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पंजाब पुलिस में महिलाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए लैंगिक प्रशिक्षण शुरू

पंजाब पुलिस में महिलाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए लैंगिक संवेदनशीलता प्रशिक्षण का तीसरा चरण शुरू

चंडीगढ़/जालंधर, 18 अगस्त 2026: पंजाब पुलिस में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और पुलिसिंग को अधिक संवेदनशील एवं पीड़ित-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने फिल्लौर स्थित महाराजा रणजीत सिंह पंजाब पुलिस अकादमी में “पंजाब पुलिस में महिलाओं को मुख्यधारा में लाना” विषय के तहत लैंगिक संवेदनशीलता प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीसरे चरण का उद्घाटन किया।

यह कार्यक्रम पंजाब पुलिस के कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन (सीएडी) द्वारा जे-पाल साउथ एशिया और हरटेक फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। दिसंबर 2025 से चल रहे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीसरे चरण में 1,453 पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान पुलिस कर्मियों को लैंगिक-संवेदनशील, अधिकार-आधारित और पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग के लिए जरूरी कौशल और समझ विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि राज्य स्तर पर तीन प्रशिक्षण चरणों के माध्यम से 384 पुलिस थानों के करीब 1,500 से 2,000 पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में महिलाओं, बच्चों और अन्य कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों में संवेदनशील तरीके से कार्रवाई करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इस अवसर पर डीजीपी ने पंजाब पुलिस के ‘सांझ’ प्लेटफॉर्म पर रक्षा मंत्रालय के सत्यापन के लिए ऑनलाइन डिजिटल पोर्टल भी लॉन्च किया। इस डिजिटल सुविधा का उद्देश्य नवनियुक्त रक्षा कर्मियों की पुलिस सत्यापन प्रक्रिया को तेज और आसान बनाना है। अधिकारियों के अनुसार ऑनलाइन सत्यापन से पहले महीनों लगने वाली प्रक्रिया अब कुछ दिनों में पूरी की जा सकेगी।

डीजीपी गौरव यादव ने पुलिस अधिकारियों को थानों में आने वाले शिकायतकर्ताओं के साथ सहानुभूति और संवेदनशीलता से व्यवहार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था को अधिक सक्रिय और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने पुलिस विभाग सहित अन्य सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है। ऐसे में महिला पुलिस अधिकारियों को केवल डेस्क ड्यूटी तक सीमित रखने के बजाय जांच, खुफिया जानकारी जुटाने और कानून-व्यवस्था से जुड़ी जिम्मेदारियां भी दी जानी चाहिए।

विशेष डीजीपी कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन गुरप्रीत कौर दियो ने बताया कि कार्यक्रम ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स मॉडल के तहत संचालित किया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न जिलों के 60 पुलिस अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है, ताकि पुलिस स्टेशन स्तर पर कर्मचारियों को समान और प्रभावी प्रशिक्षण दिया जा सके।

कार्यक्रम में पूर्व डीजीपी मीरा चड्ढा बोरवणकर और आर.सी. सिंह ने भी प्रशिक्षण सत्रों का नेतृत्व किया। वहीं, रक्षा मंत्रालय के मानव संसाधन निदेशक आरोन पामी ने सांझ पोर्टल पर डिजिटल सत्यापन मॉड्यूल विकसित करने के लिए पंजाब पुलिस की पहल की सराहना की। कार्यक्रम में घरेलू हिंसा पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी प्रदर्शित की गई।

News Written By: Priyanka Thakur

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