Saturday, January 31, 2026
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भारतीय मिट्टी की खुशबू को बिखेरता है खो-खो खेल : नायब सिंह सैनी

भारतीय मिट्टी की खुशबू को बिखेरता है खो-खो खेल : नायब सिंह सैनी

 

मुख्यमंत्री  ने खो-खो एसोसिएशन को 21 लाख रुपए देने की करी घोषणा

 

वर्ष 2036 के ओलंपिक तक देश को एक वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का प्रधानमंत्री का संकल्प

 

चंडीगढ़, 31 जनवरी-हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि खो-खो केवल एक खेल नहीं है, यह हमारी मिट्टी की खुशबू है। यह ऐसा खेल है जो हमें सिखाता है कि संसाधनों की कमी कभी भी प्रतिभा के मार्ग में बाधा नहीं बन सकती। इसमें न तो महंगे उपकरणों और न ही बड़े मैदानों की आवश्यकता होती है। इसमें फुर्ती, रणनीति, टीम वर्क, अनुशासन और तीव्र निर्णय क्षमता की आवश्यकता होती है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार को केशव पार्क में 35वीं सब जूनियर नैशनल खो-खो चैम्पियनशिप (लडक़े, लड़कियां) के उदघाटन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधिवत रूप से खेलों के शुभारंभ की घोषणा की तथा एसोसिएशन को 21 लाख रुपए देने की घोषणा की और खिलाडिय़ों से मिलकर परिचय भी लिया।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार और राज्यसभा के सासंद सुभाष बराला ने भी खिलाडिय़ों को सम्बोधित किया तथा आयोजकों को बेहतरीन आयोजन के लिए बधाई दी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में खेलों के लिए एक स्पष्ट और दूरदर्शी विजन तैयार किया। इसका उद्देश्य था हर बच्चे को खेल से जोड़ना, हर गांव में खेल का मैदान विकसित करना और हर उस युवा को अवसर देना, जिसमें खेल के प्रति जुनून और क्षमता है। इसी उद्देश्य से हम प्रदेश में वर्षभर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को वर्ष 2036 के ओलंपिक के लिए तैयार करने और देश को एक वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का सपना देखा है। खेलो इंडिया, फिट इंडिया जैसे अभियान इसी सोच का परिणाम हैं। हरियाणा को खेलों की नर्सरी कहा जाता है, जहां से निकले खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुझे अत्यंत हर्ष और गौरव का अनुभव हो रहा है, यह वही धरती है जहां युगों पूर्व भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्म, कर्तव्य और अनुशासन का अमर संदेश दिया था। इसी धरती से खो-खो जैसे भारतीय पारंपरिक खेल के माध्यम से अनुशासन, समर्पण, टीम भावना और राष्ट्र एकता का संदेश पूरे देश में गूंज रहा है। यह केवल एक खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ नहीं है, बल्कि भारत की खेल संस्कृति, युवा शक्ति और उज्ज्वल भविष्य का उत्सव है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 में इस स्तर की प्रतियोगिता हरियाणा में आयोजित हुई थी और आज लगभग 12-13 वर्षों के बाद हम पुन: इस राष्ट्रीय खेल महाकुंभ के साक्षी बन रहे हैं। भारत के सभी राज्यों एवं अन्य खेल इकाइयों की 34 टीमें इस प्रतियोगिता में भाग ले रही हैं, जो यह दर्शाता है कि खो-खो जैसे पारंपरिक खेल के प्रति देशभर में कितना उत्साह है। यह प्रतियोगिता 5 दिवसीय है और इसका समापन आगामी 4 फरवरी को होगा।

 मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, गुजरात से लेकर पूर्वोत्तर भारत तक, लगभग 1080 बालक एवं बालिका खिलाड़ी यहां अपनी प्रतिभा, परिश्रम और आत्मविश्वास का प्रदर्शन करने आए हैं। इन खिलाडिय़ों के साथ-साथ 210 समर्पित कोच भी यहां मौजूद हैं, जिन्होंने इन बच्चों को तैयार करने में वर्षों की मेहनत लगाई है। आज यहां भले ही भाषाएं अलग हों, वेशभूषाएं अलग हों और संस्कृतियां अलग हों, लेकिन आप सभी की भावना एक है और वह खेल भावना है। यही खेलों की सबसे बड़ी ताकत है कि वे भेदभाव की दीवारों को तोडक़र हमें एक सूत्र में बांधते हैं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज जब विश्व के कई देश हमारे पारंपरिक खेलों को अपनाने और उनसे सीखने की ओर अग्रसर हैं, तब यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी बनती है कि हम अपनी इस अनमोल विरासत को संरक्षित भी करें और वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित भी करें। हमारे प्रदेश के खिलाडिय़ों ने ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल और विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर भारत का तिरंगा गर्व से लहराया है।

 

पहले दिन खो-खो के खेले गए कुल 40 मैच

हरियाणा स्पोर्ट्स खो-खो एसोसिएशन के प्रधान जवाहर सिंह यादव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि यह प्रतियोगिता 5 दिन तक चलेगी और इस प्रतियोगिता में पूरे भारत से टीमें आई है। पहले दिन प्रतियोगिता में कुल 40 मैच खेले जा रहे है ।

खो-खो फेडरेशन आफ इंडिया के महासचिव उपकार सिंह विर्क ने कहा कि खो-खो मिट्टी में खेला जाता था, लेकिन अब मिट्टी से लेकर अब यह खेल मैट पर खेला जाता है।

इस मौके पर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल कौशिक, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा,   खो-खो फेडरेशन आफ इंडिया के प्रधान सुधांशु मित्तल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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