हरियाणा में प्लास्टिक पॉलीथीन पर सख्त कार्रवाई की तैयारी — एक महीने में बनेगी विशेष कार्ययोजना: पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह
दूषित जल रोकने के लिए एसटीपी–सीईटीपी पर विशेष फोकस, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
चंडीगढ़, 29 दिसंबर — हरियाणा के पर्यावरण मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रदेश में प्लास्टिक पॉलीथिन का विनिर्माण तथा उपयोग वर्ष 2013 से प्रतिबंधित है, इसके बावजूद इसका इस्तेमाल प्रदूषण की बड़ी समस्या का कारण बन रहा है। उन्होंने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पॉलीथिन के नुकसान के बारे में आमजन को जागरूक करने के लिए व्यापक स्तर पर विशेष अभियान चलाया जाए। इस अभियान में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, सिंचाई एवं जलसंसाधन, उद्योग एवं वाणिज्य और शहरी स्थानीय निकाय विभाग की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इस अभियान की शुरुआत शहरों से की जाए और इसके लिए एक विस्तृत कार्ययोजना एक महीने के भीतर तैयार कर प्रस्तुत की जाए।
राव नरबीर सिंह आज यहां अपने कार्यालय में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यप्रणाली की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में बोर्ड के चेयरमैन श्री विनीत गर्ग सहित संबंधित विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं नामित नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उद्योगों का व्यक्तिगत निरीक्षण अवश्य करें। उन्होंने निर्देश दिए कि उद्योग लगाने या एनओसी के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन आने पर क्षेत्रीय अधिकारी सभी आपत्तियां एक ही बार में दर्ज करें। बार-बार अलग-अलग आपत्तियां लगाने से उद्योग लगाने वालों को अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ता है और उन्हें कई बार बोर्ड के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसी स्थिति को हर हाल में रोका जाए।
बैठक में मंत्री को अवगत कराया कि हरियाणा में यमुना नदी में कुल 11 मुख्य ड्रेन मिलती हैं जिनके माध्यम से उद्योगों का दूषित पानी पहुंचता है। इस पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि सीईटीपी और एसटीपी से जुड़े कार्यों में तेजी लाई जाए। रेवाड़ी, बावल और धारूहेड़ा के एसटीपी पर विशेष ध्यान देने के भी निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि मसानी बैराज के निकट लगभग 25–26 गांवों में जलभराव की स्थिति बनी रहती है। सिंचाई विभाग पाइपलाइन के माध्यम से इस पानी की निकासी कर इसे राजस्थान की ओर बहने वाली नदी तक पहुंचाने की योजना तैयार करे और इस पानी को उपचारित कर कृषि में पुन: उपयोग किया जाए। इससे खोल और बावल खंड के किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा तथा नहरी पानी की कमी भी काफी हद तक दूर होगी।
श्री राव नरबीर सिंह ने स्पष्ट कहा कि रेड, ऑरेंज और ग्रीन कैटेगरी के उद्योगों के लाइसेंस नवीनीकरण से पहले भी क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा साइट पर जाकर व्यक्तिगत निरीक्षण किया जाना चाहिए। केवल कार्यालय में बैठकर दलालों के माध्यम से खानापूर्ति किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं होगी।
बैठक के दौरान हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव श्री योगेश कुमार ने मंत्री को आश्वस्त किया कि वे आगामी सप्ताह में पानीपत, सोनीपत, झज्जर और गुरुग्राम स्थित एसटीपी का स्वयं निरीक्षण करेंगे और संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगे।
क्रमांक — 2025
चंडीगढ़, 29 दिसंबर – हरियाणा मंत्रिपरिषद की बैठक मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आगामी 1 जनवरी को सुबह 11 बजे हरियाणा सिविल सचिवालय चंडीगढ़ की चौथी मंजिल पर स्थित मुख्य सभा कक्ष में होगी।
क्रमांक -2025
एचटेट परीक्षा हेतु 4 जनवरी तक आवेदन करना सुनिश्चित करें अभ्यर्थी
– सोशल मीडिया पर फैली भ्रामक खबरों से बनाए दूरी
– परीक्षा संबंधी किसी भी जानकारी हेतु बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करते रहें अभ्यर्थी
चंडीगढ़ , 29 दिसम्बर- हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा संचालित करवाए जाने वाली हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट)-2025 का निर्विघ्न, सुव्यवस्थित संचालन करने, विश्वसनीयता व पवित्रता बरकरार रखने के लिए शिक्षा बोर्ड द्वारा अभूतपूर्व प्रबंध किए जा रहे हैं।
इस बारे में जानकारी देते हुए बोर्ड प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा-2025 (एचटेट) लेवल-1, 2 व 3 हेतु आवेदन 24 दिसम्बर, 2025 से लाईव कर दिए गए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर दिए गए लिंक के माध्यम से महत्वपूर्ण निर्देशों को ध्यान से पढक़र/समझकर 04 जनवरी, 2026 (रात्रि 12:00 बजे) तक ऑनलाइन आवेदन करना सुनिश्चित करें। ऑनलाइन आवेदन व परीक्षा शुल्क के सफलतापूर्वक जमा करने के बाद अभ्यर्थी पुष्टिकरण पृष्ठ (Confirmation Page) का प्रिंट लेना सुनिश्चित कर लें। उन्होंने आगे बताया कि अभ्यर्थी अपने विवरण, फोटो, हस्ताक्षर, अंगूठें का निशान, लेवल, विषय के चयन (लेवल 2 व 3), जाति वर्ग, दिव्यांग श्रेणी व गृह राज्य में 4 व 5 जनवरी, 2026 को ऑनलाइन संशोधन कर सकते हैं।
उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर फैली हुई किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों/दुष्प्रचार पर ध्यान न दें तथा समय रहते परीक्षा हेतु आवेदन करना सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर को यदि किसी अभ्यर्थी के संज्ञान में आती है तो बोर्ड वेबसाइट पर दिए गए दूरभाष नम्बरों पर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी को तुरन्त सूचित करें, सूचना देने वाले अभ्यर्थियों के नाम गोपनीय रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी नवीनतम अपडेट के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट का नियमित तौर पर अवलोकन करते रहें, ताकि वे किसी भी महत्वपूर्ण व अति-आवश्यक जानकारी/सूचना से वंचित न रह जाएं।
बोर्ड प्रवक्ता ने बताया कि परीक्षा के सफल व पारदर्शी संचालन हेतु प्रदेशभर में परीक्षा केंद्रों की कड़ी निगरानी हेतु बोर्ड द्वारा प्रभावी उड़नदस्तों का गठन किया जाएगा। परीक्षाओं की पल-पल की मॉनिटरिंग करने के उद्देश्य से भिवानी बोर्ड मुख्यालय पर एक अत्याधुनिक ए.आई. तकनीक से लैस हाईटेक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को रोकने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल परीक्षा आरम्भ होने से काफी समय पूर्व परीक्षा केंद्रों के बाहर तैनात रहेगा।
जन शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए सरकार प्रतिबद्ध- कृषि मंत्री
– जिला लोक सम्पर्क समिति की बैठक में 14 में से 6 शिकायतों का हुआ मौके पर समाधान
चंडीगढ़ , 29 दिसंबर – हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि वर्तमान सरकार जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और समाधान करने को लेकर प्रतिबद्ध है। प्रत्येक माह ग्रीवेंस कमेटी की बैठक आयोजित की जाती है जिसमें जन समस्याओं पर सुनवाई की जाती है। प्रत्येक सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारी आमजन के प्रति उत्तरदायी है और उनको सरकार की मंशा के अनुसार लोगों की भलाई के लिए कार्य करने हैं।
कृषि मंत्री आज चरखी दादरी में जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
इस बैठक में चरखी दादरी जिला के विभिन्न गांवों एवं शहरी क्षेत्रों से आए नागरिकों की कुल 14 शिकायतें प्रस्तुत की गईं, जिनमें से 6 मामलों का समाधान बैठक के दौरान ही कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को आगामी सुनवाई के लिए रखा गया है।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि शिकायतों की जांच में पारदर्शिता बनाए रखें और शिकायतकर्ता को हर चरण में शामिल किया जाए ताकि समाधान प्रभावी और संतोषजनक हो। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं तभी सार्थक होती हैं जब उनका लाभ सीधे अंतिम पंक्ति में खडे सामान्य नागरिक तक पहुंचे। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सभी विभाग शिकायतों एवं समस्याओं को समयबद्ध निवारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।


