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लाल चंद कटारूचक ने रईया मंडी में धान खरीद प्रबंधों का लिया जायजा, 1887 मंडियां अधिसूचित

लाल चंद कटारूचक ने रईया मंडी में धान खरीद प्रबंधों का लिया जायजा

चंडीगढ़/अमृतसर, 1 अक्टूबर: पंजाब में धान की सरकारी खरीद शुरू होने के साथ ही खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक ने अमृतसर जिले की रईया अनाज मंडी का दौरा कर खरीद प्रबंधों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने किसानों, मजदूरों और आढ़तियों से बातचीत कर मंडी में उपलब्ध सुविधाओं और खरीद प्रक्रिया की जानकारी ली।

मंत्री ने मंडी में किसानों गगनदीप सिंह गगड़ेवाल और परमिंदर सिंह जल्लूपुर की फसल की खरीद होने पर उनका मुंह मीठा करवाया। इस दौरान बाबा बकाला साहिब के विधायक दलबीर सिंह टोंग, रईया नगर कौंसिल अध्यक्ष संजीव भंडारी, आढ़ती एसोसिएशन अध्यक्ष राजीव भंडारी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

पत्रकारों से बातचीत में कटारूचक ने कहा कि पंजाब में 1 अक्टूबर से धान की सरकारी खरीद शुरू हो गई है। राज्य सरकार के अनुसार किसानों की सुविधा के लिए मंडियों में छाया, स्वच्छ पेयजल, सफाई और बिजली समेत आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

उन्होंने बताया कि खरीद सीजन 2026-27 के लिए पंजाब को 180 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य मिला है। खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए राज्यभर में 1,887 मंडियां अधिसूचित की गई हैं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मंडियों को भी खरीद कार्य के लिए सक्रिय किया जाएगा। विभाग के अनुसार फसल की पैकिंग के लिए 5 लाख बारदाना बैग उपलब्ध हो चुके हैं।

कटारूचक ने बताया कि अक्टूबर महीने के लिए पंजाब को ₹42,786.68 करोड़ की नकद ऋण सीमा मंजूर हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा खरीदी गई धान की फसल के भुगतान को समय पर सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार के अनुसार धान की खरीद ₹2,461 प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी और खरीद के 24 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान करने का लक्ष्य रखा गया है।

मंत्री ने कहा कि मंडियों में फसल उतारने और पैकिंग का काम करने वाले मजदूरों के लिए पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया में किसानों, आढ़तियों और मजदूरों के हितों को ध्यान में रखा जा रहा है।

कटारूचक ने किसानों से अपील की कि वे फसल पूरी तरह पकने के बाद ही कटाई करें और मंडी में अच्छी तरह सूखा हुआ धान लेकर आएं। उन्होंने बताया कि केंद्र द्वारा खरीद के लिए धान में अधिकतम 17 प्रतिशत नमी की सीमा निर्धारित की गई है।

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