां एक उच्च स्तरीय बैठक में महत्वाकांक्षी इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) हिसार परियोजना की प्रगति की समीक्षा के दौरान परियोजना से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों को शीघ्रता से लागू करने के निर्देश दिए।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने और इसके समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

नागरिक उड्डयन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी. अनुपमा ने बताया कि परियोजना विभिन्न मोर्चों पर तेजी से आगे बढ़ रही है। योजना निर्माण, बुनियादी ढांचा विकास तथा नियामकीय स्वीकृतियों पर समानांतर रूप से कार्य किया जा रहा है।

अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर के तहत विकसित की जा रही यह परियोजना हिसार को आधुनिक विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 1,605 एकड़ क्षेत्र में फैली इस परियोजना के बड़े हिस्से को पर्यावरण सम्बन्धी मंजूरी मिल चुकी है, जबकि शेष क्षेत्र के लिए स्वीकृतियां अंतिम चरण में हैं। इस क्लस्टर में बड़े पैमाने पर विनिर्माण निवेश आकर्षित करने और हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की क्षमता है।

बैठक में नागरिक उड्डयन, सिंचाई एवं जल संसाधन, बिजली वितरण कंपनियों और परियोजना से जुड़े विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

क्रमांक-2026

हरियाणा में पूर्व सैनिकों एवं परिवारों के लिए समर्पित कॉल सेंटर स्थापित

 

चंडीगढ़, 15 अप्रैल – हरियाणा के पूर्व सैनिकों, अर्धसैनिक बलों के कर्मियों तथा उनके परिवारों की समस्याओं के समाधान तथा विभिन्न योजनाओं के संबंध में उन्हें मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा एक समर्पित कॉल सेंटर स्थापित किया गया है।

सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजेन्द्र कुमार ने बताया कि पूर्व सैनिकों, अर्धसैनिक बलों के कर्मियों तथा उनके परिजनों को विभिन्न सेवाओं, योजनाओं एवं सुविधाओं से संबंधित जानकारी सहज एवं शीघ्र उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के आदेशानुसार हरियाणा में पूर्व सैनिकों के लिए समर्पित कॉल सेंटर  की स्थापना की गई है जिसका सफलतापूर्वक संचालन शुरू हो गया है।

उन्होंने बताया कि पूर्व सैनिक, अर्धसैनिक बलों के कर्मी तथा उनके परिजन अपनी शिकायतों के समाधान अथवा मार्गदर्शन के लिए सरकारी छुट्टियों को छोड़कर सोमवार से शनिवार तक प्रातः 9:30 बजे से सायं 5:30 बजे तक समर्पित कॉल सेंटर के फोन नंबर 0172-5210277 पर संपर्क कर सकते हैं।

उन्होंने पूर्व सैनिकों एवं अर्धसैनिक बलों के कर्मियों एवं उनके परिवारजनों से अनुरोध किया कि वे कॉल सेंटर की सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग कर अपनी समस्याओं का शीघ्र एवं प्रभावी समाधान प्राप्त करें।

क्रमांक-2026

 

 

कैम्पा के तहत हरियाणा में 298 करोड़ की हरित योजना मंजूर

20 लाख पौधारोपण व वन्यजीव संरक्षण उपायों को मिली स्वीकृति

मियावाकी तकनीक से विकसित होंगे शहरी वन

चंडीगढ़, 15 अप्रैल- हरियाणा सरकार ने पर्यावरण संतुलन और जलवायु अनुकूल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रतिपूरक वनीकरण प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (कैम्पा) के तहत 298.43 करोड़ की वार्षिक कार्य योजना को मंजूरी दी है। योजना के तहत 1,882 हेक्टेयर भूमि पर 20 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही, 4,518 हेक्टेयर क्षेत्र में पहले से लगाए गए पौधों का संरक्षण और रखरखाव भी किया जाएगा, ताकि पौधारोपण का स्थायित्व और जीवित रहना सुनिश्चित की जा सके।

यह निर्णय आज यहां मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई कैम्पा की 10वीं स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में लिया गया।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि स्वीकृत कार्य योजना केवल वित्तीय प्रावधान नहीं, बल्कि प्रदेश के पर्यावरणीय भविष्य में एक रणनीतिक निवेश है। उन्होंने परिणाम आधारित कार्यप्रणाली, जवाबदेही और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।

शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण और तापमान वृद्धि को कम करने के लिए राज्य में 16 हेक्टेयर क्षेत्र में मियावाकी तकनीक से घने शहरी वन विकसित किए जाएंगे। ये तेजी से विकसित होने वाले वन शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हरित क्षेत्र बढ़ाने और वायु गुणवत्ता सुधारने में सहायक होंगे।

हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए राज्य के 22 जिलों के वन कार्यालयों में 15 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। कैम्पा के तहत वित्तपोषित इस पहल से पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने, परिचालन लागत घटाने और कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी।

शिवालिक की पहाड़ियों और अरावली क्षेत्र की पर्यावरणीय संवेदनशीलता को देखते हुए इन क्षेत्रों में कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट कार्यों के लिए 33 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इन कार्यों के तहत मृदा संरक्षण, जल संचयन और क्षतिग्रस्त भूमि के पुनरूद्धार पर ध्यान दिया जाएगा। इससे स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

वन और वन्य जीव संरक्षण को पुख्ता बनाने के लिए 20 नई वन चौकी स्थापित करने, 60 अतिरिक्त वन रक्षकों की तैनाती और गश्ती वाहनों की खरीद को मंजूरी दी गई है। इसके अतिरिक्त, घायल वन्यजीवों के लिए रेस्क्यू वाहन तथा फील्ड स्टाफ के लिए आवासीय क्वार्टर बनाने की भी स्वीकृति दी गई है।

योजना के तहत ‘हरितिमा: हरियाली का रंग, हरियाणा के संग‘ के नाम से पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा, जिसमें सरकारी स्कूलों की कक्षा 6 से 10वीं तक के विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। इस पहल के अंतर्गत प्रदेशभर में 70 ईको कैंप आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विद्यार्थियों को वन क्षेत्रों, वन्यजीव अभयारण्यों और ईको-पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश के ‘अनुभूति’ मॉडल से प्रेरित है, जिसका मकसद अनुभव आधारित शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

पारदर्शिता और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से योजना में थर्ड पार्टी निगरानी और मूल्यांकन की व्यवस्था की गई है। साथ ही भूमि चयन, क्रियान्वयन और विभागों के बीच समन्वय के लिए एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) भी स्थापित की जाएगी।

योजना को अब अंतिम स्वीकृति के लिए राष्ट्रीय कैम्पा को भेजा जाएगा, जिसके बाद प्रदेशभर में इसका क्रियान्वयन शुरू होगा।

बैठक में पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, लोक निर्माण (भवन एवं सड़क) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.के. सिंह और कैम्पा की कार्यकारी समिति के अध्यक्ष श्री के.सी. मीणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

क्रमांक-2026

 

 

राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध : आरती सिंह राव

नए स्वास्थ्य संस्थानों को खोलने तथा अपग्रेड करने की दी मंजूरी

चंडीगढ़, 15 अप्रैल – हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने और अन्य कुछ स्वास्थ्य संस्थानों को अपग्रेड करने की मंजूरी दी गई है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जींद जिला के गांव धतरथ में नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की प्रशासनिक स्वीकृति दी है , इसके भवन निर्माण का कार्य भी जल्द शुरू कर दिया जाएगा। इसी प्रकार , जिला नूंह के गांव साकरस में उप स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड करने की मुख्यमंत्री द्वारा सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी गई है।

उन्होंने आगे जानकारी दी कि कुरुक्षेत्र जिला के लाडवा क़स्बा में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 50 बिस्तरीय सामान्य अस्पताल में अपग्रेड करने की भी मंजूरी दी गई है।  इनके अलावा , जींद जिला के ही गांव बिधराना में नया उपस्वास्थ्य केंद्र खोलने बारे सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी गई है। गांव की पंचायत द्वारा सरकार को यह प्रस्ताव भी भेजा गया है कि जब तक इस उपस्वास्थ्य केंद्र का नया भवन तैयार नहीं हो जाता, तब तक ग्राम उक्त उपस्वास्थ्य केंद्र को शुरू करने के लिए पंचायत अपने स्तर पर भवन उपलब्ध करवाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि उक्त स्वास्थ्य संस्थानों के शुरू होने से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि बड़े अस्पतालों पर भी दबाव कम होगा। इससे लोगों को समय पर इलाज मिल सकेगा और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार लगातार स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने, नई सुविधाएं जोड़ने और हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

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