पंजाब के सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में जल्द शुरू होगी ट्रिपल एच स्क्रीनिंग, HIV और हेपेटाइटिस की होगी जांच
चंडीगढ़, 3 अक्टूबर: पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान के तहत सरकारी नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में ट्रिपल एच स्क्रीनिंग शुरू करने का फैसला किया है। इस पहल के तहत नशे की लत से जूझ रहे लोगों की HIV, हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी की जांच की जाएगी।
सरकार के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य नशा मुक्ति उपचार के साथ-साथ रक्त के माध्यम से फैलने वाले संक्रामक रोगों की समय पर पहचान और रोकथाम करना है। खास तौर पर इंजेक्शन के जरिए नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले लोगों में संक्रमित सुई या सिरिंज के दोबारा इस्तेमाल से इन संक्रमणों का खतरा बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि इन संक्रमणों की समय पर पहचान होने से मरीजों को उचित चिकित्सकीय उपचार, काउंसलिंग और आगे की देखभाल उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति का उद्देश्य केवल नशे की लत छुड़ाना नहीं, बल्कि प्रभावित लोगों को स्वस्थ जीवन और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है।
अब तक HIV और हेपेटाइटिस की जांच के लिए नशा मुक्ति केंद्रों में समय-समय पर जांच शिविर लगाए जाते थे। सरकार के मुताबिक, शिविर आधारित व्यवस्था में कई बार ऐसे लोग जांच से वंचित रह जाते थे जो निर्धारित समय पर शिविर में नहीं पहुंच पाते थे।
नई व्यवस्था में जांच को सीधे नशा मुक्ति और पुनर्वास सेवाओं से जोड़ा जाएगा। इससे लाभार्थियों को नियमित जांच का अवसर मिलेगा और संक्रमण की पुष्टि होने पर उन्हें आगे के उपचार के लिए संबंधित स्वास्थ्य संस्थान में रेफर किया जा सकेगा।
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान नशे की समस्या से निपटने के साथ-साथ लोगों को स्वस्थ और सुरक्षित जीवन देने पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य के सभी आम आदमी क्लीनिकों में HIV, हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी की जांच मुफ्त उपलब्ध है। ये संक्रमण कई मामलों में लंबे समय तक बिना स्पष्ट लक्षणों के रह सकते हैं, इसलिए समय पर जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है।
सरकार ने इससे पहले रक्त से फैलने वाले संक्रमणों की पहचान के लिए NAT और CLIA जैसी उन्नत जांच तकनीकों को अपनाने की दिशा में भी कदम उठाने की जानकारी दी थी।
निजी नशा मुक्ति केंद्रों में ट्रिपल एच स्क्रीनिंग की सुविधा शुरू हो चुकी है, जबकि सरकारी केंद्रों में इसे जल्द लागू किए जाने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार, इस पहल से नशा मुक्ति, चिकित्सकीय देखभाल, काउंसलिंग और सामाजिक पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
News written by Priyanka Thakur


