Homepunjabहरियाणा सरकार का बड़ा निर्णय: प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित...

हरियाणा सरकार का बड़ा निर्णय: प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किए जाएंगे 150  राजकीय विद्यालयों के नए भवन-मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

हरियाणा सरकार का बड़ा निर्णय: प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किए जाएंगे 150  राजकीय विद्यालयों के नए भवन-मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई स्कूल शिक्षा विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक

 

 

719 उत्कृष्ट विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

 

स्मार्ट कक्षाएंएआई-आधारित शिक्षा और अत्याधुनिक लैब्स से लैस होंगे प्रदेश के सरकारी स्कूल- नायब सिंह सैनी

 

चंडीगढ़, 1 अगस्त- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार राजकीय स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में राज्य में 150  राजकीय विद्यालयों के नए भवन विकसित किए जाएंगे, जो पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगे। इन विद्यालयों के डिजाइन एवं निर्माण के लिए देश के अग्रणी राज्यों एवं प्रतिष्ठित संस्थानों के श्रेष्ठ मॉडल और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन का सहयोग लिया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री शुक्रवार देर शाम चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी निवास ‘संत कबीर कुटीर‘ में स्कूल शिक्षा विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में प्रदेश के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

 

*719 उत्कृष्ट विद्यालयों के समग्र विकास पर मंथन*

 

बैठक के दौरान राज्य में गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। विशेष रूप से प्रदेश के 719 उत्कृष्ट विद्यालयों—जिनमें संस्कृति मॉडल स्कूल, मुख्यमंत्री अर्ली इंग्लिश एंड एक्सीलेंस स्कूल तथा पीएम श्री विद्यालय शामिल हैं—के समग्र विकास और सुदृढ़ीकरण पर विस्तार से चर्चा हुई।

 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी विद्यालयों में आवश्यक आधारभूत ढांचा और सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए भवनों का निर्माण, अतिरिक्त कक्षाएं, पृथक शौचालय, मजबूत चारदीवारी, खेल के मैदान, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, डिजिटल लैब, स्मार्ट कक्षाएं, पुस्तकालय, नया फर्नीचर, टैबलेट तथा अन्य आधुनिक शिक्षण संसाधन समय पर उपलब्ध कराए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन विकास कार्यों के लिए बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और सभी निर्माण कार्य शीघ्र पूरे किए जाएं।

 

*आधुनिक तकनीक और एआई आधारित होगी शिक्षा*

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकीय विद्यालयों का कायाकल्प करते हुए उनमें उच्च गुणवत्ता का फर्नीचर, डिजिटल एवं स्मार्ट क्लासरूम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित शिक्षण सुविधाएं, व्यावसायिक शिक्षा, अत्याधुनिक विज्ञान-कंप्यूटर प्रयोगशालाएं और डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जाएंगी।

 

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को बेहतरीन शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि ये विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के उत्कृष्ट केंद्र बनें। ये 150 नए और 719 उत्कृष्ट विद्यालय राज्य के अन्य सभी स्कूलों के लिए प्रेरणास्रोत और रोल मॉडल के रूप में स्थापित होंगे। उन्होंने अधिकारियों को इस महत्वाकांक्षी योजना को समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित कर हरियाणा को विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने का आह्वान किया।

 

*शिक्षकों का प्रोत्साहन और स्वच्छता पर विशेष बल*

 

बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने भी अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पठन-पाठन का माहौल बेहतर बनाने के लिए बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को चिन्हित कर उन्हें प्रोत्साहित और सम्मानित किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने सभी सरकारी स्कूलों में स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था और सफाई के स्तर को और अधिक बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

 

बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री को जारी विकास परियोजनाओं और आगामी कार्ययोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट सौंपी।

 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, मुख्यमंत्री के डिप्टी प्रिंसिपल सेक्रेटरी श्री यशपाल यादव, माध्यमिक शिक्षा के महानिदेशक श्री जितेंद्र दहिया, निदेशक श्रीमती मनिता मलिक, शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक श्री स्वपनिल रवींद्र पाटिल व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

 

क्रमांक -2026

नशे के खिलाफ हर युवा बने बदलाव का वाहकदस लोगों को नशामुक्ति अभियान से जोड़े – राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष

 

राज्यपाल ने पटियाला स्थित राजीव गांधी राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में आयोजित “नशे के खिलाफ जंग” विषय  पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन को किया संबोधित

 

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में युवाओं के लिए विकास के व्यापक अवसरनशे जैसी बुराई के लिए कोई स्थान नहीं

 

खेलों में देश का गौरव बढ़ाने वाले युवा नशे के खिलाफ भी निभाएंगे अग्रणी भूमिका

 

चंडीगढ़, 1 अगस्त – हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने युवाओं से नशे के खिलाफ संकल्प लेने तथा समाज से इस बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक युवा युद्ध नशे विरुद्ध अभियान से जुड़ने के लिए दस अन्य लोगों को प्रेरित करे तो यह संकल्प एक सशक्त जनआंदोलन का रूप ले सकता है।

 

राज्यपाल आज पंजाब के पटियाला स्थित राजीव गांधी राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में आयोजित “नशे के खिलाफ जंग” विषय  पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया और हरियाणा की प्रथम महिला श्रीमती मित्रा घोष भी मौजूद रही

 

सम्मेलन को युवाओं के लिए आशा और निराशा के बीच सही मार्ग चुनने का संदेश बताते हुए प्रो. घोष ने कहा कि एक रास्ता स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और सफलता की ओर ले जाता है, जबकि दूसरा रास्ता नशे की लत, बिखरते परिवारों और टूटते सपनों की ओर। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि देश का युवा जीवन, उद्देश्य और प्रगति का मार्ग अपनाएगा तथा नशामुक्त समाज के निर्माण का अग्रदूत बनेगा। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन जन-जागरूकता के एक व्यापक अभियान की शुरुआत है, जिसका संदेश पंजाब से कहीं आगे तक जायेगा।

 

राज्यपाल ने युवाओं को राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि जब युवा बड़े सपने देखते हैं, कड़ी मेहनत करते हैं और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते हैं, तो देश की प्रगति को कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या युवाओं की ऊर्जा और सपनों पर सीधा प्रहार कर कमजोर बनाती है, परिवारों को तोड़ती है और समाज की बुनियाद को खोखला करती है। इसलिए नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवारों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।

 

युवाओं से पढ़ाई का दबाव, बेरोजगारी और अकेलेपन जैसी चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करने का आह्वान करते हुए प्रो. घोष ने कहा कि नशा कभी किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प, संवाद, उचित मार्गदर्शन और आत्मविश्वास ही जीवन की चुनौतियों का वास्तविक समाधान हैं।

 

उन्होंने माता-पिता और अभिभावकों से भी अपने बच्चों को केवल सुविधाएं ही नहीं, बल्कि समय, विश्वास और अपनापन देने की अपील की। उन्होंने कहा कि खुला संवाद, समय पर मार्गदर्शन और भावनात्मक सहयोग अनेक युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचा सकता है। उन्होंने कहा कि नशे के शिकार लोगों को तिरस्कार नहीं, बल्कि सहानुभूति, उपचार और पुनर्वास की आवश्यकता है।

 

*प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में युवाओं के लिए विकास के व्यापक अवसरनशे जैसी बुराई के लिए कोई स्थान नहीं*

 

केंद्र सरकार की विभिन्न पहलों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में फिट इंडिया, खेलो इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया तथा विकसित भारत-2047 जैसे कार्यक्रम युवाओं के लिए नए अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब युवाओं के सामने विकास और प्रगति के इतने व्यापक अवसर मौजूद हैं, तब नशे जैसी सामाजिक बुराई के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

 

राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा ने खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बल पर विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। इसी प्रकार पंजाब के युवाओं ने भी खेल जगत में देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस क्षेत्र का युवा भी अपने साहस, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर नशे के खिलाफ इस लड़ाई में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

 

सम्मेलन में राजीव गाँधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ लॉ पटियाला के कुलपति प्रो जय एस सिंह, कई अन्य विश्वविधलायों के कुलपति एवं अन्य गणमान्य भी उपस्थित थे

 

क्रमांक -2026

 

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments