डॉ. मनमोहन को मिलेगा पहला ‘भूषण ध्यानपुरी स्मृति लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’, सितंबर में होगा सम्मान समारोह
रिपोर्ट: प्रियंका ठाकुर | www.24ghantenews.com
पटियाला स्थित स्वप्न फाउंडेशन ने प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मान ‘भूषण ध्यानपुरी स्मृति वार्तक पुरस्कार’ को नए स्वरूप में ‘भूषण ध्यानपुरी स्मृति लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ के रूप में प्रदान करने की घोषणा की है। संस्था ने बताया कि इस सम्मान का उद्देश्य साहित्य के क्षेत्र में आजीवन उल्लेखनीय योगदान देने वाले रचनाकारों को सम्मानित करना है। इस सम्मान के अंतर्गत 51 हजार रुपये की नकद राशि, दोशाला और सम्मान-चिह्न प्रदान किया जाएगा।
संस्था की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि इस सम्मान की विशेषता केवल पुरस्कार तक सीमित नहीं रहेगी। सम्मान प्राप्त साहित्यकार के साहित्यिक योगदान, विचारों और रचनात्मक कार्यों को पूरे वर्ष विभिन्न साहित्यिक कार्यक्रमों, चर्चाओं और संवादों के माध्यम से पाठकों और साहित्य प्रेमियों तक पहुंचाया जाएगा।
इस प्रतिष्ठित सम्मान का पहला पुरस्कार प्रख्यात कवि, उपन्यासकार, चिंतक और आलोचक डॉ. मनमोहन को प्रदान किया जाएगा। डॉ. मनमोहन की अब तक 43 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें कविता, उपन्यास, आलोचना और चिंतन जैसी विभिन्न साहित्यिक विधाएं शामिल हैं। वर्ष 2013 में उन्हें उनके चर्चित उपन्यास ‘निर्वाण’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा पंजाबी अकादमी, दिल्ली और भाषा विभाग द्वारा भी उन्हें ‘शिरोमणि साहित्यकार सम्मान’ से सम्मानित किया जा चुका है।
साहित्य के अलावा प्रशासनिक और संस्थागत कार्यों में भी डॉ. मनमोहन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वे चंडीगढ़ साहित्य अकादमी में पहले उपाध्यक्ष और बाद में अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनेक साहित्यिक आयोजनों का सफल संचालन किया तथा युवा और बाल साहित्य को बढ़ावा देने के लिए नई पहल की।
भारतीय खुफिया ब्यूरो में स्पेशल डीजीपी के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद डॉ. मनमोहन वर्तमान में भारत सरकार की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सलाहकार तथा गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर में प्रोफेसर ऑफ एमिनेंस के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
सम्मान चयन समिति में कहानीकार बलीजीत, गुल चौहान, संस्था के महासचिव एवं शायर जगदीप सिद्धू, अध्यक्ष डॉ. कुलपिंदर शर्मा तथा संस्था के संरक्षक एवं वरिष्ठ शायर सुखविंदर कंबोज ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि डॉ. मनमोहन बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी हैं। उन्होंने अपने साहित्यिक लेखन और वैचारिक योगदान से पंजाबी साहित्य को नई दिशा दी है। समिति का मानना है कि उनके सम्मानित होने से इस पुरस्कार की प्रतिष्ठा और अधिक बढ़ेगी।
प्रख्यात साहित्यकार भूपिंदर सिंह मान, संदीप जसवाल, धर्मेंद्र सेखों, सुखविंदर सिद्धू, पंजाब विश्वविद्यालय के डॉ. प्रवीण कुमार तथा सुर सांझ कला मंच के अध्यक्ष, शायर और वार्ताकार सुरजीत सुमन ने भी इस निर्णय का स्वागत किया। सभी ने इसे पंजाबी साहित्य के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि डॉ. मनमोहन का सम्मान साहित्य जगत के लिए प्रेरणादायक साबित होगा।
स्वप्न फाउंडेशन के अनुसार, यह सम्मान समारोह सितंबर 2026 के प्रथम सप्ताह में चंडीगढ़ में आयोजित किया जाएगा, जिसमें साहित्य, शिक्षा और संस्कृति जगत की अनेक प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी।


