चंडीगढ़, 8 फरवरी:
भगवंत मान सरकार ने पंजाब की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। आम आदमी क्लीनिक राज्य में मुफ्त, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत रीढ़ बनकर उभरे हैं। पंजाब विकास आयोग द्वारा जारी स्टेट रिपोर्ट कार्ड इस बदलाव की ठोस गवाही देता है।
राज्य भर के 18,256 मरीजों से लिए गए फीडबैक के आधार पर तैयार रिपोर्ट के अनुसार, 96 प्रतिशत मरीज आम आदमी क्लीनिकों की चिकित्सा सेवाओं से संतुष्ट हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि अब प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा लापरवाही और अव्यवस्था से निकलकर भरोसे और गुणवत्ता की दिशा में आगे बढ़ चुकी है।
आंकड़ों के मुताबिक, 92 प्रतिशत मरीजों को सभी जरूरी दवाइयां आम आदमी क्लीनिकों में पूरी तरह मुफ्त मिलीं, जबकि 94 प्रतिशत मरीजों की जांचें भी बिना किसी शुल्क के क्लीनिकों में ही हुईं। यह दर्शाता है कि सरकार ने स्वास्थ्य को सुविधा नहीं, बल्कि नागरिकों का अधिकार माना है।
रिपोर्ट में मरीजों के अनुभव को भी विशेष रूप से सराहा गया है। 99 प्रतिशत मरीजों ने क्लीनिकों की साफ-सफाई और बैठने की उचित व्यवस्था की पुष्टि की। 97 प्रतिशत ने पीने के साफ पानी और 95 प्रतिशत ने स्वच्छ शौचालय की उपलब्धता को संतोषजनक बताया।
जिला स्तर पर भी यह बदलाव समान रूप से दिखाई देता है। अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला, बठिंडा, होशियारपुर और तरनतारन जैसे जिलों में लगातार उच्च संतुष्टि दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में आम आदमी क्लीनिकों की सफलता देश के लिए एक उदाहरण बन चुकी है। यह पहल न केवल आम परिवारों का आर्थिक बोझ घटा रही है, बल्कि बड़े अस्पतालों पर दबाव भी कम कर रही है। सरकार ने दोहराया है कि आने वाले समय में इन क्लीनिकों का और विस्तार किया जाएगा।


