हंसराज हंस का नया आध्यात्मिक गीत ‘ओहदियां खेड़ा’ रिलीज, बोले- अब राजनीति नहीं, सिर्फ सूफी संगीत के जरिए करूंगा सेवा
चंडीगढ़: अपनी मधुर और भावपूर्ण आवाज़ से देश-दुनिया में पहचान बनाने वाले हंसराज हंस ने अपने नए आध्यात्मिक गीत ‘ओहदियां खेड़ा’ के साथ संगीत जगत में एक बार फिर दमदार वापसी की है। चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने अपनी नई प्रस्तुति के साथ-साथ अपने भविष्य की योजनाओं पर भी खुलकर बात की।
प्रेस वार्ता में हंसराज हंस ने स्पष्ट किया कि अब उनका पूरा ध्यान केवल सूफी और आध्यात्मिक संगीत पर रहेगा। उन्होंने कहा कि वह राजनीति से दूरी बनाकर फिर से अपनी पुरानी पहचान, सूफी गायकी की परंपरा को आगे बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य ऐसी रचनाएं प्रस्तुत करना है, जो लोगों की आत्मा को शांति और सुकून का एहसास कराएं।
उन्होंने राजनीति पर टिप्पणी करने से भी इंकार करते हुए कहा कि अब वह केवल संगीत के माध्यम से समाज की सेवा करना चाहते हैं। उनका मानना है कि आध्यात्मिक संगीत लोगों को सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति प्रदान करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
इस अवसर पर गीतकार संजीव आनंद, प्रसिद्ध गीतकार शमशेर संधू और गायक कलाकार हरदीप भी मौजूद रहे। सभी ने इस प्रस्तुति को आध्यात्मिक संगीत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
‘ओहदियां खेड़ा’ को आनंद रिकॉर्ड्स और संजीव आनंद द्वारा प्रस्तुत किया गया है। यह गीत आस्था, भक्ति और जीवन की आध्यात्मिक यात्रा को समर्पित है। गीत के भावपूर्ण बोल और हंसराज हंस की आत्मीय आवाज़ श्रोताओं को आध्यात्मिक अनुभूति से जोड़ने का प्रयास करती है।
इस गीत के बोल संजीव आनंद ने लिखे हैं, जबकि संगीत अमदाद अली ने तैयार किया है। वीडियो का निर्देशन जस्स पेस्सी ने किया है और इस पूरे प्रोजेक्ट का निर्माण हर्षित आनंद ने किया है।
निर्माताओं का कहना है कि बेहतरीन संगीत, प्रेरणादायक शब्दों और आकर्षक दृश्यांकन से सजा ‘ओहदियां खेड़ा’ पंजाबी संगीत और आध्यात्मिक गायकी पसंद करने वाले श्रोताओं के लिए एक यादगार अनुभव साबित होगा। यह प्रस्तुति आनंद रिकॉर्ड्स की सार्थक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संगीत को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
By Priyanka Thakur


