2027 के मैनीफैसटो की शुरुआत अमृतसर से; जनता और नेता मिलकर तय करेंगे रोडमैप
– ‘शुद्धीकरण’ के ड्रामे और बदले की भावना से दर्ज की गई FIRs के जरिए भाजपा ने बाबा साहेब के संविधान को ठेस पहुंचाई- कांग्रेस
– भाजपा और अकाली दल आपस में मिले हुए हैं- 2027 में कांग्रेस की निर्णायक वापसी तय
चंडीगढ़, 31 अगस्त: पंजाब कांग्रेस की चुनाव घोषणापत्र समिति ने आज 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए एक व्यापक “जनता का मैनीफैसटो” तैयार करने के लिए सभी जिलों में जमीनी स्तर पर लोगों से सलाह-मशविरा करने के बड़े अभियान का ऐलान किया। समिति की आज पंजाब कांग्रेस भवन में विस्तार से रणनीति बैठक हुई।
समिति ने ऐलान किया कि पूरे राज्य में यह सलाह-मशविरा अभियान पवित्र शहर अमृतसर से औपचारिक रूप से शुरू किया जाएगा। इसके बाद समिति के सदस्य पंजाब के हर जिले का दौरा करेंगे। हर जिले में सुबह से शाम तक पूरे दिन विशेष रूप से बैठकें और बातचीत की जाएगी। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) के अध्यक्षों, सांसदों, विधायकों, वरिष्ठ पार्टी नेताओं और 2022 के विधानसभा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों से जमीनी स्तर की फीडबैक और लोगों की मुख्य प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी ली जाएगी।
समिति पत्रकारों, बुद्धिजीवियों, सिविल सोसाइटी संगठनों और आम लोगों से लिखित सुझाव, विचार और मांगें भी लेगी, ताकि घोषणापत्र पंजाब के लोगों की असली उम्मीदों और आकांक्षाओं को सामने रखने वाला बन सके।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए समिति के नेताओं ने राहुल गांधी द्वारा बताई गई वैचारिक लड़ाई की बात को दोहराया। उन्होंने कहा कि इस समय देश में दो अलग-अलग विचारधाराओं के बीच लड़ाई चल रही है। एक तरफ वे लोग हैं जो बाबा साहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा 1950 में बनाए गए संविधान की रक्षा करते हैं और दूसरी तरफ RSS-BJP गठजोड़ है, जो लगातार संविधान के मूल्यों और समानता का विरोध करता आ रहा है।
नेताओं ने भाजपा-RSS से जुड़े तंत्र की पिछड़ी सोच की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे किसी सभा को संबोधित करते हैं तो भाजपा से जुड़े लोग सिर्फ इसलिए गैर-कानूनी और भेदभावपूर्ण ‘शुद्धीकरण’ की रस्में करते हैं क्योंकि वे दलित हैं। उन्होंने कहा कि छुआछूत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय- जो कानून के अनुसार अपराध है- भाजपा सरकार ने ऐसी असंवैधानिक प्रथाओं के खिलाफ आवाज उठाने वाले राहुल गांधी के खिलाफ बदले की भावना से FIR दर्ज कर दी। पार्टी ने कहा कि वह इस लड़ाई को पूरी ताकत से लड़ेगी और ऐसी बदले की राजनीति के आगे नहीं झुकेगी।
2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अपना पूरा भरोसा दोहराते हुए समिति के नेताओं ने कहा कि पंजाब की राजनीतिक तस्वीर बिल्कुल साफ है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल (SAD) और सुखबीर सिंह बादल भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जैसा कि वे हमेशा करते आए हैं। नेताओं ने कहा कि पंजाब के लोग इस छिपे हुए गठजोड़ को समझ चुके हैं और 2027 में एक मजबूत कांग्रेस सरकार बनाने का मन बना चुके हैं।
बैठक की अध्यक्षता घोषणापत्र समिति के चेयरमैन डॉ. अमर सिंह (सांसद, फतेहगढ़ साहिब) ने की। उनके साथ को-चेयरपर्सन गुरजीत सिंह औजला (सांसद, अमृतसर), परगट सिंह (पूर्व मंत्री), हरदयाल सिंह कंबोज (पूर्व विधायक) और सुखबिंदर सिंह सरकारिया (वरिष्ठ नेता) भी मौजूद थे।


