मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में नारनौल 2041, नारायणगढ़ 2031, पानीपत 2041 तथा कुरुक्षेत्र 2041 के ड्राफ्ट डेवलपमेंट प्लान पर विचार विमर्श तथा अनुमोदन के लिए एसएलसी की बैठक आयोजित
चंडीगढ़, 3 अगस्त। हरियाणा में भूमि के उपयोग, शहरी विकास और भवनों के निर्माण को व्यवस्थित करने के लिए विभिन्न जिलों के ड्राफ्ट डेवलपमेंट प्लान पर विचार-विमर्श तथा अनुमोदन हेतु सोमवार को मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा सिविल सचिवालय में एसएलसी (स्टेट लेवल कमेटी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में हरियाणा नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग द्वारा नारायणगढ़ की 2031 की विकास योजना तथा कुरुक्षेत्र, नारनौल व पानीपत की 2041 की विकास योजनाएं अनुमोदन हेतु प्रस्तुत की गईं।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में जहां भी शहरी विकास की योजना तैयार की जाए उसमें विकसित भारत-2047 के विजन को ध्यान में रखा जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास योजनाओं को भविष्य की जनसंख्या, आधुनिक शहरी आवश्यकताओं, पर्यावरणीय संतुलन, बेहतर परिवहन व्यवस्था तथा टिकाऊ एवं सुव्यवस्थित शहरी विकास को ध्यान में रखते हुए अंतिम रूप दिया जाए ताकि प्रदेशवासियों को भविष्य में किसी भी मूलभूत सुविधा की कमी का सामना न करना पड़े। इसी प्रकार सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट व वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के अलावा बिजलीघरों, एंटरटेनमेंट जोन तथा अन्य सभी सुविधाओं का भी समुचित ध्यान रखा जाए।
नारायणगढ़-2031 विकास योजना के संबंध में हरियाणा नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नारायणगढ़ को 2031 में संभावित 95000 की आबादी के अनुसार विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत नारायणगढ़ में 6 रिहायशी सेक्टर विकसित किए जाएंगे। अधिकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-72 के विकास के बाद उत्पन्न नई विकास संभावनाओं, औद्योगिक क्षेत्र के विकास, प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था के संरक्षण तथा ग्रीन जोन सहित विकास योजना का प्रारूप प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नारायणगढ़ में औद्योगिक क्षेत्र तथा आवासीय क्षेत्र के बीच पर्याप्त दूरी रखी जाए ताकि आमजन को कोई परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र-2041 विकास योजना के तहत जिला के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए ज्योतिसर क्षेत्र के संरक्षण, सरस्वती नदी के अनुरूप विकास योजना बनाने, हरित क्षेत्रों के विकास, बाढ़ सुरक्षा उपायों तथा अन्य आवश्यक संशोधनों पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र में आइकॉनिक डेस्टिनेशन स्कीम के तहत 250 एकड़ में विकसित किए जाने वाले क्षेत्र के लिए पर्याप्त भूमि आरक्षित की जाए, क्योंकि यह योजना कुरुक्षेत्र के विकास को नई दिशा देगी। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में सरस्वती नदी के कैचमेंट एरिया में बाढ़ की समस्या का समाधान करने के लिए पुख्ता योजना बनाई जाए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि नारनौल-2041 विकास योजना के अंतर्गत कुल 20 रिहायशी सेक्टर विकसित करने की योजना बनाई गई है। इस दौरान नारनौल में एकीकृत मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब (आईएमएलएच) के अनुरूप औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने, नए बाईपास को योजना में शामिल करने तथा आवासीय, औद्योगिक, परिवहन एवं हरित क्षेत्रों के संतुलित विकास पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित विकास योजना में वन क्षेत्र के संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाए तथा कुछ एरिया इको-टूरिज्म के लिए भी आरक्षित किया जाए।
इसी प्रकार पानीपत-2041 विकास योजना में शहर की बढ़ती आबादी की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 2021 के मास्टर प्लान के अनुरूप बसे शहर के दाएं व बाएं नए आवासीय क्षेत्र विकसित करने सहित सड़क नेटवर्क, एसटीपी, बूस्टिंग स्टेशन तथा अन्य आवश्यकताओं पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पानीपत-शामली राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ-साथ एक-एक किलोमीटर तक औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना बनाई जाए। उद्योगों में पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए यहां रेनीवैल इत्यादि की व्यवस्था करने के संबंध में भी उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में सेक्टर-34 स्थित पुरानी शुगर मिल की भूमि को स्पेशल जोन अथवा मिक्स यूज के रूप में विकसित करने के साथ-साथ जिला से संबंधित अन्य विकास योजनाओं पर भी राज्य स्तरीय समिति के समक्ष विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री आरके खुल्लर, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, डॉ. सुमिता मिश्रा, श्री एके सिंह, श्री अनुराग अग्रवाल, डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, श्रीमती आशीमा बराड़, श्री अशोक कुमार मीणा, श्री अमित खत्री तथा कुरुक्षेत्र के उपायुक्त श्री विश्राम कुमार मीणा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
क्रमांक -2026
नूंह के गांव दादू में नया राजकीय नर्सिंग कॉलेज को मिली मंजूरी
– स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात
चंडीगढ़, 3 अगस्त – हरियाणा सरकार ने राज्य के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नूंह जिले के गांव दादू में नया राजकीय नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने की प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। इस नए सरकारी संस्थान में वार्षिक 60 सीटें स्वीकृत की गई हैं, जिससे मेवात और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को अपने ही इलाके में उच्च स्तरीय नर्सिंग एवं पैरामेडिकल शिक्षा प्राप्त करने का सीधा अवसर मिलेगा।
हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा इस दूरगामी परियोजना को दी गई हरी झंडी पर उनका सहृदय आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि नूंह जैसा सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा क्षेत्र लंबे समय से बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगारोन्मुखी शैक्षणिक संस्थानों की प्रतीक्षा कर रहा था। गांव दादू में इस कॉलेज की स्थापना से न केवल स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ तैयार होगा, बल्कि क्षेत्र के प्राथमिक और द्वितीयक स्वास्थ्य केंद्रों को कुशल जनशक्ति मिलेगी। विशेषकर स्थानीय बेटियों के लिए यह संस्थान वरदान साबित होगा, जिन्हें अब नर्सिंग की पढ़ाई के लिए दूरदराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
राज्य सरकार का यह निर्णय नूंह जिले को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और ग्रामीण इलाकों में आधुनिक चिकित्सा नेटवर्क का विस्तार करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्वास्थ्य मंत्री ने विश्वास जताया कि यह नर्सिंग कॉलेज न केवल क्षेत्र में स्वास्थ्य मानकों को ऊंचा उठाएगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलकर पूरे इलाके के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में एक सकारात्मक बदलाव लाएगा।
क्रमांक -2026
जंगबीर सिंह
कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा का दम, 11 पदकों से दुनिया में गूंजा प्रदेश का नाम : डॉ. अरविंद शर्मा
7 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य पदक जीतकर खिलाड़ियों ने फिर किया साबित, हरियाणा में प्रतिभाओं की कमी नहीं
चंडीगढ़, 3 अगस्त– हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य सहित कुल 11 पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले सभी खिलाड़ियों, उनके प्रशिक्षकों एवं परिजनों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और कड़ी मेहनत के दम पर एक बार फिर विश्व मंच पर प्रदेश का नाम रोशन किया है। खिलाड़ियों की यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।
डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि सात स्वर्ण पदकों समेत ग्यारह पदक जीतना हरियाणा के लिए गर्व की बात है। खिलाड़ियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि हरियाणा की धरती पर प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर प्रदेश के खिलाड़ियों ने दुनिया के बड़े खेल मंच पर देश और हरियाणा का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि में हरियाणा की बेटियों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है। महिला खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से न केवल पदक जीते, बल्कि प्रदेश की बेटियों के सामने नई मिसाल कायम की है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि बेटियों को अवसर और उचित मंच मिले तो वे हर क्षेत्र में देश का गौरव बढ़ा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है। खेलो इंडिया जैसी पहल और खिलाड़ियों को मिल रहे प्रोत्साहन से देश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और प्रोत्साहन देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों की यह उपलब्धि केवल पदकों की संख्या नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की खेल प्रतिभा, मेहनत और मजबूत इच्छाशक्ति का प्रमाण है। गांवों और छोटे शहरों से निकलकर खिलाड़ी आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगे की शान बढ़ा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के हर प्रतिभाशाली युवा को खेलों में आगे बढ़ने के लिए बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर मिलें। उन्होंने उम्मीद जताई कि हरियाणा के खिलाड़ी भविष्य में भी इसी तरह देश का तिरंगा ऊंचा करते हुए प्रदेश का नाम रोशन करते रहेंगे।
क्रमांक— 2026
संस्कृति मंत्रालय की राष्ट्रीय ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता शुरू, युवा एवं विद्यार्थी बढ़-चढ़कर लें भाग
‘‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’’ के उपलक्ष्य में आयोजित ऑनलाइन क्विज 15 सितंबर तक चलेगी
सभी प्रतिभागियों को मिलेगा डिजिटल ई-प्रमाण पत्र
चण्डीगढ़, 3 अगस्त – संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ‘‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’’ के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता शुरू हो गई है। mygov.in के सहयोग से आयोजित यह राष्ट्रव्यापी प्रतियोगिता आगामी 15 सितंबर, 2026 तक चलेगी।
एक सरकारी प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस राष्ट्रीय ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता मंे युवाओं, स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थियों तथा आम नागरिक अधिक से अधिक संख्या में भाग ले सकते हैं। यह प्रतियोगिता केवल एक ऑनलाइन क्विज नहीं, बल्कि देश के इतिहास के महत्वपूर्ण अध्याय को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सार्थक प्रयास है। उन्होंने कहा कि भारत विभाजन के दौरान लाखों लोगों ने जिन कठिन परिस्थितियों का सामना किया, उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रीय एकता के महत्व को समझना आज की युवा पीढ़ी के लिए आवश्यक है। इस प्रकार की पहल युवाओं में इतिहास के प्रति जागरूकता, संवेदनशीलता और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत करेगी।
उन्होंने बताया कि सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकगण विद्यार्थियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने में सहयोग करें।
प्रवक्ता ने बताया कि प्रतियोगिता पूरी तरह निःशुल्क है तथा इसमें सभी भारतीय नागरिक भाग ले सकते हैं। यह एक समयबद्ध ऑनलाइन क्विज होगी, जिसमें सफलतापूर्वक भाग लेने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को MyGov की ओर से डिजिटल ई-प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।इच्छुक प्रतिभागी क्विज डॉट माईजीओवी डॉट इन पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं।
क्रमांक – 2026
रेवाड़ी में तीन रेलवे फाटकों के स्थान पर बनेगा एकीकृत रेलवे ओवरब्रिज, यातायात होगा सुगम और सुरक्षित
चंडीगढ़, 3 अगस्त- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज चंडीगढ़ में आयोजित बैठक में रेवाड़ी जिले में स्थित तीन व्यस्त रेलवे लेवल क्रॉसिंग के स्थान पर एकीकृत रेलवे ओवरब्रिज (Integrated ROB) के निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत शहर में लंबे समय से रेलवे फाटकों के कारण लगने वाले जाम की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा तथा यातायात अधिक सुगम, सुरक्षित और निर्बाध बनेगा।
हरियाणा स्टेट रोड्स एंड ब्रिजेज डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HSRDC) द्वारा क्रियान्वित की जाने वाली इस परियोजना की अनुमानित लागत 207.29 करोड़ रुपये है।
बैठक में लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा, विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अपूर्व कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद रेलवे फाटकों के बार-बार बंद रहने से होने वाली देरी समाप्त होगी और वाहनों का आवागमन बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से हो सकेगा। इससे आम नागरिकों, विद्यार्थियों, व्यापारियों तथा एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं को विशेष सुविधा मिलेगी।
परियोजना के अंतर्गत दो लेन एवं चार लेन रेलवे ओवरब्रिज के साथ आवश्यक स्थानों पर रोड अंडरब्रिज (RUB), सर्विस रोड तथा अन्य आधुनिक आधारभूत सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। इससे सड़क और रेलवे यातायात पूरी तरह अलग हो जाएगा, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना में उल्लेखनीय कमी आएगी और सड़क सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी।
यह परियोजना रेवाड़ी शहर में यातायात का दबाव कम करने, यात्रा समय और वाहन संचालन लागत में कमी लाने तथा क्षेत्रीय संपर्क को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही, इससे औद्योगिक, व्यापारिक एवं शहरी विकास को भी नई गति मिलेगी, जिससे रेवाड़ी जिले की आर्थिक गतिविधियों को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा।
क्रमांक 2026
सुमित चावला
हरियाणा में सुशासन का अभिन्न अंग बनेगी ड्रोन प्रौद्योगिकी
एआई आधारित प्रणाली करेगी अवैध निर्माण, खनन और प्रदूषण की निगरानी
मुख्य सचिव ने की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा
चंडीगढ़, 3 अगस्त-हरियाणा में ड्रोन प्रौद्योगिकी सुशासन का अभिन्न अंग बनने जा रही है। प्रदेश में अवैध निर्माण, अवैध खनन, नागरिक अवसंरचना, लिगेसी वेस्ट स्थलों तथा प्रदूषण की प्रभावी निगरानी के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित निगरानी तथा हाई रेजोल्यूशन भू-स्थानिक (जियोस्पेशियल) मैपिंग का उपयोग किया जाएगा।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां ड्रोन इमेजिंग एंड इंफॉर्मेशन सर्विसेज ऑफ हरियाणा (दृश्या) के निदेशक मंडल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभिन्न तकनीकी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को इनके शीघ्र क्रियान्वयन के निर्देश दिए, ताकि साक्ष्य-आधारित सुशासन, नियामकीय प्रवर्तन तथा जनसेवा वितरण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
बैठक में एआई आधारित चेंज डिटेक्शन एप्लीकेशन की प्रगति की समीक्षा भी की गई। इस एप्लीकेशन को हाई रेजोल्यूशन ड्रोन इमेजरी के माध्यम से अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण की स्वतः पहचान के लिए विकसित किया गया है। इसके तहत फरीदाबाद, हिसार, करनाल, पानीपत और यमुनानगर में लगभग 800 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का डिजिटल मानचित्रण किया जा चुका है, जिससे शहरी नियोजन, निगरानी और प्रवर्तन के लिए राज्य का सबसे बड़ा भू-स्थानिक डाटाबेस तैयार हो रहा है। मुख्य सचिव ने गुरुग्राम में ’दृश्या’ द्वारा किए जा रहे नगर निगम परिसंपत्तियों के डिजिटल मैपिंग कार्य की भी समीक्षा की।
क्रिड के आयुक्त एवं सचिव श्री जे. गणेशन ने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत सड़क नेटवर्क, फुटपाथ, सेंट्रल वर्ज तथा बर्म का डिजिटलीकरण किया गया है। इसके अलावा लगभग 60 हजार मैनहोल एवं गली ट्रैप का सेंटीमीटर स्तर की सटीकता के साथ भू-अंकन (जियो-रेफरेंसिंग) किया जा रहा है। इससे शहरी अवसंरचना के प्रबंधन, रखरखाव की योजना तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
बैठक में खानक स्टोन माइंस में ड्रोन आधारित मासिक निगरानी की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि अब तक ड्रोन सर्वेक्षण के आठ चरण पूरे हो चुके हैं तथा छह चरणों की वॉल्यूमेट्रिक एसेसमेंट रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। इस पहल से उन्नत भू-स्थानिक विश्लेषण के माध्यम से खनन गतिविधियों की वैज्ञानिक निगरानी तथा उत्खनन की वास्तविक मात्रा का सटीक आकलन संभव हो पाया है। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत लिगेसी वेस्ट स्थलों के ड्रोन आधारित वॉल्यूमेट्रिक आकलन की भी समीक्षा की गई।
श्री जे. गणेशन ने बताया कि राज्य के 16 नगर परिषदों में सर्वेक्षण पूरा कर संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट सौंप दी गई है, जिससे पुराने कचरा स्थलों के वैज्ञानिक उपचार तथा लैंडफिल प्रबंधन को बेहतर बनाया जा सकेगा।
बैठक में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के लिए प्रमुख नालों के ड्रोन सर्वेक्षण, थर्मल इमेजिंग और वीडियोग्राफी की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इस परियोजना का उद्देश्य अवैध अपशिष्ट जल निकासी बिंदुओं की पहचान करना, प्रदूषण वाले संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी करना तथा पर्यावरणीय उल्लंघनों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। कई प्रमुख नालों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है, जबकि शेष क्षेत्रों में कार्य प्रगति पर है।
श्री जे. गणेशन ने बताया कि इन सभी परियोजनाओं में डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (डीजीपीएस), भारतीय सर्वेक्षण विभाग के कंटीन्यूअसली ऑपरेटिंग रेफरेंस स्टेशन (सीओआरएस) नेटवर्क, हाई रेजोल्यूशन आरजीबी ड्रोन तथा विशेष भू-स्थानिक प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इन तकनीकों से सरकारी परियोजनाओं के लिए सेंटीमीटर स्तर की सटीकता प्राप्त हो रही है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि शासन व्यवस्था में ड्रोन एवं भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी के व्यापक उपयोग से पारदर्शिता बढ़ेगी, नियामकीय निगरानी अधिक प्रभावी होगी तथा डेटा आधारित निर्णय लेने की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि चल रही परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए, ताकि ड्रोन से प्राप्त आंकड़ों और विश्लेषण को शहरी प्रबंधन, पर्यावरण निगरानी तथा प्रशासन का अभिन्न हिस्सा बनाया जा सके।
बैठक में दृश्या के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री फूल कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
क्रमांक-2026


