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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन बोर्ड की 19वीं बैठक आयोजित

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन बोर्ड की 19वीं बैठक आयोजित

 

विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं को विशेष प्रोत्साहन पैकेज स्वीकृत, निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

 

ड्रोन, ऑटो कंपोनेंट्स, बैटरी एवं विनिर्माण क्षेत्र में बड़े निवेश को मंजूरी

 

चंडीगढ़, 12 मई — हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन बोर्ड (एचईपीबी) की 19वीं बैठक सोमवार को देर सांय चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश में औद्योगिक निवेश, विनिर्माण क्षमता तथा रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न औद्योगिक इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन पैकेज एवं अन्य राहत प्रदान करने संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में स्वीकृत विभिन्न परियोजनाओं से राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है।

 

परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में कार्यकारी अधिकार प्राप्त समिति (ईईसी) की सिफारिशों के आधार पर एचईपीबी द्वारा अनुमोदित किया गया। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह भी उपस्थित रहे।

 

बैठक में बीईयूएमईआर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति-2020 के अंतर्गत 43.05 करोड़ रुपये के विशेष प्रोत्साहन पैकेज की स्वीकृति प्रदान की गई। कंपनी झज्जर जिले में अत्याधुनिक इंट्रालॉजिस्टिक्स सिस्टम मैन्युफैक्चरिंग सुविधा स्थापित करेगी, जिससे आधुनिक औद्योगिक अवसंरचना के साथ हरियाणा के 138 युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

 

इसी प्रकार, एआईटीएमसी वेंचर्स लिमिटेड को हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति-2020 के अंतर्गत 58.51 करोड़ रुपये के विशेष प्रोत्साहन पैकेज की स्वीकृति प्रदान की गई। कंपनी हिसार जिले में ड्रोन एवं ड्रोन कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग हब स्थापित करेगी, जिससे रक्षा एवं एयरोस्पेस विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा तथा हरियाणा के 800 युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

 

बैठक में अभ्युदय प्रिंट इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड को हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति-2020 के अंतर्गत 31.68 करोड़ रुपये के विशेष प्रोत्साहन पैकेज की स्वीकृति प्रदान की गई। यह परियोजना उन्नत पैकेजिंग सामग्री निर्माण क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के साथ हरियाणा के 105 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएगी।

 

इसी प्रकार, मार्क एग्जॉस्ट सिस्टम्स लिमिटेड को हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति-2020 के अंतर्गत 39.95 करोड़ रुपये के विशेष प्रोत्साहन पैकेज की स्वीकृति प्रदान की गई। कंपनी झज्जर जिले में ऑटो कंपोनेंट्स निर्माण इकाई स्थापित करेगी, जिससे राज्य में ऑटो कंपोनेंट्स विनिर्माण क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी तथा हरियाणा के 123 युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

 

बैठक में कैनपैक इंडिया को हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति-2020 के अंतर्गत 35.21 करोड़ रुपये के विशेष प्रोत्साहन पैकेज की स्वीकृति प्रदान की गई। कंपनी मेवात जिले में एल्युमिनियम कैन निर्माण क्षमता का विस्तार करेगी, जिससे हरियाणा के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

 

इसके अतिरिक्त, एटीएल बैटरी टेक्नोलॉजी (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को आईटी एवं ईएसडीएम नीति-2017 के अंतर्गत स्वीकृत परियोजना हेतु निवेश समय सीमा में एक वर्ष का अंतिम विस्तार प्रदान करने को स्वीकृति दी गई। कंपनी सोहना, जिला नूंह में लिथियम-आयन सेल एवं बैटरी निर्माण परियोजना स्थापित कर रही है।

 

बैठक में सबरोस लिमिटेड को हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति-2020 के अंतर्गत 89.91 करोड़ रुपये के विशेष प्रोत्साहन पैकेज की स्वीकृति प्रदान की गई। कंपनी खरखौदा, जिला सोनीपत में ऑटो कंपोनेंट्स निर्माण सुविधा स्थापित करेगी, जिससे राज्य में ऑटो एवं ऑटो कंपोनेंट्स क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा तथा हरियाणा के 215 युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

 

इसी प्रकार, जय भारत मारुति लिमिटेड को हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति-2020 के अंतर्गत 43.76 करोड़ रुपये के विशेष प्रोत्साहन पैकेज की स्वीकृति प्रदान की गई। यह परियोजना राज्य में ऑटो एवं ऑटो कंपोनेंट्स क्षेत्र में निवेश एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा देगी।

 

इसके अतिरिक्त, कंधारी बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड के अनुरोध के अनुरूप उद्यम प्रोत्साहन नीति-2015 के अंतर्गत पूर्व में स्वीकृत विशेष पैकेज में संशोधन करते हुए 157.83 करोड़ रुपये के संशोधित विशेष प्रोत्साहन पैकेज को स्वीकृति प्रदान की गई।

 

बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

क्रमांक – 2026

हरियाणा की टेली-मानस हेल्पलाइन हजारों लोगों के लिए बनी जीवन रेखा, 16,000 से अधिक नागरिकों ने मांगी मानसिक स्वास्थ्य सहायता

प्रदेश की मुफ्त टेली-काउंसलिंग पहल ने मानसिक रोग से जुड़ी सामाजिक वर्जनाओं को तोड़ा; शहरों से गांवों तक भावनात्मक देखभाल की पहुंच का किया विस्तार

चंडीगढ़, 12 मई — प्रदेश सरकार की टेली-मानस मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन भावनात्मक संकट, चिंता, अवसाद और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सहायता प्रणाली है।

नवंबर 2022 में अपनी शुरुआत के बाद से, इस हेल्पलाइन पर 16,000 से अधिक कॉल प्राप्त हुई हैं, जो सुलभ और कलंक-मुक्त मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति बढ़ते जन-विश्वास को दर्शाती हैं। नागरिक टोल-फ्री नंबर 14416 या 1-800-891-4416 डायल करके इस सेवा का निःशुल्क लाभ उठा सकते हैं। यह सेवा पूरे हरियाणा में मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और मनोसामाजिक सहायता के लिए संचालित है।

संकट प्रबंधन तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में, टेली-मानस को अब हरियाणा के 112 आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली के साथ एकीकृत कर दिया गया है। इस व्यवस्था के तहत, आपातकालीन हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त आत्महत्या से संबंधित संकट कॉलों को तत्काल प्रशिक्षित टेली-मानस परामर्शदाताओं के पास भेज दिया जाता है ताकि उन्हें तुरंत मनोवैज्ञानिक सहायता दी जा सके।

स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इस एकीकरण ने आपात स्थिति के दौरान समय पर मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने की राज्य की क्षमता में काफी सुधार किया है और हरियाणा के सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया ढांचे में एक महत्वपूर्ण कड़ी जोड़ दी है।

राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत शुरू की गई इस पहल ने 10 मई, 2026 तक 16,159 कॉल का निस्तारण किया है, जिसमें राज्य भर के लोगों को मुफ्त, गोपनीय और सहानुभूतिपूर्ण परामर्श सहायता प्रदान की गई है। यह बढ़ती प्रतिक्रिया इस बात का स्पष्ट संकेत है कि हरियाणा में मानसिक स्वास्थ्य पर बातचीत अब धीरे-धीरे अधिक खुली और स्वीकार्य होती जा रही है।

हरियाणा की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव, डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि यह पहल भूगोल या सामाजिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना हर नागरिक के लिए मानसिक स्वास्थ्य देखभाल सुलभ बनाने की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों के लिए सस्ती, समय पर और गोपनीय मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि टेली-मानस केवल एक हेल्पलाइन से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि यह मानसिक स्वास्थ्य के प्रति नजरिया बदलने और लोगों को बिना किसी झिझक के मदद मांगने के लिए प्रोत्साहित करने में मदद कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के वितरण में इसके प्रति जुड़ी सामाजिक झिझक को कम करना सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है।

मात्र एक वर्ष में लगभग 10,000 कॉल

इस पहल के बढ़ते प्रभाव का सबसे बड़ा प्रमाण पिछले एक वर्ष में इसके उपयोग में हुई भारी वृद्धि है। मई 2025 से अप्रैल 2026 के बीच हेल्पलाइन पर 9,669 कॉल प्राप्त हुईं—जो सेवा शुरू होने के बाद से कुल कॉलों का 60 प्रतिशत से अधिक है।

स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि यह बढ़त बढ़ती जागरूकता, परामर्श सेवाओं में बढ़ते भरोसे और राज्य भर में बेहतर आउटरीच प्रयासों को दर्शाता है। ग्रामीण हरियाणा की मजबूत भागीदारी इस पहल को जो बात विशेष बनाती है, वह है ग्रामीण हरियाणा तक इसकी गहरी पहुंच। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अधिकांश कॉल ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों से आई हैं, जो यह दर्शाता है कि सेवा ने बड़े शहरों से परे मानसिक स्वास्थ्य देखभाल की पहुंच के पुराने अंतर को सफलतापूर्वक पाट दिया है।

सबसे आम समस्याओं में उदासी, परीक्षा का तनाव, चिंता, शोक, नशीली दवाओं का दुरुपयोग और आत्महत्या के विचार शामिल हैं। प्राप्त कॉलों में से लगभग पांच प्रतिशत बच्चों और किशोरों से संबंधित थीं, जो युवा आयु समूहों और परिवारों के बीच भावनात्मक सहायता की बढ़ती आवश्यकता को रेखांकित करती हैं। पिछले वर्ष के दौरान प्राप्त लगभग 40 प्रतिशत कॉल निदान किए जा चुके मानसिक स्वास्थ्य विकारों से जुड़ी थीं, जो शुरुआती हस्तक्षेप और निरंतर परामर्श सहायता के महत्व को दर्शाती हैं।

उन्होंने कहा कि टेली-मानस पहल के केंद्र में 20 प्रशिक्षित परामर्शदाताओं की एक टीम है जो मनोवैज्ञानिक संकट का सामना कर रहे नागरिकों को भावनात्मक सहायता, संकट हस्तक्षेप, मार्गदर्शन और रेफरल प्रदान करती है। परामर्शदाता टीमें यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर काम करती हैं कि जरूरत पड़ने पर किसी भी व्यक्ति को मदद उपलब्ध रहे।
डॉ. मिश्रा ने परामर्शदाताओं और स्वास्थ्य देखभाल टीमों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पण ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में जनता का विश्वास जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा  कि हेल्पलाइन का बढ़ता उपयोग लोगों द्वारा भावनात्मक कल्याण और मनोवैज्ञानिक सहायता को देखने के तरीके में एक सकारात्मक सामाजिक बदलाव को दर्शाता है।

हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने संकेत दिया है कि सरकार जागरूकता अभियानों का विस्तार करके, सामुदायिक पहुंच में सुधार और टेली-काउंसलिंग बुनियादी ढांचे को बढ़ाकर मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की योजना बना रही है। ध्यान इस बात पर रहेगा कि मानसिक स्वास्थ्य सहायता दूरदराज के गांवों और वंचित क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे।

क्रमांक : 2026

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