नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सियासत तेज, कुमारी सैलजा ने भाजपा से मांगा जवाब
नई दिल्ली/चंडीगढ़, 19 अप्रैल | प्रियंका ठाकुर
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने में देरी को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार से जवाब मांगा है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि वर्ष 2023 में पारित इस अधिनियम के तहत महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया था, लेकिन अब तक इसे लागू करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि देशभर की महिलाएं अब यह जानना चाहती हैं कि उनके संवैधानिक अधिकारों को लागू करने में देरी क्यों हो रही है।
उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने के बजाय इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 2029 के चुनावों से पहले महिलाओं को उनका आरक्षण अधिकार नहीं मिला, तो देशभर की महिलाएं लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देंगी।
कुमारी सैलजा ने प्रधानमंत्री के हालिया संबोधन पर भी टिप्पणी की और कहा कि ऐसे मंचों का उपयोग राजनीतिक टिप्पणियों के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए इस तरह के प्रयास कर रही है, जो प्रधानमंत्री पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की नीति स्पष्ट है और वह महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। पार्टी इस दिशा में निरंतर संघर्ष करती रहेगी ताकि महिलाओं को समान भागीदारी और उनके अधिकार मिल सकें।


