चंडीगढ़, 23 मई:
पंजाब में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव की स्थिति को देखते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा गर्मी से होने वाली बीमारियों की रोकथाम, प्रभावी प्रबंधन और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सभी सिविल सर्जनों को निर्देश जारी किए गए हैं कि जिला अस्पतालों, सब-डिवीजन अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष हीट स्ट्रोक प्रबंधन यूनिट पूरी तरह कार्यशील रहें। इन यूनिटों में मरीजों के उपचार के लिए आइस पैक, ठंडे आईवी फ्लूइड और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि राज्य के सभी अस्पतालों में ओआरएस, आपातकालीन दवाइयों और अन्य आवश्यक चिकित्सा सामग्री का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया गया है। इसके साथ ही एंबुलेंसों में भी मरीजों को अस्पताल तक लाने के दौरान ठंडक और प्राथमिक उपचार की सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गर्मी से जुड़ी बीमारियों की निगरानी के लिए आईएचआईपी पोर्टल का उपयोग कर रही है, जिससे मामलों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा सके। इसके अलावा जिला स्तर पर टास्क फोर्स गठित कर शिक्षा, श्रम और परिवहन विभागों के साथ समन्वय बैठकों का आयोजन किया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों, विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले मजदूरों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अधिक से अधिक पानी पिएं, ओआरएस, लस्सी और नींबू पानी का सेवन करें तथा हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनें। उन्होंने दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच तेज धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि हीटवेव के दौरान तेज सिरदर्द, चक्कर, मतली, शरीर का तापमान 40 डिग्री से अधिक होना या मानसिक स्थिति में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
राज्य सरकार ने आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर 104, 108 और 112 भी जारी किए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को तुरंत सहायता मिल सके।
News By: Priyanka Thakur


