चंडीगढ़, 9 फरवरी:
पंजाब सरकार ने राज्य के नौजवानों को नशों से दूर रखने और खेलों की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से पंजाब क्रिकेट लीग को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह लीग केवल एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि युवाओं के सशक्तिकरण और खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक रणनीतिक पहल है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब क्रिकेट लीग का आयोजन इंडियन प्रीमियर लीग की तर्ज पर किया जाएगा, जिसमें जिला और क्षेत्रीय स्तर की टीमें हिस्सा लेंगी। इस लीग को सफल बनाने के लिए पंजाब सरकार बीसीसीआई और पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के साथ तालमेल करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेटरों की अगली पीढ़ी तैयार करना है।
खेल और युवक सेवाएं विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे युवाओं को अधिक से अधिक खेल मैदानों से जोड़ें। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ और नशा-मुक्त समाज के निर्माण के लिए खेल सबसे प्रभावी माध्यम हैं। सरकार लगातार राज्य में खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी लीगों ने दुनिया भर में क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है और पंजाब क्रिकेट लीग भी राज्य को क्रिकेट प्रतिभा की नर्सरी के रूप में स्थापित करेगी। उन्होंने बताया कि इस लीग से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए तैयार होने का मंच मिलेगा।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने वॉलीबॉल, फुटबॉल, हॉकी, बास्केटबॉल, खो-खो और कबड्डी जैसे खेलों के लिए भी जिला और राज्य स्तरीय लीग शुरू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करें और राज्य की खेल विरासत को नई पहचान मिले।


