चंडीगढ़, 23 अप्रैल 2026:
Panjab University के 7वें लॉ कॉन्वोकेशन में 601 छात्रों को कानून की डिग्रियां प्रदान की गईं। यह समारोह सेक्टर-25 स्थित मल्टी-पर्पज ऑडिटोरियम, पीयू साउथ कैंपस में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षाविद और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इस अवसर पर Justice (Retd.) Dinesh Maheshwari मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि Justice Sheel Nagu ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
अपने संबोधन में जस्टिस दिनेश महेश्वरी ने वर्तमान समय को तकनीकी बदलाव का दौर बताते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि AI कानून के क्षेत्र में एक शक्तिशाली उपकरण है, जो केस लॉ का विश्लेषण करने, दस्तावेज तैयार करने और जटिल पैटर्न पहचानने में मदद करता है।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून केवल एल्गोरिद्म नहीं है और न्याय के लिए मानवीय समझ, संवेदनशीलता और विवेक की आवश्यकता होती है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे AI का उपयोग अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए करें, लेकिन इसे अपने निर्णय का विकल्प न बनने दें।
जस्टिस महेश्वरी ने कहा कि किसी भी मशीन में वह नैतिक कल्पना नहीं हो सकती, जो एक न्यायपूर्ण व्यवस्था के लिए आवश्यक है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारियों को समझें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए काम करें।
उन्होंने आगे कहा कि कानून के विद्यार्थियों को केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज की वास्तविकताओं को समझना भी जरूरी है। उन्होंने संविधान के मूल्यों—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व—को जीवन में अपनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत विभागाध्यक्ष प्रो. वंदना अरोड़ा और यूआईएलएस की निदेशक प्रो. श्रुति बेदी ने अतिथियों का स्वागत कर की। अंत में रजिस्ट्रार प्रो. वाई.पी. वर्मा ने कॉन्वोकेशन के समापन की घोषणा की।
इस मौके पर कुलपति प्रो. रेनू विग, डीन यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शन प्रो. योजना रावत, कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन प्रो. जगत भूषण सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


