रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग में 51 नई नियुक्तियां, पूर्व सैनिकों को मिलेंगी बेहतर सेवाएं
एस.ए.एस. नगर/चंडीगढ़, 9 अगस्त: पंजाब सरकार ने रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग में 51 नई नियुक्तियां कर विभागीय सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रक्षा सेवाएं कल्याण, स्वतंत्रता सेनानी एवं बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने सैनिक सदन, मोहाली में नव-नियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे।
नई नियुक्तियों में 8 जिला रक्षा सेवाएं कल्याण अधिकारी, 42 सैनिक कल्याण प्रबंधक और 1 क्लर्क शामिल हैं। सरकार के अनुसार इन नियुक्तियों के साथ विभाग में लंबे समय से चली आ रही करीब 20 प्रतिशत स्टाफ की कमी को पूरा किया गया है।
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि नई नियुक्तियों से रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग की कार्यकुशलता और मजबूत होगी। इससे पूर्व सैनिकों, शहीदों के परिवारों, विधवाओं और उनके आश्रितों को सरकारी कल्याणकारी सेवाएं जिला स्तर पर अधिक प्रभावी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी।
मोहिंदर भगत ने कहा कि विभाग लंबे समय से स्टाफ की कमी का सामना कर रहा था, जिसके कारण पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों से जुड़े कल्याणकारी कार्य प्रभावित हो रहे थे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के लगातार प्रयासों से अब विभाग की कुल नफरी में करीब 20 प्रतिशत स्टाफ की कमी पूरी हो गई है।
उन्होंने नव-नियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकारी नौकरी केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों की सेवा करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने अधिकारियों से ईमानदारी, समर्पण और लोक-पक्षीय सोच के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने का आह्वान किया।
मंत्री ने कहा कि रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी पूर्व सैनिकों, शहीदों के परिवारों, विधवाओं और उनके आश्रितों की समस्याओं का समय पर समाधान करना है। इसलिए नए अधिकारियों और कर्मचारियों को इन परिवारों की जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य के शहीदों और पूर्व सैनिकों के परिवारों के कल्याण एवं पुनर्वास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नई नियुक्तियों से विभाग की सेवाओं को जमीनी स्तर तक और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सुमेर सिंह गुजर, निदेशक ब्रिगेडियर भूपिंदर सिंह ढिल्लों (सेवानिवृत्त) सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।


