चंडीगढ़, 25 अप्रैल: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों के लिए एक बड़ा डिजिटल कदम उठाते हुए घोषणा की है कि अगले सप्ताह से किसानों को व्हाट्सएप के माध्यम से QR कोड आधारित J-Form भेजे जाएंगे। इससे किसानों को ऋण और अन्य सुविधाओं का लाभ लेने में आसानी होगी और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले सीजन से “किसान ई-खरीद ऐप” भी लॉन्च किया जाएगा। इस ऐप में किसानों को J-Form, भुगतान की स्थिति, भूमि बुवाई, उपज सत्यापन और गेट पास शेड्यूलिंग जैसी सभी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। इससे खरीद प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी।
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार रबी सीजन 2026-27 में हरियाणा की मंडियों में 81 लाख 48 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की गई है, जो पिछले चार वर्षों में सबसे अधिक है। 11 अप्रैल को एक ही दिन में 7 लाख 71 हजार मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड आवक हुई।
अब तक 5 लाख 80 हजार किसान अपनी फसल लेकर मंडियों में पहुंच चुके हैं। इनमें से 79 लाख 14 हजार मीट्रिक टन गेहूं का बायोमेट्रिक सत्यापन हो चुका है, जो लगभग 97 प्रतिशत है। वहीं 70 लाख 23 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पूरी हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि डिजिटल गेट पास व्यवस्था के तहत अब तक 13 लाख 47 हजार गेट पास जारी किए जा चुके हैं। साथ ही 416 मंडियों और 281 खरीद केंद्रों की जियो फेंसिंग की गई है, जिससे फर्जी खरीद पर रोक लगी है। मंडियों में 932 CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने आढ़तियों का कमीशन बढ़ाकर 55 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। इसके अलावा बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत देते हुए गुणवत्ता मानकों में ढील दी गई है।
सरकार ने पिछले 11 वर्षों में किसानों को मुआवजे और बीमा योजनाओं के तहत 16,160 करोड़ रुपये वितरित किए हैं। वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को 7,562 करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है।


