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55 साल राज करने वाली कांग्रेस बताए, कितने गरीबों को गरीबी से बाहर निकाला; मोदी सरकार ने 25 करोड़ लोगों की बदली जिंदगी- मुख्यमंत्री

55 साल राज करने वाली कांग्रेस बताए, कितने गरीबों को गरीबी से बाहर निकाला; मोदी सरकार ने 25 करोड़ लोगों की बदली जिंदगी- मुख्यमंत्री

 

मोदी को बदनाम करने की स्क्रिप्ट लेकर घूम रही कांग्रेस, सेवा और तपस्या के 25 साल नहीं झुठला पाएगी- मुख्यमंत्री

 

जब युवा अवसर मांग रहा था तब कहां थी कांग्रेस; आज मोदी सरकार से हिसाब मांगने का कर रही ढोंग- मुख्यमंत्री

 

चंडीगढ़, 11 सितंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस ने लगभग 55 वर्षों तक देश पर शासन किया, लेकिन वह आज भी यह नहीं बता सकती कि उसके शासनकाल में कितने लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण के लिए लागू की गई नीतियों और योजनाओं के परिणामस्वरूप लगभग 25 करोड़ देशवासी गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र के प्रति समर्पण की यात्रा के रहे हैं, जिसका सकारात्मक बदलाव आज देश की जनता स्वयं अनुभव कर रही है।

पंचकूला में ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के पास प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कार्यों का मुकाबला करने के लिए न कोई नीति है, न मुद्दा और न ही कोई ठोस एजेंडा। इसलिए कांग्रेस के नेता बाहर से लिखी स्क्रिप्ट लेकर प्रधानमंत्री को बदनाम करने का प्रयास करते हैं, लेकिन देश की जनता प्रधानमंत्री के 25 वर्षों की निरंतर सेवा, त्याग और तपस्या की साक्षी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने बिना रुके और बिना थके देश तथा देशवासियों की सेवा की है। कांग्रेस को प्रधानमंत्री के प्रति अपशब्दों का प्रयोग करने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए और अपने लंबे शासनकाल के दौरान गरीब, महिला और युवा के लिए किए गए कार्यों पर विचार करना चाहिए।

*कांग्रेस के पास गरीबों के आंकड़े थे, गरीबी से बाहर निकालने का नहीं कोई हिसाब*

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में गरीब और गरीब होता गया। कांग्रेस के पास गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों के आंकड़े तो थे, लेकिन वह आज भी यह नहीं बता सकती कि उसके शासनकाल में कितने गरीबों को गरीबी से बाहर निकाला गया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक गरीबों का शोषण किया। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गरीब के सम्मान और उसके जीवन स्तर में सुधार को सरकार की नीतियों के केंद्र में रखा। गरीब कल्याण की इसी सोच का परिणाम है कि लगभग 25 करोड़ देशवासी गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब को पक्की छत देना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गरीब-कल्याण की सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हरियाणा में गरीब परिवारों को लगभग 1 लाख 60 हजार मकान बनाकर दिए गए हैं। यह केवल पक्की छत उपलब्ध करवाने का कार्य नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

*मोदी का मजाक बनाते-बनाते गरीब महिलाओं के सम्मान का मजाक बना रही थी कांग्रेस*

मुख्यमंत्री ने कहा कि 55 वर्षों तक देश पर शासन करने वालों को गरीब माताओं, बहनों और बेटियों की पीड़ा दिखाई नहीं दी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश में लगभग 12 करोड़ शौचालय बनवाकर महिलाओं को ‘इज्जत घर’ देने का काम किया। जब प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से शौचालय निर्माण का संकल्प व्यक्त किया तो कांग्रेस ने उसका भी मजाक उड़ाया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस उस समय यह नहीं समझ पाई कि वह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का नहीं, बल्कि देश की उन गरीब माताओं, बहनों और बेटियों के सम्मान का मजाक उड़ा रही थी, जिनके घरों में शौचालय की सुविधा तक उपलब्ध नहीं थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भी कांग्रेस ने वैक्सीन को लेकर सवाल उठाए और लोगों में भ्रम पैदा करने का प्रयास किया। कांग्रेस के नेताओं ने स्वयं वैक्सीन लगवाई, लेकिन देश के गरीब और आम नागरिकों को वैक्सीन के प्रति हतोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि महामारी के उस कठिन दौर में वैक्सीन को लेकर लोगों को भ्रमित करना उनके स्वास्थ्य और जीवन को जोखिम में डालने जैसा था।

उन्होंने कहा कि आज चुनाव-दर-चुनाव कांग्रेस इसके परिणाम देख रही है। देश की जनता प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से इसलिए स्नेह करती है, क्योंकि उन्होंने गरीब, महिला और युवा के जीवन में आए बदलाव को स्वयं देखा और अनुभव किया है।

*जब देश का युवा अवसर मांग रहा था, तब कहां थी कांग्रेस- मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कांग्रेस के लोग युवाओं की बात करते हैं और सवाल उठाते हैं कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के लिए क्या किया। कांग्रेस को पहले यह बताना चाहिए कि जब देश का युवा अवसर मांग रहा था, तब कांग्रेस कहां थी। उसके शासनकाल में युवाओं के लिए क्या नीति थी और देश के युवाओं की स्थिति क्या थी।

उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया, मेक इन इंडिया और फिट इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले गए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं को नए अवसर और आत्मविश्वास प्रदान करने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की राह दिखाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हरियाणा में 12,500 से अधिक स्टार्टअप कार्यरत हैं और 19 यूनिकॉर्न उभर चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज बेहतर सड़कों और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ उठाते हुए यह कहना कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने कुछ नहीं किया, कांग्रेस की राजनीति के विरोधाभास को दर्शाता है।

*प्रधानमंत्री को अपशब्द कहने से कांग्रेस को नहीं मिलेगा जनता का विश्वास*

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुद्दों से खाली कांग्रेस के पास अब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को अपशब्द कहने के अलावा कुछ नहीं बचा है। कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि प्रधानमंत्री को अपशब्द कहना उस गरीब का अपमान है, जिसे पक्का घर मिला है; उस महिला का अपमान है, जिसे सम्मान मिला है और उस युवा का अपमान है, जिसे आगे बढ़ने के नए अवसर मिले हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबान में झाँकना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को कोसने और अपशब्द कहने से कांग्रेस की राजनीतिक भूख शांत नहीं होगी। जनता का विश्वास प्राप्त करने के लिए कांग्रेस को गरीब, महिला और युवा के प्रति अपनी सोच बदलनी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की जनता देख रही है कि कौन काम कर रहा है और कौन केवल विरोध की राजनीति कर रहा है। आलोचना करना और अपशब्द कहना कांग्रेस की हताशा को दर्शाता है और ऐसा लगता है कि यह उसके राजनीतिक डीएनए में समा गया है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है और उसे सरकार का विरोध करने का अधिकार है। हम भी विपक्ष में रहे हैं और उस समय जनता की आवाज को मजबूती से उठाया है। लेकिन आज कांग्रेस के पास न कोई मुद्दा बचा है, न नीति और न ही कोई ठोस एजेंडा। उन्होंने कहा कि सुबह उठकर झूठ बोलना और रात को झूठ बोलकर सो जाना ही कांग्रेस की राजनीति बनकर रह गई है।

*पंजाब को नशामुक्त करने के वादों की हकीकत जनता के सामने*

एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में सत्ता में आने से पहले वहां की सरकार ने प्रदेश को नशामुक्त करने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज नशे के खिलाफ उनकी लड़ाई की हकीकत सबके सामने है।

उन्होंने कहा कि नशे से परेशान एक बेबस पिता ने पंजाब के मंत्री के सामने गुहार लगाई, लेकिन उसकी पुकार नहीं सुनी गई और आखिरकार उसे अपनी जान तक गंवानी पड़ी। उन्होंने कहा कि इनकी राजनीति का सच यही है कि बोलते कुछ हैं और करते कुछ हैं। झूठे वादों और खोखले दावों से अब पंजाब की जनता को गुमराह नहीं किया जा सकता। जनता वादों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को अच्छी तरह समझ चुकी है।

क्रमांक – 2026

हरियाणा ने एचआईवी नियंत्रण में हासिल की बड़ी सफलता

– राष्ट्रीय ‘95-95-95’ लक्ष्यों के करीब पहुंचा

– जनवरी से निदान कवरेज 85.2% से बढ़कर 93.2% हुई

– पांच जिलों ने हासिल किया पूर्ण लक्ष्य का दर्जाराज्यव्यापी युवा व जागरूकता अभियान शुरू

चंडीगढ़, 11 सितंबर – एचआईवी/एड्स के खिलाफ अपनी लड़ाई में हरियाणा ने एक बड़ी सफलता दर्ज की है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने आज यहां बताया कि राज्य ने कुछ ही महीनों के भीतर वैश्विक 95-95-95 लक्ष्यों पर अपने प्रदर्शन में काफी सुधार किया है और देश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में उभरकर सामने आया है।

राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के त्वरित कार्यान्वयन का विवरण देते हुए डॉ. मिश्रा ने कहा कि हरियाणा ने आक्रामक मरीज ट्रैकिंग, लक्षित हस्तक्षेप (Targeted Interventions), विस्तारित जांच, इलाज में निरंतरता (Treatment Retention) और एक अभूतपूर्व राज्यव्यापी जागरूकता अभियान के माध्यम से महत्वपूर्ण प्रगति की है। यह अभियान विशेष रूप से युवाओं और संवेदनशील समुदायों पर केंद्रित है।

जनवरी 2026 में राज्य पहले ’95’ लक्ष्य में 85.2 प्रतिशत और दूसरे ’95’ लक्ष्य में 83.7 प्रतिशत पर था, जो अब बढ़कर क्रमशः 93.2 प्रतिशत और 90.9 प्रतिशत हो गया है। वहीं, 95.8 प्रतिशत ‘वायरल सप्रेशन‘ (वायरल लोड में कमी) के साथ राज्य तीसरे लक्ष्य को पहले ही पार कर चुका है।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि यह सुधार हरियाणा के उन गहन प्रयासों को दर्शाता है जिनके तहत एचआईवी पीड़ित लोगों का निदान, इलाज शुरू करना और वायरल सप्रेशन हासिल करना सुनिश्चित किया जा रहा है।

जिला स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए कुरुक्षेत्र, कैथल, भिवानी, पंचकुला और यमुनानगर ने निदान, उपचार और वायरल सप्रेशन के प्रमुख परिचालन लक्ष्यों में ‘सुरक्षित‘ का पूर्ण लक्ष्य दर्जा प्राप्त कर लिया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के समग्र प्रदर्शन ने राज्य को देश के छह शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में ला खड़ा किया है।

अंबाला, जींद, पलवल, फरीदाबाद, रेवाड़ी और सोनीपत सहित कई अन्य जिलों ने महत्वपूर्ण उपचार लक्ष्य हासिल कर लिए हैं और वे ‘सक्षम’ जिलों के रूप में पूर्ण लक्ष्य दर्जे की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।

डॉ. मिश्रा ने बताया कि हरियाणा ने उन लोगों को वापस लाने के लिए एक गहन ट्रैकिंग और पेशेंट-रिटेंशन रणनीति अपनाई है जिन्होंने इलाज छोड़ दिया था या जिनका फॉलो-अप टूट गया था। ऐसे लगभग आधे व्यक्तियों को स्वास्थ्य प्रणाली से सफलतापूर्वक फिर से जोड़ लिया गया है, जिससे जीवन रक्षक इलाज की निरंतरता सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है।

हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी ने अपने एकीकृत परामर्श और जांच केंद्रों , एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी केंद्रों और सुरक्षा क्लीनिकों के नेटवर्क को भी मजबूत किया है, जो पूरे राज्य में मुफ्त एचआईवी जांच, परामर्श, उपचार सहायता और वायरल लोड निगरानी प्रदान कर रहे हैं।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि उस आबादी तक पहुँचने पर विशेष जोर दिया जा रहा है जो संवेदनशील हैं या जहाँ पहुँचना कठिन है। प्रवासियों, ट्रक ड्राइवरों, महिला सेक्स वर्करों, सुई से नशा करने वालों और ट्रांसजेंडर समुदायों के लिए रात और शाम के आउटरीच कार्यक्रमों सहित लक्षित हस्तक्षेप चलाए जा रहे हैं।

हरियाणा ने जेलों और ओपिओइड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी केंद्रों में दैनिक जांच प्रोटोकॉल के माध्यम से एचआईवी स्क्रीनिंग को भी तेज कर दिया है। इसके अलावा, उन समुदायों तक पहुँचने के लिए शाम और सप्ताहांत (वीकेंड) शिविरों का आयोजन किया जा रहा है जो सामान्य स्वास्थ्य सेवा नेटवर्क से बाहर रह सकते हैं।

उन्होंने बताया कि जवाबदेही और त्वरित कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए, हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी की परियोजना निदेशक और उनकी टीम नियमित रूप से जिला दौरों, समीक्षाओं और निगरानी कार्यों को अंजाम दे रही है। जिन व्यक्तियों का फॉलो-अप छूट गया था, उनका पता लगाने और उन्हें फिर से जोड़ने के लिए राज्य ने दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश के साथ समन्वय भी मजबूत किया है।

डॉ. मिश्रा ने बताया कि वंचित आबादी तक पहुँचने के लिए एकीकृत स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी और गैर-संचारी रोगों की व्यापक स्क्रीनिंग की जा रही है।

संचार के क्षेत्र में एक बड़े कदम के तहत, हरियाणा ने समाज के हर वर्ग तक एचआईवी रोकथाम संदेश पहुँचाने के उद्देश्य से एक व्यापक मल्टी-मीडिया सूचना, शिक्षा और संचार अभियान शुरू किया है।

डॉ मिश्रा के अनुसार प्रमुख रेलवे स्टेशनों और व्यस्त सड़क किनारों पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से जागरूकता संदेश प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जबकि सिनेमाघरों में वीडियो स्पॉट दिखाए जा रहे हैं और दूरदर्शन पर इनका प्रसारण किया जा रहा है। आकाशवाणी (ऑल इंडिया रेडियो), निजी एफएम चैनलों और बस स्टेशन अनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से ऑडियो अभियान चलाए जा रहे हैं। इस अभियान में ऑटो-हुड रैप्स और कैब डिस्प्ले के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन ब्रांडिंग भी शामिल है।

अभियान को जमीनी स्तर तक ले जाने के लिए 15 सितंबर से सभी जिलों में एक गहन लोक मीडिया (Folk Media) अभियान शुरू होगा। इसमें गांव और ब्लॉक स्तर पर एचआईवी जांच को बढ़ावा देने, भ्रांतियों और गलत सूचनाओं को चुनौती देने तथा कलंक (स्टिग्मा) और भेदभाव से लड़ने के लिए पारंपरिक कला रूपों का उपयोग किया जाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि युवा लामबंदी (Youth Mobilisation) हरियाणा के इस गहन अभियान के एक अन्य प्रमुख स्तंभ के रूप में उभरी है। सघन आईईसी अभियान 2026 के तहत, एचआईवी रोकथाम जागरूकता फैलाने के लिए पंचकुला में एक बड़ी बाइकर रैली और वॉकथॉन तथा प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर फ्लैश मॉब सहित कई बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

डॉ मिश्रा ने जानकारी दी कि माध्यमिक शिक्षा विभाग के समन्वय से आयोजित ‘रेड रिबन क्विज प्रतियोगिताएं’ पूरे हरियाणा में स्कूल के छात्रों को जोड़ रही हैं, जबकि जिला स्तरीय ‘रेड रन’ एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ समाप्त होंगी। शैक्षणिक संस्थानों में एक सतत सहकर्मी-से-सहकर्मी जागरूकता नेटवर्क बनाने के लिए रेड रिबन क्लब के नोडल शिक्षकों और पीयर एजुकेटरों के लिए निरंतर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि कम उम्र में ही एचआईवी/एड्स, व्यक्तिगत स्वच्छता और संबंधित स्वास्थ्य मुद्दों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए कक्षा 8वीं, 9वीं और 11वीं के छात्रों के लिए 16 घंटे का ‘किशोर शिक्षा कार्यक्रम’ भी लागू किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भविष्य की ओर देखते हुए, हरियाणा स्वास्थ्य अधिकारियों, जिला प्रशासनों, पुलिस और बाल विकास एजेंसियों के बीच समन्वय को और मजबूत कर रहा है ताकि विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के बीच स्क्रीनिंग का विस्तार किया जा सके और मां से बच्चे में एचआईवी के प्रसार (Vertical Transmission) को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।

डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि हरियाणा 2030 के वैश्विक लक्ष्य—शून्य नए एचआईवी संक्रमण, शून्य एड्स से संबंधित मौतें और शून्य भेदभाव—के अनुरूप एक स्पष्ट दीर्घकालिक उद्देश्य के साथ काम कर रहा है। हालिया उपलब्धियां यह दर्शाती हैं कि हरियाणा इस महामारी पर अधिक मजबूत नियंत्रण की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

क्रमांक -2026

जंगबीर सिंह

हरियाणा की जेलों में एक माह तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान’: डॉ. अरविंद शर्मा

 

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक जेलों में पौधारोपणरक्तदानयोग व आध्यात्मिक गतिविधियों के साथ शिक्षा और सुधार से जुड़ी गतिविधियां होंगी

 

जेलों में पढ़ाई कर रहे युवा बंदियों से संवाद कर उनके विचार और सुझाव भी लिए जाएंगे

चंडीगढ़, 11 सितंबर- हरियाणा के सहकारिता, कारागार, पर्यटन, विरासत एवं निर्वाचन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रदेश की जेलों में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। इस दौरान जेलों में पौधारोपण, रक्तदान शिविर, योग, स्वास्थ्य एवं आध्यात्मिक गतिविधियों के साथ-साथ शिक्षा और सुधार से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान में अधिक से अधिक बंदियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

सेवा और सकारात्मक सोच का संदेश जेलों तक पहुंचाना उद्देश्य

डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में सेवा को प्राथमिकता देते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग को राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनाने पर जोर दिया है। सेवा संकल्प अभियान के दौरान इसी संदेश को जेलों तक पहुंचाया जाएगा। पौधारोपण से पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान से सेवा, योग से स्वास्थ्य और आध्यात्मिक गतिविधियों से सकारात्मक सोच का संदेश दिया जाएगा।

जेलवार कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश

कारागार मंत्री ने प्रदेश के सभी जेल अधिकारियों को अभियान को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए जेलवार कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रत्येक जेल में अलग-अलग गतिविधियों की रूपरेखा पहले से तैयार की जाए, ताकि पूरे एक माह के दौरान निरंतर कार्यक्रम आयोजित किए जा सकें। अभियान को किसी एक आयोजन तक सीमित न रखते हुए जेलों में उपलब्ध सुविधाओं और बंदियों की भागीदारी को ध्यान में रखकर गतिविधियों का स्वरूप तय किया जाए।

युवा बंदियों से होगा संवाद

 

अभियान के दौरान जेलों में शिक्षा प्राप्त कर रहे युवा बंदियों के साथ विशेष संवाद भी किया जाएगा। इस दौरान सेवा, शिक्षा, भविष्य, कौशल और समाज की मुख्यधारा में वापसी जैसे विषयों पर उनके विचार साझा किए जाएंगे और उन्हें अपनी बात एवं सुझाव रखने का अवसर दिया जाएगा। कारागार मंत्री ने अधिकारियों को ऐसे बंदियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

शिक्षा और सुधार से जुड़ी गतिविधियों पर रहेगा जोर

 

डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि जेलों में शिक्षा और सुधार से जुड़ी गतिविधियां पहले से संचालित की जा रही हैं और सेवा संकल्प अभियान के दौरान इन गतिविधियों से जुड़े बंदियों की भागीदारी को और बढ़ाया जाएगा। प्रदेश की जेलों में आईटीआई के विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण के साथ इग्नू, मुक्त विद्यालयी शिक्षा और साक्षरता से संबंधित कार्यक्रम भी चल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य जेलों में सकारात्मक वातावरण को और मजबूत करना तथा बंदियों को सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और आध्यात्मिक गतिविधियों के

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