नशे के खिलाफ संघर्ष करने वाले साथियों की याद में कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह और पूर्व मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू के नेतृत्व में विशाल कैंडल मार्च
नशे के खात्मे के लिए सिर्फ दावे नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई और सामूहिक प्रयासों की जरूरत: बलबीर सिंह सिद्धू
25 अक्टूबर 2026, मोहाली
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सरदार बलबीर सिंह सिद्धू के नेतृत्व में गुरुद्वारा अंब साहिब, फेज-8, मोहाली से शुरू होकर फेज-7 तक स्वर्गीय परविंदर सिंह झोटा, स्वर्गीय गुलजार सिंह और नशे के कारण बिछड़ी अन्य रूहों को श्रद्धांजलि देने तथा नशा मुक्त पंजाब की आवाज बुलंद करने के लिए विशाल कैंडल रोष मार्च निकाला गया। इस दौरान झाड़ू बिखेरकर भी रोष प्रदर्शन किया गया।
इस प्रदर्शन में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सरदार परगट सिंह और फरीदकोट से पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों ने विशेष रूप से शिरकत की।
इस मौके पर उपस्थित लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर बिछड़ी रूहों को श्रद्धांजलि अर्पित की और पंजाब से नशे के खात्मे के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का संदेश दिया।
सरदार परगट सिंह ने आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरते हुए कहा कि पंजाब में नशे का कहर लगातार परिवारों को उजाड़ रहा है, लेकिन सरकार के नशा खत्म करने के दावे जमीनी हकीकत के सामने खोखले साबित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय परविंदर सिंह झोटा, स्वर्गीय गुलजार सिंह और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले अन्य दिवंगत साथियों की याद केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह सरकार को उसकी जिम्मेदारी का एहसास करवाने वाली आवाज बननी चाहिए। जो सरकार नशा खत्म करने के बड़े-बड़े वादे करके सत्ता में आई थी, उसे आज पंजाब के लोगों को बताना चाहिए कि नशे की सप्लाई रोकने और नौजवानों की जान बचाने के लिए वास्तव में क्या किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामी का खामियाजा पंजाब के माता-पिता और नौजवानों को नहीं भुगतना चाहिए। अब समय आ गया है कि केवल बयानों और प्रचार की जगह नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, जवाबदेही तय हो और पंजाब की जवानी को बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
इस मौके पर संबोधित करते हुए सरदार बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई किसी एक व्यक्ति, राजनीतिक पार्टी या संस्था की लड़ाई नहीं, बल्कि पूरे पंजाब की साझा लड़ाई है। इसलिए सरकार, प्रशासन, सामाजिक संगठनों और आम लोगों को मिलकर काम करने की जरूरत है। नशे की सप्लाई करने वाले तस्करों और इस गैरकानूनी कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, नशे की लत का शिकार हुए नौजवानों को उचित इलाज, काउंसलिंग और पुनर्वास की सुविधाएं देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि नशे के मुद्दे पर केवल नारे लगाने या अभियान चलाने से समस्या का समाधान नहीं हो सकता। इसके लिए जमीनी स्तर पर लगातार और प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। पंजाब के माता-पिता को अपने बच्चों के भविष्य की चिंता है और नौजवानों को नशे से बचाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि खेलों, शिक्षा, रोजगार और स्वस्थ सामाजिक माहौल के माध्यम से नौजवानों को सही दिशा देना बेहद जरूरी है।
कैंडल मार्च के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया गया कि नशे के खिलाफ आवाज बुलंद करना और नशे से प्रभावित परिवारों के दुख में शामिल होना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। इस मौके पर बिछड़ी रूहों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लोगों से नशा मुक्त पंजाब के निर्माण के लिए आगे आने की अपील की गई। सरदार बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि पंजाब की जवानी को बचाने और हर घर में खुशहाली वापस लाने के लिए नशे के खिलाफ संघर्ष लगातार जारी रहना चाहिए।
इस मौके पर पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष सरदार परगट सिंह, पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह ढिल्लों, पूर्व मेयर सरदार अमरजीत सिंह जीती सिद्धू, मार्केट कमेटी खरड़ के पूर्व चेयरमैन सरदार हरकेश चंद शर्मा मछली कलां, पूर्व डिप्टी मेयर सरदार अमरीक सिंह सोमल, एम.सी. अनुराधा आनंद, कमलप्रीत सिंह बन्नी, रुपिंदर रीना, देविंदर कौर वालिया, प्रदीप टांगरी, हैप्पी मलिक, जसप्रीत गिल, गुरदीप सिंह ढिल्लों, मनजीत सिंह गिल और शम्मी जगतपुरा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


