By Priyanka Thakur
नई दिल्ली, 06 जून 2026: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब सरकार द्वारा प्राइवेट स्कूलों की फीस वृद्धि पर नियंत्रण लगाने के फैसले का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रभावी तरीके से लगाम लगाने का निर्णय लिया है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने आदेश जारी किया है कि कोई भी प्राइवेट स्कूल एक साल में 5 प्रतिशत से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा सकेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सीमा में ट्यूशन फीस के साथ-साथ लाइब्रेरी फीस, डेवलपमेंट फीस और अन्य सभी शुल्क शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में जिन स्कूलों ने 15 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाई है, उन्हें अतिरिक्त वसूली गई फीस अभिभावकों को वापस करनी होगी।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी स्कूल ने पिछले तीन वर्षों में 50 प्रतिशत फीस बढ़ाई है, तो उसे 35 प्रतिशत अतिरिक्त राशि रिफंड करनी पड़ेगी। केजरीवाल ने कहा कि देश के इतिहास में यह पहली बार होगा जब किसी प्राइवेट स्कूल को अभिभावकों के बैंक खातों में फीस वापस करनी पड़ेगी।
उन्होंने कहा कि इससे पहले दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान भी इसी तरह का कदम उठाया गया था और कई स्कूलों से अभिभावकों को फीस रिफंड कराई गई थी। अब पंजाब में भी वही मॉडल लागू किया जा रहा है ताकि माता-पिता को राहत मिल सके।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हर मां-बाप का सपना होता है कि उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले। पंजाब सरकार एक तरफ सरकारी स्कूलों को बेहतर बना रही है, वहीं दूसरी तरफ निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को फीस के बोझ से राहत देने का काम भी कर रही है।
उन्होंने कहा कि सभी निजी स्कूल खराब नहीं हैं, लेकिन कुछ स्कूल बिना किसी नियंत्रण के लगातार फीस बढ़ाते रहते हैं, जिससे आम परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ जाता है। उन्होंने इसे माता-पिता और छात्रों के हित में लिया गया बड़ा फैसला बताया।
केजरीवाल ने कहा कि पंजाब ने जो पहल की है, वह पूरे देश के लिए एक उदाहरण है। उन्होंने मांग की कि अन्य राज्यों को भी पंजाब मॉडल अपनाते हुए निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर सख्त नियंत्रण लगाना चाहिए।


