रिपोर्ट: प्रियंका ठाकुर | www.24ghantenews.com
भारतीय क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा बेहद निराशाजनक साबित हुआ। आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में जीत का खाता नहीं खोल पाने के बाद भारत इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में भी एक भी मुकाबला नहीं जीत सका। सीरीज के पांचवें और अंतिम मैच में इंग्लैंड ने भारत को 56 रन से हराकर 4-0 से सीरीज अपने नाम कर ली। इस हार के साथ ही भारतीय टीम ने करीब 1600 दिनों से कायम आईसीसी टी20 रैंकिंग में अपना नंबर-1 स्थान भी गंवा दिया।
टी20 विश्व कप जीतने के बाद भारतीय टीम ने कप्तानी में बदलाव करते हुए सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर को टीम की कमान सौंपी थी। हालांकि, नए कप्तान के नेतृत्व में टीम का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत अब तक खेले गए शुरुआती सात टी20 मुकाबलों में एक भी जीत दर्ज नहीं कर पाया। आयरलैंड के खिलाफ 0-2 और इंग्लैंड के खिलाफ 0-4 की हार ने टीम के प्रदर्शन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
इंग्लैंड के खिलाफ मिली करारी हार का असर आईसीसी टी20 रैंकिंग पर भी पड़ा। फरवरी 2022 से लगातार दुनिया की नंबर-1 टी20 टीम बनी हुई भारतीय टीम अब दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन के दम पर न केवल सीरीज पर कब्जा जमाया, बल्कि आईसीसी टी20 रैंकिंग में भी शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। लगभग 1600 दिनों तक नंबर-1 रहने के बाद भारत का यह लंबा सफर समाप्त हो गया।
सीरीज के आखिरी मुकाबले में भारतीय टीम के चयन को लेकर भी चर्चा रही। कप्तान श्रेयस अय्यर और टीम प्रबंधन ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन से बाहर कर अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को मौका दिया। वैभव ने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों में 42 रन बनाए थे। हालांकि वह तेज गेंदबाजों की अतिरिक्त उछाल का पूरी तरह सामना नहीं कर सके, लेकिन उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की सराहना हुई थी।
दूसरी ओर, संजू सैमसन की वापसी भी टीम के लिए फायदेमंद साबित नहीं हुई। पांचवें टी20 मुकाबले में उन्होंने 14 गेंदों में तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से 27 रन बनाए, लेकिन बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे। उनके जल्दी आउट होने के बाद भारतीय बल्लेबाजी दबाव में आ गई और टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए मुकाबला हार गई।
अब भारतीय टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी लय वापस हासिल करने और आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों से पहले टीम संयोजन तथा नेतृत्व को मजबूत करने की होगी।


