By Priyanka Thakur
पंजाब की राजनीति में एक बार फिर धार्मिक मुद्दा गरमा गया है। कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अकाल तख्त साहिब पर सवाल उठाना सिख पंथ पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि अकाल तख्त साहिब पंथ का सर्वोच्च आध्यात्मिक और सांसारिक केंद्र है और वहां से जारी हर हुक्मनामा ब्रह्म आदेश के समान होता है।
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि जो लोग अकाल तख्त साहिब के हुक्मनामों पर सवाल उठाते हैं, वे पंथ का प्रतिनिधित्व करने का अधिकार खो देते हैं। उन्होंने कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज से अपील की कि इस मामले का सख्त संज्ञान लिया जाए और उचित कार्रवाई की जाए।
मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि सुखबीर सिंह बादल की टिप्पणियां न केवल तख्त की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं बल्कि सिख समुदाय की भावनाओं को भी आहत करती हैं। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं बल्कि धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
इसके साथ ही हरजोत सिंह बैंस ने आनंदपुर साहिब हेरिटेज स्ट्रीट प्रोजेक्ट को लेकर भी एसजीपीसी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस परियोजना को केवल इसलिए रोका गया क्योंकि इसका श्रेय राज्य सरकार को नहीं देना चाहा गया। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा राजनीतिक कारणों से बदल दिया गया, जिससे इसकी मूल योजना प्रभावित हुई।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य तख्त केशगढ़ साहिब को गुरुद्वारा सीस गंज साहिब से जोड़ना था, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलतीं। बैंस ने कहा कि उन्होंने इस परियोजना को पूरी मेहनत से तैयार किया था और इसे पूरा होते देखना चाहते थे।
अंत में उन्होंने कहा कि धार्मिक मामलों में राजनीति से बचना चाहिए और पंथ की मर्यादा को सर्वोपरि रखना चाहिए। यह मामला अब पंजाब में धार्मिक और राजनीतिक बहस का केंद्र बनता जा रहा है।


